{"_id":"576c1e584f1c1b0f32b4802c","slug":"during-the-commotion-ration-card-verification","type":"story","status":"publish","title_hn":"राशन कार्ड सत्यापन के दौरान हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
राशन कार्ड सत्यापन के दौरान हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Thu, 23 Jun 2016 11:39 PM IST
विज्ञापन
हंगामा किया।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बघौली ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत बखिरा में गुरुवार को राशन कार्ड सत्यापन के लिए आयोजित बैठक में जमकर हंगामा हुआ। बैठक में सत्यापन अधिकारी सीडीपीओ नहीं आए और अपनी जगह एक सफाईकर्मी को भेज दिया था। गांव के लोग निष्पक्ष तरीके से कार्ड सत्यापन करने की मांग को लेकर शोर- शराबा मचाना शुरू कर दिए। पुलिस के हस्तक्षेप पर ग्रामीण शांत हुए। सेक्रेट्री शिवमूरत मौर्य ने मौके की स्थिति को भांपते हुए बैठक को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया।
ग्रामीण राजेश गुप्त, प्रदीप वर्मा, सीताराम मौर्या, जयहिंद, चंद्रप्रकाश, अंजनी, कमलेश कसेरा, रामकुमार का आरोप था कि निर्धारित समय से एक घंटे देरी से बैठक शुरू होने से चिलचिलाती धूप में ग्रामीण परेशान रहे। जांच अधिकारी सीडीपीओ दीनानाथ द्विवेदी व सेक्रेट्री शिवनाथ मौर्या को बखिरा कस्बे के राशन कार्ड की सत्यापन का जिम्मा बीडीओ ने सौंपा था। आरोप था कि सीडीपीओ ने अपनी जगह एक सफाईकर्मी को भेजकर बैठक कराने के आदेश की अवहेलना करते हुए जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया। जबकि ग्रामीणों के बार-बार जानकारी मांगने पर सेक्रेट्री लगातार झूठ बोलते रहे।
काफी इंतजार के बाद दोपहर दो बजे शुरू हुई बैठक में सैकड़ो की संख्या में महिला, पुरुष अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर आए थे। बैठक की शुरुआत का कोरम शुरू होते ही ग्रामीणों ने सर्वप्रथम ग्राम प्रधान को बैठक में बुलाने की मांग की। प्रधानपति ने पहले स्वयं किंतु विरोध पर एक सदस्य की अध्यक्षता में कार्रवाई शुरू कराने का प्रयास किया,लेकिन ग्रामीणों के जोरदार विरोध से प्रधानपति की एक नही चल सकी। उसके बाद राशन कार्ड सत्यापन के लिए ग्रामीणों ने घर-घर जाकर जांच करने की बात जांच अधिकारियों के सामने रखी। जिस पर प्रधानपति ने कहा जो लोग यहां आए है, उनके कार्ड का सत्यापन यहीं करा लिया जाए, उसके बाद घर-घर जाकर जांच कराई जाएगी। प्रधानपति की इसी बात पर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों व प्रधान समर्थको के बीच पूरे मामले को लेकर जोरदार बहस शुरू हो गई। एक दूसरे पर लोग आरोप प्रत्यारोप मढ़ने लगे। तकरार इस हद तक बढ़ गई क़ि बखिरा चौकी इंचार्ज आरके पांडेय ने छह -सात कांस्टेबलों के साथ मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाला। इसी बीच प्रधान के किसी समर्थक ने दूसरे पक्ष को गाली गलौज भी दे दिया जिससे माहौल बिगड़ने लगा। पुलिस ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया। बाद में चौकी इंचार्ज द्वारा प्रधानपति को मौके से हटाने के बाद माहौल शांत हो सका। चुपके से कार्रवाई रजिस्टर पर महिलाओं और पुरुषो के हस्ताक्षर कराने की सूचना पर चौकी इंचार्ज ने रजिस्टर को अपने कब्जे में ले लिया।
विज्ञापन
बीडीओ से निष्पक्षता से सत्यापन कराने की मांग की
