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Sant Kabir Nagar News: सहालग में बढ़ गई पनीर की खपत...मिलवाटखोर सेहत से कर रहे खिलवाड़
Tue, 26 Nov 2024 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 26 Nov 2024 01:17 AM IST
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- सामान्य दिनों में 40 से 50 क्विंटल बिक रहा था पनीर, सहालग में 200 कुंतल पनीर की खपत
- दूध का उत्पादन प्रतिदिन साढ़े आठ हजार लीटर के करीब
- दुकानों पर शुद्ध पनीर 400 तो मिलावटखोर दे रहे हैं 220 रुपये किलो
संतकबीरनगर। सहालग के सीजन में पनीर की खपत तीन गुना बढ़ गई है। हालांकि उत्पादन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में डिमांड के आधार पर आपूर्ति करने और चार गुना मुनाफा कमाने के लालच में मिलावट का कारोबार जोर पकड़ने लगा है। जहां सामान्य दिनों में 40 से 50 क्विंटल पनीर की खपत थी, वहीं अब यह खपत 200 क्विंटल तक पहुंच गई है। लोकल दुकानदार 220 रुपये किलो पनीर दे रहे हैं, जिसमें मिलावट की आशंंका है। वहीं दुकानों पर पनीर 400 रुपये किलो बिक रहा है। ऐसे में मिलावटखोर पनीर में मिलावट कर लोगों की जिदंगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
जिले में दूध का उत्पादन प्रतिदिन साढ़े आठ हजार लीटर के करीब बताई जा रही है, जबकि इससे इतर पनीर की खपत जिले में अधिक हो गई है। जहां सामान्य दिनों में पनीर की खपत 40 से 50 क्विंटल थी, वहीं अब यह खपत 200 क्विंटल के करीब पहुंच गई है। इस समय सहालग का मौसम है। ऐसे में लोग खाने में पनीर ज्यादा पसंद करते हैं। शादी में पनीर की मांग रहती है। इसका फायदा मिलावटखोर उठा रहे हैं।
बाहर से मिलावटी पनीर मंगा रहे हैं। जो पाउडर, डिटरजेंट और यूरिया से तैयार होता है। इसकी कीमत 100 रुपये के करीब होती है और मिलावटखोर इसे 220 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बाजार में बेच रहे हैं। शादी विवाह में लोग सस्ते के चक्कर में इसकी खरीदारी भी कर रहे हैं, हालांकि खरीदते समय इसे पहचानना मुश्किल होता है।
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नकली-असली पनीर की ऐसे करें पहचान
सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन सतीश कुमार ने बताया कि असली और नकली पनीर की पहचान हाथों से मसलकर लगा सकते हैं। अगर आपका पनीर मसलने के बाद टूटकर गिरने लगता है। इस स्थिति में समझ जाइए कि पनीर नकली है। नकली पनीर की पहचान पानी में उबालकर भी कर सकते हैं। इसके लिए पनीर को पानी में उबालने के लिए रखना है। इसके बाद पनीर को पानी से निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने के बाद पनीर पर सोयाबीन या अरहर का पाउडर डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ देना है। ऐसा करने के बाद अगर पनीर का रंग हल्का लाल हो जाता है तो खरीदा गया पनीर डिटर्जेंट या यूरिया से बनाया गया है।
पेट के लिए खतरनाक है मिलवाटी पनीर
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि बाजार में बिकने वाली कई खाद्य सामग्रियों में मिलावट हो रही है। दूध, दही, घी और दाल आदि कई खाद्य सामग्रियों में मिलावट की शिकायत समय-समय पर सामने निकलकर आती रहती है। इससे कई प्रकार की बीमारियां फैलती हैं। सबसे ज्यादा पेट की समस्या होती है। मरीज अक्सर पेट की समस्या लेकर अस्पताल आ रहे हैं। इसलिए दूध, खोवा आदि खाते समय सावधानी बरतें।
आए दिन खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। दीपावली के समय 20 क्विंटल नकली पनीर बरामद हुआ था, जिसे नष्ट कराया गया। इसके अलावा 20 सेंपल जांच के लिए भेजा जा चुका है। पनीर की जांच के बाद ही खरीदारी करनी चाहिए।
