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फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर ठगी की कोशिश, केस दर्ज
Sant Kabir Nagar
Updated Sun, 09 Apr 2017 11:10 PM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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आईटीबीपी में भर्ती होने का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेजकर जालसाज ने परीक्षा में फेल अभ्यर्थी से ठगी की कोशिश की। आईटीबीपी के महानिदेशक से शिकायत के बाद उनके निर्देश और पीड़ित की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने रविवार को जालसाज के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मगहर के शेरपुर रेहरवा निवासी मोहम्मद अकरम खां ने बताया कि उनके बेटे मोहम्मद सलीम खां ने आईटीबीपी में नौकरी के लिए आवेदन किया था। वर्ष 2015 में बेटे का की परीक्षा हुई। लेकिन वह कई टेस्ट पास करने के बाद में एक में फे ल होकर घर चला आया था। आरोप है कि अक्टूबर 2016 में एक ज्वाइनिंग लेटर रजिस्टर्ड डाक से उसके घर पहुंचा। उसमें पहुंचने का पता स्पष्ट नहीं था, लेकिन 18,500 रुपये जमा करने को कहा गया था। पत्र में लिखे मोबाइल नंबर पर फोन करने पर जालसाज ने बताया बैंक पहुंचने के बाद वह खाता नंबर बताएगा। बैंक जाने पर जालसाज को उन्होंने फोन किया तो जालसाज ने उनके मोबाइल पर खाता नंबर और नाम मैसेज किया।
खाते में रकम भेजने के बजाय गांव के अन्य आईटीबीपी से जुड़े लोगों से पूछताछ की। पता चला कि फोर्स में कोई रकम पहले नहीं जमा कराई जाती है, यह फर्जी मामला है। मगहर कसबे के और बयारा गांव के रहने वाले तीन अन्य लोगों के पास भी ऐसा ही फर्जी ज्वाइनिंग लेटर आया था। इस मामले में महानिदेशक आईटीबीपी को शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच पड़ताल कराते हुए जालसाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जिससे आईटीबीपी की बदनामी न हो।
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कोतवाल कमला यादव ने बताया कि आईटीबीपी महानिदेशालय के निर्देश और मोहम्मद अकरम खां की तहरीर के आधार पर खाता उक्त नंबर और मोबाइल नंबर नाम पता अज्ञात के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। सर्विलांस सेल के माध्यम से मोबाइल नंबर और बैंक के माध्यम से खाता नंबर का पता कराने की कोशिश की जा रही है।
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मगहर के शेरपुर रेहरवा निवासी मोहम्मद अकरम खां ने बताया कि उनके बेटे मोहम्मद सलीम खां ने आईटीबीपी में नौकरी के लिए आवेदन किया था। वर्ष 2015 में बेटे का की परीक्षा हुई। लेकिन वह कई टेस्ट पास करने के बाद में एक में फे ल होकर घर चला आया था। आरोप है कि अक्टूबर 2016 में एक ज्वाइनिंग लेटर रजिस्टर्ड डाक से उसके घर पहुंचा। उसमें पहुंचने का पता स्पष्ट नहीं था, लेकिन 18,500 रुपये जमा करने को कहा गया था। पत्र में लिखे मोबाइल नंबर पर फोन करने पर जालसाज ने बताया बैंक पहुंचने के बाद वह खाता नंबर बताएगा। बैंक जाने पर जालसाज को उन्होंने फोन किया तो जालसाज ने उनके मोबाइल पर खाता नंबर और नाम मैसेज किया।
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खाते में रकम भेजने के बजाय गांव के अन्य आईटीबीपी से जुड़े लोगों से पूछताछ की। पता चला कि फोर्स में कोई रकम पहले नहीं जमा कराई जाती है, यह फर्जी मामला है। मगहर कसबे के और बयारा गांव के रहने वाले तीन अन्य लोगों के पास भी ऐसा ही फर्जी ज्वाइनिंग लेटर आया था। इस मामले में महानिदेशक आईटीबीपी को शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच पड़ताल कराते हुए जालसाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जिससे आईटीबीपी की बदनामी न हो।
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कोतवाल कमला यादव ने बताया कि आईटीबीपी महानिदेशालय के निर्देश और मोहम्मद अकरम खां की तहरीर के आधार पर खाता उक्त नंबर और मोबाइल नंबर नाम पता अज्ञात के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। सर्विलांस सेल के माध्यम से मोबाइल नंबर और बैंक के माध्यम से खाता नंबर का पता कराने की कोशिश की जा रही है।