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आग से पंडाल समेत 67 घर जले, दो झुलसे
sant kabir nagar
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:32 AM IST
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संतकबीरनगर जनपद और सीमावर्ती जिले में शुक्रवार को हुई आग की घटनाओं में शादी के पंडाल समेत 67 घर जल गए। वहीं गागरगाड गांव के घुरहां टोला में दो लोग आग से झुलस गए।
बस्ती जिले के छिबरा गांव में शुक्रवार दोपहर आग से 50 झोपड़ियां जल गईं। आग लगने के बाद संतकबीरनगर जिले का सीमावर्ती गांव होने के कारण लोग दोनों जिलों के अफसरों के अग्निशमन दल की मांग करने रहे, लेकिन करीब दो घंटे बाद बस्ती जिले की फायर ब्रिगेड टीम गांव पहुंची। इसके बाद टीम ने गांव के लोगों की मदद से आग पर काबू किया गया। दरअसल, शुक्रवार दोपहर छिबरा गांव के सूर्यनरायन की झोपड़ी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। तेज हवा के कारण चंद पलों में ही विकराल रूप धारण कर लिया। देखते देखते आग पूरे गांव में फैल गई। धीरे-धीरे आग से रामप्यारे, तिलकदेव, रामदास, रंगीलाल, सुरेन्द्र, राम सुभग, रामफेर, राम उजागिर, राम स्वारथ, पप्पू, चंद्रभान , रमेश, इंद्रेश, जोखना देवी, चंद्रशेखर, रामप्रसाद, समेत लगभग 50 लोगों झोपड़ी और इसमें रखा सामान जल गया। आग में अजय कुमार, राम श्री समेत चार लोगों की चार मवेशी भी झुलस गए। घटना के करीब दो घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने किसी तरह स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पा लिया। लेकिन आंखों के सामने ही खुद की बर्बादी देखकर लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पीड़ितों ने बताया कि दो जिलों के सीमा पर रहने के कारण प्रशासन ने सजगता नहीं बरती। प्रशासन यह जानने में लगा रहा कि गांव संतकबीरनगर में है अथवा बस्ती में।
महुली थाना क्षेत्र के पिकौरा में शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे गांव निवासी रघुनाथ गौड़ की झोपड़ी में आग लग गई। ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते आग आग ने बगल के त्रिवेणी गौड़, रामललित यादव व चंद्रशेखर यादव के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने की जानकारी मिलते ही गांव के सर्वेश सिंह ने तत्काल इसकी सूचना फायर सर्विस टीम को देने के साथ महुली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही महुली थाने के एसआई देवीदीन व विनोद पांडेय मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों के साथ आग बुझाने के कार्य में जुट गए।
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उसी दौरान दमकल भी मौके पर पहुंच गया। ग्रामीणों और दमकल के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक उपरोक्त चारो लोगों के घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। इसी तरह रेवटा गांव के सीवान में दिन के दो बजे अज्ञात कारण से आग लग गई। आग बढ़ते हुए गोरयाघाट गांव तक पहुंच गई। आस पास गांव के ग्रामीण दहशत जदा हो उठे कि आग कही गोरयाघाट गांव में न पहुंच जाए। हालांकि ग्रामीण और दमकल कर्मियों की मशक्कत के बाद आग को गांव के पास बंधे तक पहुंचते पहुंचते काबू में कर लिया।
पौली में क्षेत्र के गागरगाड गांव के घुरहां टोला में शुक्रवार की शाम श्यामरथी के घर से अज्ञात कारणों से आग लग गई। इसके बाद आग ने इंदर, विफई, लालचंद, धर्मराज, राम अशीष, रामशब्द, राजमन और चंद्रेश समेत नौ लोगों के घरों को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक लोग आग पर काबू कर पाते नौ लोगों के घर जल चुके थे। घटना की सूचना पर पौली चौकी इंचार्ज विनोद कुमार मौके पर पहुंच गए। लेकिन दमकल टीम तब पहुंचा जब आग को गांव के लोगों ने बुझा दी थी। वहीं आग के बीच श्यामरथी का पांच वर्षीय बालक फंस गया। जिसे निकालने के प्रयास में बालक के साथ ही शोभराज पांडेय भी झुलस गए। दोनों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पर ले जाया गया।
वहीं कोतवाली क्षेत्र के बघौली गांव में शुकवार की देर शाम अज्ञात कारणों से लगी आग में चार घर जल कर राख हो गए।
जानकारी के अनुसार बघौली निवासी भुनकेशर, धर्मराज, सोनू, चंद्रिका का घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग उठता देखकर ग्रामीणो ने आग को बुझाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे फायर सर्विस की गाड़ियों ने आग को बुझाया। आग लगने से भूनकेशर का नकदी, जेवर, कपड़ा आदि जल गया है। ग्राम प्रधान स्वतंत्र लाल ने पीड़ितो को आर्थिक मदद के साथ अनाज उपलब्ध कराया।
आग से दुकान जलीः मेंहदावल के भिटियां गांव निवासी महेश पुत्र रामआसरे की भिटियां चौराहे पर स्थित दुकान में शुक्रवार को आग लग गई। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने इसकी सूचना फायर बिग्रेड को दी। गांव के लोग जब तक आग बुझाई तक महेश की जलपान की और मथुरा पुत्र त्रिवेणी की गुमटी जल गई। दुकान मालिकों ने बताया कि आग की घटना में उनका काफी नुकसान हुआ। लेखपाल मेंहदी हसन ने भी मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया।