- सतीश कुमार,
सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन
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- दूध का उत्पादन प्रतिदिन साढ़े आठ हजार लीटर के करीब
- दुकानों पर शुद्ध पनीर 400 तो मिलावटखोर दे रहे हैं 220 रुपये किलो
संतकबीरनगर। सहालग के सीजन में पनीर की खपत तीन गुना बढ़ गई है। हालांकि उत्पादन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में डिमांड के आधार पर आपूर्ति करने और चार गुना मुनाफा कमाने के लालच में मिलावट का कारोबार जोर पकड़ने लगा है। जहां सामान्य दिनों में 40 से 50 क्विंटल पनीर की खपत थी, वहीं अब यह खपत 200 क्विंटल तक पहुंच गई है। लोकल दुकानदार 220 रुपये किलो पनीर दे रहे हैं, जिसमें मिलावट की आशंंका है। वहीं दुकानों पर पनीर 400 रुपये किलो बिक रहा है। ऐसे में मिलावटखोर पनीर में मिलावट कर लोगों की जिदंगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
जिले में दूध का उत्पादन प्रतिदिन साढ़े आठ हजार लीटर के करीब बताई जा रही है, जबकि इससे इतर पनीर की खपत जिले में अधिक हो गई है। जहां सामान्य दिनों में पनीर की खपत 40 से 50 क्विंटल थी, वहीं अब यह खपत 200 क्विंटल के करीब पहुंच गई है। इस समय सहालग का मौसम है। ऐसे में लोग खाने में पनीर ज्यादा पसंद करते हैं। शादी में पनीर की मांग रहती है। इसका फायदा मिलावटखोर उठा रहे हैं।
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बाहर से मिलावटी पनीर मंगा रहे हैं। जो पाउडर, डिटरजेंट और यूरिया से तैयार होता है। इसकी कीमत 100 रुपये के करीब होती है और मिलावटखोर इसे 220 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बाजार में बेच रहे हैं। शादी विवाह में लोग सस्ते के चक्कर में इसकी खरीदारी भी कर रहे हैं, हालांकि खरीदते समय इसे पहचानना मुश्किल होता है।
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नकली-असली पनीर की ऐसे करें पहचान
सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन सतीश कुमार ने बताया कि असली और नकली पनीर की पहचान हाथों से मसलकर लगा सकते हैं। अगर आपका पनीर मसलने के बाद टूटकर गिरने लगता है। इस स्थिति में समझ जाइए कि पनीर नकली है। नकली पनीर की पहचान पानी में उबालकर भी कर सकते हैं। इसके लिए पनीर को पानी में उबालने के लिए रखना है। इसके बाद पनीर को पानी से निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने के बाद पनीर पर सोयाबीन या अरहर का पाउडर डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ देना है। ऐसा करने के बाद अगर पनीर का रंग हल्का लाल हो जाता है तो खरीदा गया पनीर डिटर्जेंट या यूरिया से बनाया गया है।
पेट के लिए खतरनाक है मिलवाटी पनीर
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि बाजार में बिकने वाली कई खाद्य सामग्रियों में मिलावट हो रही है। दूध, दही, घी और दाल आदि कई खाद्य सामग्रियों में मिलावट की शिकायत समय-समय पर सामने निकलकर आती रहती है। इससे कई प्रकार की बीमारियां फैलती हैं। सबसे ज्यादा पेट की समस्या होती है। मरीज अक्सर पेट की समस्या लेकर अस्पताल आ रहे हैं। इसलिए दूध, खोवा आदि खाते समय सावधानी बरतें।
आए दिन खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। दीपावली के समय 20 क्विंटल नकली पनीर बरामद हुआ था, जिसे नष्ट कराया गया। इसके अलावा 20 सेंपल जांच के लिए भेजा जा चुका है। पनीर की जांच के बाद ही खरीदारी करनी चाहिए।
- सतीश कुमार,
सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन