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संतकबीरनगर में केसीसी के जरिए 2.42 करोड़ का घपला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Oct 2017 11:28 PM IST
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संतकबीरनगर। पूर्वांचल बैंक की पिडिया बाजार शाखा से फर्जी खतौनी के सहारे 240 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 2.42 करोड़ के भुगतान का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में डीएम ने पूर्व शाखा प्रबंधक और 240 किसानों के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दिया है। डीएम के आदेश पर महुली पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।
डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि तहसील दिवसों में फर्जी अभिलेखों के आधार पर पूर्वांचल बैंक की पिडिया बाजार शाखा में कुछ किसानों को केसीसी पर ऋण देने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूर्वांचल बैंक के आरएम पीके श्रीवास्तव को जांच का निर्देश दिया गया था। बैंक प्रबंधन की ओर से टीम गठित कर प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि पूर्वांचल बैक की पिडिया बाजार शाखा से वर्ष 2012 से वर्ष 2015 के बीच में 240 किसानों को फर्जी खतौनी के जरिए 2.42 करोड़ का केसीसी पर भुगतान किया गया है।
फसल ऋण मोचन योजना के तहत ऋण लेने वाले किसानों के अभिलेखों के सत्यापन में यह मामला पकड़ में आया। जांच में सेवानिवृत्त हो चुुुके पूर्व शाखा प्रबंधक अवनीश कुमार तिवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उन्हीं के जरिए 240 किसानों के कूट रचित अभिलेखों के आधार पर केसीसी पर 2.42 करोड़ की निकासी की गई है।
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क्षेत्रीय प्रबंधक पीके श्रीवास्तव ने बताया कि डीएम के निर्देश पर पिडिया बाजार शाखा के वर्तमान प्रबंधक रामभूषण पांडेय की तरफ से पूर्व शाखा प्रबंधक अवनीश कुमार तिवारी और 240 किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए महुली थाने में तहरीर दे दी गई। साथ ही पूर्वांचल बैंक के पैनल से अधिवक्ता पीयूष पाल और लाल शरण सिंह को हटा दिया गया है।
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डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि तहसील दिवसों में फर्जी अभिलेखों के आधार पर पूर्वांचल बैंक की पिडिया बाजार शाखा में कुछ किसानों को केसीसी पर ऋण देने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूर्वांचल बैंक के आरएम पीके श्रीवास्तव को जांच का निर्देश दिया गया था। बैंक प्रबंधन की ओर से टीम गठित कर प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि पूर्वांचल बैक की पिडिया बाजार शाखा से वर्ष 2012 से वर्ष 2015 के बीच में 240 किसानों को फर्जी खतौनी के जरिए 2.42 करोड़ का केसीसी पर भुगतान किया गया है।
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फसल ऋण मोचन योजना के तहत ऋण लेने वाले किसानों के अभिलेखों के सत्यापन में यह मामला पकड़ में आया। जांच में सेवानिवृत्त हो चुुुके पूर्व शाखा प्रबंधक अवनीश कुमार तिवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उन्हीं के जरिए 240 किसानों के कूट रचित अभिलेखों के आधार पर केसीसी पर 2.42 करोड़ की निकासी की गई है।
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क्षेत्रीय प्रबंधक पीके श्रीवास्तव ने बताया कि डीएम के निर्देश पर पिडिया बाजार शाखा के वर्तमान प्रबंधक रामभूषण पांडेय की तरफ से पूर्व शाखा प्रबंधक अवनीश कुमार तिवारी और 240 किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए महुली थाने में तहरीर दे दी गई। साथ ही पूर्वांचल बैंक के पैनल से अधिवक्ता पीयूष पाल और लाल शरण सिंह को हटा दिया गया है।