कार्ड सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने की शिकायत गांव के कुछ लोगों ने ब्लॉक कार्यालय पर पहुंच कर बीडीओ से की। राशन कार्ड बनाने में गड़बड़ी की गई है। इसकी सच्चाई सामने आने के भय से दूसरे पक्ष के लोगों ने बैठक में हंगामा मचा दिया। इससे बैठक स्थगित हो गई। शिकायत किया कि जांच टीम में सीडीपीओ को भी आना था किन्तु स्वयं न आकर वह एक सफाई कर्मी को भेज दिए थे। बीडीओ ने ग्रामीणों की मांग पर आदेश दिया कि बखिरा में एक-एक घर जाकर कार्ड सत्यापन कराएंगे। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ग्रामीण राजेश गुप्त, प्रदीप वर्मा, सीताराम मौर्या, जयहिंद, चंद्रप्रकाश, अंजनी, कमलेश कसेरा, रामकुमार का आरोप था कि निर्धारित समय से एक घंटे देरी से बैठक शुरू होने से चिलचिलाती धूप में ग्रामीण परेशान रहे। जांच अधिकारी सीडीपीओ दीनानाथ द्विवेदी व सेक्रेट्री शिवनाथ मौर्या को बखिरा कस्बे के राशन कार्ड की सत्यापन का जिम्मा बीडीओ ने सौंपा था। आरोप था कि सीडीपीओ ने अपनी जगह एक सफाईकर्मी को भेजकर बैठक कराने के आदेश की अवहेलना करते हुए जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया। जबकि ग्रामीणों के बार-बार जानकारी मांगने पर सेक्रेट्री लगातार झूठ बोलते रहे।
विज्ञापन
काफी इंतजार के बाद दोपहर दो बजे शुरू हुई बैठक में सैकड़ो की संख्या में महिला, पुरुष अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर आए थे। बैठक की शुरुआत का कोरम शुरू होते ही ग्रामीणों ने सर्वप्रथम ग्राम प्रधान को बैठक में बुलाने की मांग की। प्रधानपति ने पहले स्वयं किंतु विरोध पर एक सदस्य की अध्यक्षता में कार्रवाई शुरू कराने का प्रयास किया,लेकिन ग्रामीणों के जोरदार विरोध से प्रधानपति की एक नही चल सकी। उसके बाद राशन कार्ड सत्यापन के लिए ग्रामीणों ने घर-घर जाकर जांच करने की बात जांच अधिकारियों के सामने रखी। जिस पर प्रधानपति ने कहा जो लोग यहां आए है, उनके कार्ड का सत्यापन यहीं करा लिया जाए, उसके बाद घर-घर जाकर जांच कराई जाएगी। प्रधानपति की इसी बात पर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों व प्रधान समर्थको के बीच पूरे मामले को लेकर जोरदार बहस शुरू हो गई। एक दूसरे पर लोग आरोप प्रत्यारोप मढ़ने लगे। तकरार इस हद तक बढ़ गई क़ि बखिरा चौकी इंचार्ज आरके पांडेय ने छह -सात कांस्टेबलों के साथ मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाला। इसी बीच प्रधान के किसी समर्थक ने दूसरे पक्ष को गाली गलौज भी दे दिया जिससे माहौल बिगड़ने लगा। पुलिस ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया। बाद में चौकी इंचार्ज द्वारा प्रधानपति को मौके से हटाने के बाद माहौल शांत हो सका। चुपके से कार्रवाई रजिस्टर पर महिलाओं और पुरुषो के हस्ताक्षर कराने की सूचना पर चौकी इंचार्ज ने रजिस्टर को अपने कब्जे में ले लिया।
विज्ञापन
बीडीओ से निष्पक्षता से सत्यापन कराने की मांग की
कार्ड सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने की शिकायत गांव के कुछ लोगों ने ब्लॉक कार्यालय पर पहुंच कर बीडीओ से की। राशन कार्ड बनाने में गड़बड़ी की गई है। इसकी सच्चाई सामने आने के भय से दूसरे पक्ष के लोगों ने बैठक में हंगामा मचा दिया। इससे बैठक स्थगित हो गई। शिकायत किया कि जांच टीम में सीडीपीओ को भी आना था किन्तु स्वयं न आकर वह एक सफाई कर्मी को भेज दिए थे। बीडीओ ने ग्रामीणों की मांग पर आदेश दिया कि बखिरा में एक-एक घर जाकर कार्ड सत्यापन कराएंगे। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।