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Sant Kabir Nagar News: विधायक निधि से बिना टेंडर हुए 50 लाख के कार्यों की फिर से होगी जांच
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शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। विकास खंड बेलहर कलां में विधायक निधि से बिना टेंडर 50 लाख रुपये का कार्य कराकर भुगतान लेने की कोशिश के मामले की फिर से जांच होगी। पूर्व की जांच में विकास कार्य होने की पुष्टि नहीं हुई थी। तत्कालीन सीडीओ ने भुगतान पर रोक लगा दी थी। इस प्रकरण में पूर्व विधायक ने विशेष सचिव ग्राम्य विकास और कमिश्नर से शिकायत की है। कमिश्नर के निर्देश पर इस प्रकरण की फिर से जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
वर्ष 2021-22 में पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल ने विकास खंड बेलहर कला क्षेत्र में विधायक निधि से 50.70 लाख रुपये से विकास कार्य कराने के लिए दस प्रस्ताव दिए थे। कार्यदायी संस्था विकास खंड बेलहर कला नामित हुई। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण संतकबीरनगर कार्यालय से चार जनवरी 2022 के इन परियोजनाओं पर स्वीकृति धनराशि के सापेक्ष 38,02,800 रुपये अवमुक्त कर दिए गए। 29 सितंबर 2022 को विधायक अनिल त्रिपाठी ने सीडीओ को पत्र देकर बताया कि पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल ने जो दस प्रस्ताव दिए थे, वह विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण पूरी नहीं हो पाए हैं।
विधायक ने टेंडर आदि की प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए उक्त प्रस्तावों पर कार्य कराने की सहमति जताई। इधर कुछ ठेकेदारों ने भुगतान कराने की कोशिश शुरू कर दी। ठेकेदारों ने भुगतान नहीं होने का मामला मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचाया। अमर उजाला ने नौ नवंबर 2022 के अंक में बिना मंजूरी 50 लाख रुपये का कार्य करा भुगतान की कोशिश शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसका संज्ञान लेकर तत्कालीन सीडीओ अतुल मिश्र ने प्रकरण की तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई। जांच रिपोर्ट में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पूर्व विधायक के दस प्रस्तावों पर टेंडर नहीं हो पाने और कार्य नहीं कराने की पुष्टि होना दर्शा कर तत्कालीन सीडीओ ने भुगतान पर रोक लगा दी थी।
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इधर नौ मार्च को पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल ने विशेष सचिव ग्राम्य विकास को शिकायती पत्र दिया। जिसमें विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि से कराए गए कार्यों की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शासन के निर्देश पर कमिश्नर ने संयुक्त विकास आयुक्त बस्ती मंडल को जांच सौंपी। संयुक्त विकास आयुक्त बस्ती मंडल ने 17 मार्च 2023 को बीडीओ को पत्र भेजकर अभिलेख की मांग की। पत्र में कहा कि पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल के जरिये प्रकरण में पूर्व बीडीओ बेलहर, वर्तमान बीडीओ सेमरियांवा व राजीव राय तत्समय बेलहर कला में पदस्थ की भूमिका पर संशय व्यक्त किया गया है।
इस क्रम में टीएसी प्रकोष्ठ के जरिये 28 फरवरी 2023 को प्रकरण में बीडीओ और लेखाकार राजीव राय की आख्या तथा उपलब्ध तत्संबंधित अभिलेख की प्रमाणित छाया प्रति मांगी है, जो अभी तक नहीं दी गई। शासन के जरिये संदर्भित इस गंभीर प्रकरण की जांच में अभिलेख उपलब्ध कराने में बरती जा रही शिथिलता खेदपूर्ण है। इधर कमिश्नर ने डीएम ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी में डीआरडीए के परियोजना निदेशक को अध्यक्ष और उपायुक्त श्रम रोजगार अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग को सदस्य नामित किया है। डीएम ने जांच समित को निर्देश दिया है कि क्या प्रश्नगत दस परियोजनाओं पर निविदा की कार्रवाई पूर्ण की गई है, क्या कार्यादेश व आपूर्ति आदेश निर्गत किया गया है, क्या मापी कार्य पूर्ण किया गया है। इसके अलावा इन परियोजनाओं पर कार्यो की स्थिति क्या है। उक्त प्रकरण की प्रत्येक विंदुवार पर अभिलेखीय एवं स्थलीय जांच कर संयुक्त व स्पष्ट जांच आख्या एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया है। संवाद
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पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल के जरिये की गई शिकायत की जांच के लिए मंडलायुक्त के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। टीम को निर्देश दिया गया है कि एक सप्ताह के भीतर अभिलेखीय और स्थलीय जांच करके स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करें। जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजी जाएगी।
- संदीप कुमार, डीएम
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संतकबीरनगर। विकास खंड बेलहर कलां में विधायक निधि से बिना टेंडर 50 लाख रुपये का कार्य कराकर भुगतान लेने की कोशिश के मामले की फिर से जांच होगी। पूर्व की जांच में विकास कार्य होने की पुष्टि नहीं हुई थी। तत्कालीन सीडीओ ने भुगतान पर रोक लगा दी थी। इस प्रकरण में पूर्व विधायक ने विशेष सचिव ग्राम्य विकास और कमिश्नर से शिकायत की है। कमिश्नर के निर्देश पर इस प्रकरण की फिर से जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
वर्ष 2021-22 में पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल ने विकास खंड बेलहर कला क्षेत्र में विधायक निधि से 50.70 लाख रुपये से विकास कार्य कराने के लिए दस प्रस्ताव दिए थे। कार्यदायी संस्था विकास खंड बेलहर कला नामित हुई। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण संतकबीरनगर कार्यालय से चार जनवरी 2022 के इन परियोजनाओं पर स्वीकृति धनराशि के सापेक्ष 38,02,800 रुपये अवमुक्त कर दिए गए। 29 सितंबर 2022 को विधायक अनिल त्रिपाठी ने सीडीओ को पत्र देकर बताया कि पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल ने जो दस प्रस्ताव दिए थे, वह विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण पूरी नहीं हो पाए हैं।
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विधायक ने टेंडर आदि की प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए उक्त प्रस्तावों पर कार्य कराने की सहमति जताई। इधर कुछ ठेकेदारों ने भुगतान कराने की कोशिश शुरू कर दी। ठेकेदारों ने भुगतान नहीं होने का मामला मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचाया। अमर उजाला ने नौ नवंबर 2022 के अंक में बिना मंजूरी 50 लाख रुपये का कार्य करा भुगतान की कोशिश शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसका संज्ञान लेकर तत्कालीन सीडीओ अतुल मिश्र ने प्रकरण की तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई। जांच रिपोर्ट में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पूर्व विधायक के दस प्रस्तावों पर टेंडर नहीं हो पाने और कार्य नहीं कराने की पुष्टि होना दर्शा कर तत्कालीन सीडीओ ने भुगतान पर रोक लगा दी थी।
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इधर नौ मार्च को पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल ने विशेष सचिव ग्राम्य विकास को शिकायती पत्र दिया। जिसमें विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि से कराए गए कार्यों की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शासन के निर्देश पर कमिश्नर ने संयुक्त विकास आयुक्त बस्ती मंडल को जांच सौंपी। संयुक्त विकास आयुक्त बस्ती मंडल ने 17 मार्च 2023 को बीडीओ को पत्र भेजकर अभिलेख की मांग की। पत्र में कहा कि पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल के जरिये प्रकरण में पूर्व बीडीओ बेलहर, वर्तमान बीडीओ सेमरियांवा व राजीव राय तत्समय बेलहर कला में पदस्थ की भूमिका पर संशय व्यक्त किया गया है।
इस क्रम में टीएसी प्रकोष्ठ के जरिये 28 फरवरी 2023 को प्रकरण में बीडीओ और लेखाकार राजीव राय की आख्या तथा उपलब्ध तत्संबंधित अभिलेख की प्रमाणित छाया प्रति मांगी है, जो अभी तक नहीं दी गई। शासन के जरिये संदर्भित इस गंभीर प्रकरण की जांच में अभिलेख उपलब्ध कराने में बरती जा रही शिथिलता खेदपूर्ण है। इधर कमिश्नर ने डीएम ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी में डीआरडीए के परियोजना निदेशक को अध्यक्ष और उपायुक्त श्रम रोजगार अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग को सदस्य नामित किया है। डीएम ने जांच समित को निर्देश दिया है कि क्या प्रश्नगत दस परियोजनाओं पर निविदा की कार्रवाई पूर्ण की गई है, क्या कार्यादेश व आपूर्ति आदेश निर्गत किया गया है, क्या मापी कार्य पूर्ण किया गया है। इसके अलावा इन परियोजनाओं पर कार्यो की स्थिति क्या है। उक्त प्रकरण की प्रत्येक विंदुवार पर अभिलेखीय एवं स्थलीय जांच कर संयुक्त व स्पष्ट जांच आख्या एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया है। संवाद
पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल के जरिये की गई शिकायत की जांच के लिए मंडलायुक्त के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। टीम को निर्देश दिया गया है कि एक सप्ताह के भीतर अभिलेखीय और स्थलीय जांच करके स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करें। जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजी जाएगी।
- संदीप कुमार, डीएम