{"_id":"5807b38b4f1c1b726b70486c","slug":"construction-flaws-were-found-in-toilet","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौचालय निर्माण में मिलीं खामियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौचालय निर्माण में मिलीं खामियां
Sant Kabir Nagar
Updated Wed, 19 Oct 2016 11:25 PM IST
विज्ञापन
जांच
- फोटो : demopic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीपीआरओ अष्ट प्रकाश त्रिपाठी ने बुधवार को बघौली ब्लॉक क्षेत्र के रक्शाकोल गांव का निरीक्षण किया। जहां शौचालय निर्माण में कमियां मिलने पर प्रधान और सचिव को फटकार लगाई। जबकि अनुपस्थित सफाईकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
डीपीआरओ ने बताया कि बघौली क्षेत्र के रक्शा कोल ग्राम पंचायत के तीन राजस्व गांव ओडीएफ घोषित हुए है। रक्शाकोल गांव पहुंच कर शौचालय निर्माण की जांच की। जांच में शौचालय निर्माण में कुछ कमियां मिलीं। जिस पर प्रधान और सचिव दीप श्रीवास्तव को फटकार लगाई। सचिव को निर्देश दिया है कि प्रधान के सहयोग से निर्माण में जो भी कमियां हैं, उसे दूर कराएं।
जांच के दौरान सफाई कर्मी दिलीप कुमार अनुपस्थित पाए गए। सफाई कार्य संतोषजनक नहीं मिला। जिसकी वजह से सफाई कर्मी को निलंबित कर दिया। निलंबित सफाई कर्मी को ब्लॉक मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। जांच में पाया गया कि गांव में बने शतप्रतिशत शौचालयों का उपयोग गांव के लोग कर रहे हैं। खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए चलाए गए अभियान को आगे बढ़ाना है। लोग जागरूक हों और स्वयं शौचालय निर्माण कराने के पश्चात आर्थिक प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीपीआरओ ने बताया कि बघौली क्षेत्र के रक्शा कोल ग्राम पंचायत के तीन राजस्व गांव ओडीएफ घोषित हुए है। रक्शाकोल गांव पहुंच कर शौचालय निर्माण की जांच की। जांच में शौचालय निर्माण में कुछ कमियां मिलीं। जिस पर प्रधान और सचिव दीप श्रीवास्तव को फटकार लगाई। सचिव को निर्देश दिया है कि प्रधान के सहयोग से निर्माण में जो भी कमियां हैं, उसे दूर कराएं।
विज्ञापन
जांच के दौरान सफाई कर्मी दिलीप कुमार अनुपस्थित पाए गए। सफाई कार्य संतोषजनक नहीं मिला। जिसकी वजह से सफाई कर्मी को निलंबित कर दिया। निलंबित सफाई कर्मी को ब्लॉक मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। जांच में पाया गया कि गांव में बने शतप्रतिशत शौचालयों का उपयोग गांव के लोग कर रहे हैं। खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए चलाए गए अभियान को आगे बढ़ाना है। लोग जागरूक हों और स्वयं शौचालय निर्माण कराने के पश्चात आर्थिक प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन करें।
विज्ञापन