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सेमरियावां ब्लॉक के रक्शादेवई गांव का मामला
Updated Wed, 13 Sep 2017 05:27 PM IST
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संतकबीरनगर। विकास खंड सेमरियावां में शिकायत पर हुई जांच में 26448 रुपये का घपला उजागर हुआ है। जांच में प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और आरईडी के अवर अभियंता दोषी पाए गए। डीएम ने तीनों लोगों से बराबर- बराबर धनराशि वसूल किए जाने का निर्देश दिया है।
डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि रक्शादेवई गांव निवासी सत्येंद्र ने शिकायती पत्र देकर विकास कार्य में अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया था। दो जून को डीपीआरओ की अध्यक्षता में टीम गठित की गई। टीम में सहायक अभियंता आरईडी और सहायक विकास अधिकारी पंचायत मेंहदावल को शामिल किया था। जांच में 31 जुलाई को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत किया। जांच में ग्राम प्रधान ,ग्राम पंचायत सचिव के जरिए कराए गए कार्यो में 26448 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई।
दो अगस्त को तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रमेश चंद्र श्रीवास्तव, प्रधान रामसागर एवं अवर अभियंता आरईडी मुख्तार अंसारी को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। आगे बताया कि एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद किसी का जबाब नहीं प्राप्त हुआ। इससे प्रतीत हो रहा है कि संबंधित को अपना दोष स्वीकार है। ऐसे में प्रधान, तत्कालीन सचिव और आरईडी के अवर अभियंता से 8816 -8816 रुपये की वसूली कराए जाने का निर्देश डीपीआरओ और आरईडी के एक्सईएन को दिया गया है। प्रधान रामसागर से दुरुपयोग की धनराशि भू राजस्व की भांति वसूल किए जाने का निर्देश तहसीलदार खलीलाबाद को दिया गया है। वसूल की गई धनराशि को ग्राम निधि प्रथम के खाते में जमा कराए जाने का निर्देश दिया है।
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डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि रक्शादेवई गांव निवासी सत्येंद्र ने शिकायती पत्र देकर विकास कार्य में अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया था। दो जून को डीपीआरओ की अध्यक्षता में टीम गठित की गई। टीम में सहायक अभियंता आरईडी और सहायक विकास अधिकारी पंचायत मेंहदावल को शामिल किया था। जांच में 31 जुलाई को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत किया। जांच में ग्राम प्रधान ,ग्राम पंचायत सचिव के जरिए कराए गए कार्यो में 26448 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई।
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दो अगस्त को तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रमेश चंद्र श्रीवास्तव, प्रधान रामसागर एवं अवर अभियंता आरईडी मुख्तार अंसारी को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। आगे बताया कि एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद किसी का जबाब नहीं प्राप्त हुआ। इससे प्रतीत हो रहा है कि संबंधित को अपना दोष स्वीकार है। ऐसे में प्रधान, तत्कालीन सचिव और आरईडी के अवर अभियंता से 8816 -8816 रुपये की वसूली कराए जाने का निर्देश डीपीआरओ और आरईडी के एक्सईएन को दिया गया है। प्रधान रामसागर से दुरुपयोग की धनराशि भू राजस्व की भांति वसूल किए जाने का निर्देश तहसीलदार खलीलाबाद को दिया गया है। वसूल की गई धनराशि को ग्राम निधि प्रथम के खाते में जमा कराए जाने का निर्देश दिया है।
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