{"_id":"68b88473df7a5bde6b039345","slug":"commercial-use-of-tractor-trolleys-is-being-done-indiscriminately-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-137881-2025-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का धड़ल्ले से किया जा रहा व्यावसायिक इस्तेमाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का धड़ल्ले से किया जा रहा व्यावसायिक इस्तेमाल
Wed, 03 Sep 2025 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 03 Sep 2025 11:39 PM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। कृषि कार्य के लिए पंजीकृत कराकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का धड़ल्ले से व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि व्यावसायिक कार्य के लिए 34 ट्रॉलियां ही पंजीकृत हैं। लेकिन यह सड़कों पर अनगिनत दौड़ रही हैं। इनका प्रयोग ईंट-भट्ठे से लेकर भवन सामग्री ढोने में किया जा रहा है। इससे राजस्व का नुकसान हो रहा है। सड़क पर दौड़ रही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का व्यावसायिक प्रयोग करने पर उनका पंजीकरण कराना अनिवार्य है। सरकार ने कृषि क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्राॅली के प्रयोग की अनुमति दे रखी है। जब व्यावसायिक में ट्रैक्टर-ट्राॅली प्रयोग करना हो तो उसके लिए उप संभागीय परिवहन विभाग से पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है।
जिले में हजारों की संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉलियों का प्रयोग व्यवसायिक क्षेत्र में हो रहा है। जबकि जिले में उप संभागीय परिवहन विभाग में सिर्फ 34 ट्रॉलियों का पंजीकरण है। विभागीय जानकारों की माने तो 17 ट्रैक्टर का पंजीकरण व्यावसायिक क्षेत्र के लिए किया गया है। जबकि जनपद में 8,483 ट्रैक्टर का पंजीकरण एआरटीओ में है।
इनमें से अधिकांश ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का उपयोग ईंट-भट्ठा, खनन एवं अन्य व्यावसायिक क्षेत्र में हो रहा है। सड़क पर ट्रैक्टर ट्राॅलियां बेखौफ फर्राटा भर रही हैं, जिनसे हादसे भी हो रहे हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे विभाग के राजस्व का भी काफी नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में हजारों की संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉलियों का प्रयोग व्यवसायिक क्षेत्र में हो रहा है। जबकि जिले में उप संभागीय परिवहन विभाग में सिर्फ 34 ट्रॉलियों का पंजीकरण है। विभागीय जानकारों की माने तो 17 ट्रैक्टर का पंजीकरण व्यावसायिक क्षेत्र के लिए किया गया है। जबकि जनपद में 8,483 ट्रैक्टर का पंजीकरण एआरटीओ में है।
विज्ञापन
इनमें से अधिकांश ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का उपयोग ईंट-भट्ठा, खनन एवं अन्य व्यावसायिक क्षेत्र में हो रहा है। सड़क पर ट्रैक्टर ट्राॅलियां बेखौफ फर्राटा भर रही हैं, जिनसे हादसे भी हो रहे हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे विभाग के राजस्व का भी काफी नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन