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पुलिस के खिलाफ भड़के लोग, जाम लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:34 PM IST
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अश्विनी की हत्या से नाराज व्यापारियों और गांव वालों ने धनघटा में जाम लगा दिया।
- फोटो : अमर उजाला
हैंसर। गागरगाड़ धनघटा निवासी अश्विनी चौधरी की हत्या कर फेंकी गई लाश मिलने की सूचना पर व्यापारी व ग्रामीण भड़क गए। हत्या के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए धनघटा चौक पर जाम लगा दिया। जाम हटवाने में जुटी पुलिस से लोगों की झड़प भी हुई। करीब एक घंटे बाद जाम तब हटा, जब एसओ धनघटा ने दो आरोपियों को हिरासत में लिए जाने की सूचना दी।
गागरगाड़ निवासी 25 वर्षीय अश्विनी कुमार चौधरी की लाश मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां प्रमिला देवी जहां रो-रो कर अचेत हो जा रही थी, वही धनघटा और गागरगाड़ के व्यापारियों में शोक की लहर दौड़ गई। लोग अपनी दुकानें बंद कर चौक पर एकत्रित हो गए। पीड़ित मां व अन्य परिजन बेटे की हत्या के लिए धनघटा पुलिस को जिम्मेदार बता रहे थे।
लोगों का कहना था कि धनघटा चौक पर स्थित मकान के सामने फल की दुकान करने वाले दुकानदारों से अश्वनी का विवाद चल रहा था। एक सप्ताह पूर्व फल विक्रेता से अश्विनी और उसके साथी को इस कारण मारा पीटा कि वह अपने मकान के सामने से दुकान हटवाने का प्रयास किया। मामला थाने पर भी गया, लेकिन पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
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लोगों का कहना था कि पुलिस यदि उस दिन मारपीट की घटना को गंभीरता से ली होती तो शायद अश्विनी की हत्या नहीं होती। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए मार्ग पर जाम लगा दिया। सुबह दस बजे से शुरू हुआ जाम करीब 11 बजे तब खुला, जब एसओ संतोष तिवारी ने कहा कि दो आरोपी हिरासत में ले लिए गए हैं। शेष को भी 12 घंटे के अंदर पकड़ लिया जाएगा।
पीड़ित मां व मामा अश्विनी की हत्या के लिए चीख-चीख कर धनघटा पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। इस बीच पुलिस कर्मियों से नाराज लोगों की झड़प भी हुई। अश्विनी की हत्या की सूचना हर कोई अवाक रह गया। लोगों का कहना था कि तीन भाइयो में मझला अश्विनी सुशील स्वभाव का था। किसी के साथ उसकी दुश्मनी भी नहीं थी।
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गागरगाड़ निवासी 25 वर्षीय अश्विनी कुमार चौधरी की लाश मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां प्रमिला देवी जहां रो-रो कर अचेत हो जा रही थी, वही धनघटा और गागरगाड़ के व्यापारियों में शोक की लहर दौड़ गई। लोग अपनी दुकानें बंद कर चौक पर एकत्रित हो गए। पीड़ित मां व अन्य परिजन बेटे की हत्या के लिए धनघटा पुलिस को जिम्मेदार बता रहे थे।
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लोगों का कहना था कि धनघटा चौक पर स्थित मकान के सामने फल की दुकान करने वाले दुकानदारों से अश्वनी का विवाद चल रहा था। एक सप्ताह पूर्व फल विक्रेता से अश्विनी और उसके साथी को इस कारण मारा पीटा कि वह अपने मकान के सामने से दुकान हटवाने का प्रयास किया। मामला थाने पर भी गया, लेकिन पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
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लोगों का कहना था कि पुलिस यदि उस दिन मारपीट की घटना को गंभीरता से ली होती तो शायद अश्विनी की हत्या नहीं होती। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए मार्ग पर जाम लगा दिया। सुबह दस बजे से शुरू हुआ जाम करीब 11 बजे तब खुला, जब एसओ संतोष तिवारी ने कहा कि दो आरोपी हिरासत में ले लिए गए हैं। शेष को भी 12 घंटे के अंदर पकड़ लिया जाएगा।
पीड़ित मां व मामा अश्विनी की हत्या के लिए चीख-चीख कर धनघटा पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। इस बीच पुलिस कर्मियों से नाराज लोगों की झड़प भी हुई। अश्विनी की हत्या की सूचना हर कोई अवाक रह गया। लोगों का कहना था कि तीन भाइयो में मझला अश्विनी सुशील स्वभाव का था। किसी के साथ उसकी दुश्मनी भी नहीं थी।