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अपने हक के लिए आगे आएं बेटियां, उठाएं आवाज
Sat, 19 Jan 2019 12:49 AM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 19 Jan 2019 12:49 AM IST
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अपने हक के लिए आगे आएं बेटियां, उठाएं आवाज
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। भारत में महिलाएं कानूनी रूप से अन्य देशों की तुलना में अधिक सबल हैं। आधी आबादी के अधिकार को समाज स्वीकार कर रहा है। अब बेटियों को अपने हक के लिए आगे आना होगा, अपनी बात रखनी होगी, तभी पूर्ण अधिकार मिलेगा। ये बातें मेंहदावल तहसीलदार प्रियंका चौधरी ने शुक्रवार को प्रेमलता महिला महाविद्यालय मेंहदावल में अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता के तहत आयोजित कानून की पाठशाला में कहीं।
मुख्य अतिथि प्रियंका चौधरी ने छात्र-छात्राओं को दहेज, महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म, छेड़खानी, गर्भपात, घरेलू हिंसा समेत महिलाओं से जुड़े अन्य कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। कहा कि बेटियां इन प्रावधानों का लाभ तभी ले सकेंगी, जब वे शिक्षित होंगी। पाठशाला में आए विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य व वरिष्ठ अधिवक्ता रामप्रसाद पाठक, दिलीप भट्ट, ब्रह्मदेव राय व जनार्दन पांडेय ने भी बच्चों को कानून की बारीकियां समझाईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनय सिंह ने की। उन्होंने कहा कि बीते दो दशक में महिलाओं की सामाजिक स्थिति में तेजी से बदलाव आया है। कार्यक्रम का संचालन अब्दुल हन्नान ने किया। इस अवसर पर विकास त्रिपाठी, संतोष मिश्रा, बृजेश मौर्या, रूपम सिंह, सुनीता त्रिपाठी समेत शिक्षक व बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
मुख्य अतिथि प्रियंका चौधरी ने छात्र-छात्राओं को दहेज, महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म, छेड़खानी, गर्भपात, घरेलू हिंसा समेत महिलाओं से जुड़े अन्य कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। कहा कि बेटियां इन प्रावधानों का लाभ तभी ले सकेंगी, जब वे शिक्षित होंगी। पाठशाला में आए विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य व वरिष्ठ अधिवक्ता रामप्रसाद पाठक, दिलीप भट्ट, ब्रह्मदेव राय व जनार्दन पांडेय ने भी बच्चों को कानून की बारीकियां समझाईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनय सिंह ने की। उन्होंने कहा कि बीते दो दशक में महिलाओं की सामाजिक स्थिति में तेजी से बदलाव आया है। कार्यक्रम का संचालन अब्दुल हन्नान ने किया। इस अवसर पर विकास त्रिपाठी, संतोष मिश्रा, बृजेश मौर्या, रूपम सिंह, सुनीता त्रिपाठी समेत शिक्षक व बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
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