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घटना का खुलासा पुलिस के लिए बनी चुनौती
Updated Wed, 28 Nov 2018 12:42 AM IST
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पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश
ओमप्रकाश के गायब मोबाइल पर टिकी है पुलिस की नजर
सदर विधायक ने 72 घंटे में पर्दाफाश न होने पर कोतवाल और चौकी इंचार्ज के निलंबन की मांग की
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। बांसगांव निवासी पिता-पुत्र की हत्या कर अलग-अलग जगहों पर फेंकी लाश के मामले का पर्दाफाश 72 घंटे के अंदर करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। वजह यह कि घटना के 12 घंटे बाद भी पुलिस के पास इससे जुड़ा कोई अहम सुराग नहीं है। घरवालों ने किसी पर आशंका भी नहीं जाहिर की है। सत्ता पक्ष के विधायक ने तीन दिन में इस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश नहीं होने पर कोतवाल व चौकी इंचार्ज के निलंबन की मांग कर दी है। ऐसे में पुलिस की पूरी उम्मीद मृतक ओमप्रकाश के गायब मोबाइल पर टिकी है। मोबाइल के लोकेशन से ही इस घटना के विषय में कुछ जानकारी मिलने की उम्मीद है।
कोतवाली क्षेत्र के नेशनल हाइवे स्थित बूधा चौराहा और डड़वा नहर के पास मंगलवार को हत्या कर फेंकी गई अलग-अलग लाश मिली। लाश की पहचान बांसगांव निवासी ओम प्रकाश पांडेय (55) और उनके बेटे जैनेंद्र पांडेय (26) के रूप में हुई। दोनों के चेहरे पर बुरी तरह से वार किए गए थे। चेहरे को कसी नुकिले हथियार से कुचला गया था। इसके साथ ही आंख पर भी वार किया गया था। ओम प्रकाश पांडेय के बेटे शैलेश ने बताया कि सोमवार की रात 11 बजे पिता के मोबाइल नंबर पर भाई जैनेंद्र पांडेय से बात हुुई थी। उसने बताया था कि वह कांटे पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने आए हैं, लेकिन रात होने की वजह से तेल नहीं मिल रहा है। इसके बाद उसके पिता का मोबाइल बंद हो गया। परिजनों ने भी पुलिस को कोई सुराग नहीं दिया। ओमप्रकाश का मोबाइल भी गायब है, जिससे पुलिस के लिए इस मर्डर का पर्दाफाश चुनौती बन गया है। इधर सदर विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। विधायक ने मांग की है कि अगर 72 घंटे के अंदर मामले का पर्दाफाश नहीं होता है तो कोतवाल और चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया जाए।
मामले के लिए लगाई गई है कई टीमें : एसपी
एसपी आकाश तोमर ने कहा कि कोतवाली क्षेत्र के बांसगांव निवासी ओमप्रकाश पांडेय और उनके बेटे जैनेंद्र पांडेय की लाश अगल-अलग जगहों पर मिली है। चेहरा बुरी तरह से खराब हो गया था। ओम प्रकाश पांडेय बिजनौर जिले में सिपाही के पद पर तैनात थे और किसी कारण वश बर्खास्त कर दिए गए थे। वह घर पर ही रहते थे। मामले के पर्दाफाश के लिए पुलिस टीम लगी है। जल्द ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा।
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ओमप्रकाश के गायब मोबाइल पर टिकी है पुलिस की नजर
सदर विधायक ने 72 घंटे में पर्दाफाश न होने पर कोतवाल और चौकी इंचार्ज के निलंबन की मांग की
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। बांसगांव निवासी पिता-पुत्र की हत्या कर अलग-अलग जगहों पर फेंकी लाश के मामले का पर्दाफाश 72 घंटे के अंदर करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। वजह यह कि घटना के 12 घंटे बाद भी पुलिस के पास इससे जुड़ा कोई अहम सुराग नहीं है। घरवालों ने किसी पर आशंका भी नहीं जाहिर की है। सत्ता पक्ष के विधायक ने तीन दिन में इस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश नहीं होने पर कोतवाल व चौकी इंचार्ज के निलंबन की मांग कर दी है। ऐसे में पुलिस की पूरी उम्मीद मृतक ओमप्रकाश के गायब मोबाइल पर टिकी है। मोबाइल के लोकेशन से ही इस घटना के विषय में कुछ जानकारी मिलने की उम्मीद है।
कोतवाली क्षेत्र के नेशनल हाइवे स्थित बूधा चौराहा और डड़वा नहर के पास मंगलवार को हत्या कर फेंकी गई अलग-अलग लाश मिली। लाश की पहचान बांसगांव निवासी ओम प्रकाश पांडेय (55) और उनके बेटे जैनेंद्र पांडेय (26) के रूप में हुई। दोनों के चेहरे पर बुरी तरह से वार किए गए थे। चेहरे को कसी नुकिले हथियार से कुचला गया था। इसके साथ ही आंख पर भी वार किया गया था। ओम प्रकाश पांडेय के बेटे शैलेश ने बताया कि सोमवार की रात 11 बजे पिता के मोबाइल नंबर पर भाई जैनेंद्र पांडेय से बात हुुई थी। उसने बताया था कि वह कांटे पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने आए हैं, लेकिन रात होने की वजह से तेल नहीं मिल रहा है। इसके बाद उसके पिता का मोबाइल बंद हो गया। परिजनों ने भी पुलिस को कोई सुराग नहीं दिया। ओमप्रकाश का मोबाइल भी गायब है, जिससे पुलिस के लिए इस मर्डर का पर्दाफाश चुनौती बन गया है। इधर सदर विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। विधायक ने मांग की है कि अगर 72 घंटे के अंदर मामले का पर्दाफाश नहीं होता है तो कोतवाल और चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया जाए।
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मामले के लिए लगाई गई है कई टीमें : एसपी
एसपी आकाश तोमर ने कहा कि कोतवाली क्षेत्र के बांसगांव निवासी ओमप्रकाश पांडेय और उनके बेटे जैनेंद्र पांडेय की लाश अगल-अलग जगहों पर मिली है। चेहरा बुरी तरह से खराब हो गया था। ओम प्रकाश पांडेय बिजनौर जिले में सिपाही के पद पर तैनात थे और किसी कारण वश बर्खास्त कर दिए गए थे। वह घर पर ही रहते थे। मामले के पर्दाफाश के लिए पुलिस टीम लगी है। जल्द ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा।
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