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बस्ती जिले के छिबरा गांव में शुक्रवार दोपहर आग से 50 झोपड़ियां जल गईं। आग लगने के बाद संतकबीरनगर जिले का सीमावर्ती गांव होने के कारण लोग दोनों जिलों के अफसरों के अग्निशमन दल की मांग करने रहे, लेकिन करीब दो घंटे बाद बस्ती जिले की फायर ब्रिगेड टीम गांव पहुंची। इसके बाद टीम ने गांव के लोगों की मदद से आग पर काबू किया गया। दरअसल, शुक्रवार दोपहर छिबरा गांव के सूर्यनरायन की झोपड़ी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। तेज हवा के कारण चंद पलों में ही विकराल रूप धारण कर लिया। देखते देखते आग पूरे गांव में फैल गई। धीरे-धीरे आग से रामप्यारे, तिलकदेव, रामदास, रंगीलाल, सुरेन्द्र, राम सुभग, रामफेर, राम उजागिर, राम स्वारथ, पप्पू, चंद्रभान , रमेश, इंद्रेश, जोखना देवी, चंद्रशेखर, रामप्रसाद, समेत लगभग 50 लोगों झोपड़ी और इसमें रखा सामान जल गया। आग में अजय कुमार, राम श्री समेत चार लोगों की चार मवेशी भी झुलस गए। घटना के करीब दो घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने किसी तरह स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पा लिया। लेकिन आंखों के सामने ही खुद की बर्बादी देखकर लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पीड़ितों ने बताया कि दो जिलों के सीमा पर रहने के कारण प्रशासन ने सजगता नहीं बरती। प्रशासन यह जानने में लगा रहा कि गांव संतकबीरनगर में है अथवा बस्ती में।
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महुली थाना क्षेत्र के पिकौरा में शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे गांव निवासी रघुनाथ गौड़ की झोपड़ी में आग लग गई। ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते आग आग ने बगल के त्रिवेणी गौड़, रामललित यादव व चंद्रशेखर यादव के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने की जानकारी मिलते ही गांव के सर्वेश सिंह ने तत्काल इसकी सूचना फायर सर्विस टीम को देने के साथ महुली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही महुली थाने के एसआई देवीदीन व विनोद पांडेय मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों के साथ आग बुझाने के कार्य में जुट गए।
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उसी दौरान दमकल भी मौके पर पहुंच गया। ग्रामीणों और दमकल के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक उपरोक्त चारो लोगों के घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। इसी तरह रेवटा गांव के सीवान में दिन के दो बजे अज्ञात कारण से आग लग गई। आग बढ़ते हुए गोरयाघाट गांव तक पहुंच गई। आस पास गांव के ग्रामीण दहशत जदा हो उठे कि आग कही गोरयाघाट गांव में न पहुंच जाए। हालांकि ग्रामीण और दमकल कर्मियों की मशक्कत के बाद आग को गांव के पास बंधे तक पहुंचते पहुंचते काबू में कर लिया।
पौली में क्षेत्र के गागरगाड गांव के घुरहां टोला में शुक्रवार की शाम श्यामरथी के घर से अज्ञात कारणों से आग लग गई। इसके बाद आग ने इंदर, विफई, लालचंद, धर्मराज, राम अशीष, रामशब्द, राजमन और चंद्रेश समेत नौ लोगों के घरों को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक लोग आग पर काबू कर पाते नौ लोगों के घर जल चुके थे। घटना की सूचना पर पौली चौकी इंचार्ज विनोद कुमार मौके पर पहुंच गए। लेकिन दमकल टीम तब पहुंचा जब आग को गांव के लोगों ने बुझा दी थी। वहीं आग के बीच श्यामरथी का पांच वर्षीय बालक फंस गया। जिसे निकालने के प्रयास में बालक के साथ ही शोभराज पांडेय भी झुलस गए। दोनों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पर ले जाया गया।
वहीं कोतवाली क्षेत्र के बघौली गांव में शुकवार की देर शाम अज्ञात कारणों से लगी आग में चार घर जल कर राख हो गए।
जानकारी के अनुसार बघौली निवासी भुनकेशर, धर्मराज, सोनू, चंद्रिका का घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग उठता देखकर ग्रामीणो ने आग को बुझाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे फायर सर्विस की गाड़ियों ने आग को बुझाया। आग लगने से भूनकेशर का नकदी, जेवर, कपड़ा आदि जल गया है। ग्राम प्रधान स्वतंत्र लाल ने पीड़ितो को आर्थिक मदद के साथ अनाज उपलब्ध कराया।
आग से दुकान जलीः मेंहदावल के भिटियां गांव निवासी महेश पुत्र रामआसरे की भिटियां चौराहे पर स्थित दुकान में शुक्रवार को आग लग गई। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने इसकी सूचना फायर बिग्रेड को दी। गांव के लोग जब तक आग बुझाई तक महेश की जलपान की और मथुरा पुत्र त्रिवेणी की गुमटी जल गई। दुकान मालिकों ने बताया कि आग की घटना में उनका काफी नुकसान हुआ। लेखपाल मेंहदी हसन ने भी मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया।