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Sant Kabir Nagar News: भुगतान हो गया पूरा, पंचायत भवन पड़ा है अधूरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार के ग्राम पंचायत बालमपुर में पंचायत भवन निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जबकि निर्माण कार्य पर होने वाले खर्च का भुगतान पूरा कर दिया गया है।
विकास खंड हैंसर बाजार के 86 ग्राम पंचायतों का विकास कार्य आसानी के साथ गांव से ही संचालित किया जाए, इस उद्देश्य के साथ प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण कराया गया। इसमें से 14 ग्राम पंचायतें नगर पंचायत में शामिल हो गई हैं। अब विकास खंड हैंसर बाजार में 72 ग्राम पंचायत अस्तित्व में हैं। जिनमें से मुंडेरा शुक्ल, मनिकापार, गाई बसंतपुर, संठी में जमीन न मिलने के कारण पंचायत भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका।
शेष ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन को पूर्ण दिखाकर उसमें बैठकर ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारी विकास कार्य को संचालित कर रहे हैं। ऐसा दावा पंचायत विभाग का है, लेकिन पंचायत भवन कितना कारगर साबित हो रहे हैं। इसका प्रमाण बालमपुर में पड़ा अधूरा पंचायत भवन तो दे ही रहा है, साथ ही किसी भी ग्राम पंचायत में कामकाज नहीं हो रहा है।
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इसका प्रमाण तब मिलता है, जब ग्राम पंचायत में राज्य वित्त से मिलने वाले धन के भुगतान की बारी आती है। ग्राम प्रधान या तो कंप्यूटर का सीपीयू लेकर ब्लॉक पर डोंगल लगवाने पहुंचते हैं, या ब्लॉक का कर्मी गांव में पहुंचकर डोंगल लगाता है। ग्राम पंचायत बालमपुर का कंप्यूटर जहां प्रधान के घर की शोभा बढ़ा रहा है। वहीं पंचायत सहायक कागज में कार्य करके मानदेय प्राप्त कर रहा है। कमोबेश यही हाल सभी ग्राम पंचायतों का है।
इस संबंध में एडीओ पंचायत गजानन पाल ने बताया कि सभी पंचायत भवनों से विकास कार्य संचालित होने हैं। ग्राम पंचायत बालमपुर का पंचायत भवन अधूरा पड़ा है। इसकी जानकारी नहीं है। पता करके कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
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धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार के ग्राम पंचायत बालमपुर में पंचायत भवन निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जबकि निर्माण कार्य पर होने वाले खर्च का भुगतान पूरा कर दिया गया है।
विकास खंड हैंसर बाजार के 86 ग्राम पंचायतों का विकास कार्य आसानी के साथ गांव से ही संचालित किया जाए, इस उद्देश्य के साथ प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण कराया गया। इसमें से 14 ग्राम पंचायतें नगर पंचायत में शामिल हो गई हैं। अब विकास खंड हैंसर बाजार में 72 ग्राम पंचायत अस्तित्व में हैं। जिनमें से मुंडेरा शुक्ल, मनिकापार, गाई बसंतपुर, संठी में जमीन न मिलने के कारण पंचायत भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका।
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शेष ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन को पूर्ण दिखाकर उसमें बैठकर ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारी विकास कार्य को संचालित कर रहे हैं। ऐसा दावा पंचायत विभाग का है, लेकिन पंचायत भवन कितना कारगर साबित हो रहे हैं। इसका प्रमाण बालमपुर में पड़ा अधूरा पंचायत भवन तो दे ही रहा है, साथ ही किसी भी ग्राम पंचायत में कामकाज नहीं हो रहा है।
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इसका प्रमाण तब मिलता है, जब ग्राम पंचायत में राज्य वित्त से मिलने वाले धन के भुगतान की बारी आती है। ग्राम प्रधान या तो कंप्यूटर का सीपीयू लेकर ब्लॉक पर डोंगल लगवाने पहुंचते हैं, या ब्लॉक का कर्मी गांव में पहुंचकर डोंगल लगाता है। ग्राम पंचायत बालमपुर का कंप्यूटर जहां प्रधान के घर की शोभा बढ़ा रहा है। वहीं पंचायत सहायक कागज में कार्य करके मानदेय प्राप्त कर रहा है। कमोबेश यही हाल सभी ग्राम पंचायतों का है।
इस संबंध में एडीओ पंचायत गजानन पाल ने बताया कि सभी पंचायत भवनों से विकास कार्य संचालित होने हैं। ग्राम पंचायत बालमपुर का पंचायत भवन अधूरा पड़ा है। इसकी जानकारी नहीं है। पता करके कार्य पूर्ण कराया जाएगा।