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बिना प्रार्थना पत्र के ही जमानत देने का आरोप लगा किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:33 PM IST
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अधिवक्ताओं ने देर शाम एसडीएम के चैंबर में हंगामा किया।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के उमिला गांव निवासी एक अधिवक्ता की दीवार को गिराए जाने के बाद शांति भंग में चालान हुए लोगों में से एक व्यक्ति को बिना प्रार्थना पत्र के ही छोड़ने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने देर शाम एसडीएम के चैंबर में हंगामा किया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर मनमानी का आरोप लगाया।
अधिवक्ता अनिल कुमार गौतम का कहना है कि वे अपने गांव उमिला में दीवार चला रहे थे। उनके विरोधी पक्ष ने दीवार गिरा दी। इस प्रकरण में कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को शांति भंग की आशंका में पाबंद करते हुए चालान किया। एसडीएम के चैंबर में हंगामा कर रहे अधिवक्ताओं का कहना था कि एसडीएम कोर्ट से अनिल कुमार गौतम के विपक्षी पक्ष के एक व्यक्ति को बिना प्रार्थना पत्र लिए ही जमानत दे दी गई।
इस मामले को सिविल बार एसोसिएशन के अध्य्क्ष महीप बहादुर पाल, लालजी यादव, ईश्वर चंद्र पाठक, चतुरजी शुक्ल, सरफराज नवाज आलम, निरंजन सिंह आदि अधिवक्ता तहसील में पहुंचे थे। इस संबंध में एसडीएम सदर एसपी सिंह का कहना है कि वे दिन भर मंडलीय समीक्षा बैठक में व्यस्त थे। शाम को तहसील पहुंचने पर प्रकरण सामने आया। नियमानुसार कार्रवाई की गई।
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अधिवक्ता अनिल कुमार गौतम का कहना है कि वे अपने गांव उमिला में दीवार चला रहे थे। उनके विरोधी पक्ष ने दीवार गिरा दी। इस प्रकरण में कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को शांति भंग की आशंका में पाबंद करते हुए चालान किया। एसडीएम के चैंबर में हंगामा कर रहे अधिवक्ताओं का कहना था कि एसडीएम कोर्ट से अनिल कुमार गौतम के विपक्षी पक्ष के एक व्यक्ति को बिना प्रार्थना पत्र लिए ही जमानत दे दी गई।
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इस मामले को सिविल बार एसोसिएशन के अध्य्क्ष महीप बहादुर पाल, लालजी यादव, ईश्वर चंद्र पाठक, चतुरजी शुक्ल, सरफराज नवाज आलम, निरंजन सिंह आदि अधिवक्ता तहसील में पहुंचे थे। इस संबंध में एसडीएम सदर एसपी सिंह का कहना है कि वे दिन भर मंडलीय समीक्षा बैठक में व्यस्त थे। शाम को तहसील पहुंचने पर प्रकरण सामने आया। नियमानुसार कार्रवाई की गई।
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