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Sant Kabir Nagar News: माेटे अनाज ने बदल दी किस्मत...दाम भी मिला, पहचान भी
Sun, 05 Oct 2025 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 05 Oct 2025 11:23 PM IST
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पौली के छितौनी (उमरिया पाण्डेय गांव) अपने प्लांट पर मौजूद अरुण शरण पांडेय। संवाद
रोसयाबाजार। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नए-नए उद्यमी उत्पन्न हो रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं पौली ब्लाॅक के ग्राम पंचायत छितौनी के राजस्व गांव उमरिया पाण्डेय निवासी अरुण शरण पांडेय। अपने गांव में आटा चक्की व ऑयल मिल लगाए हैं। इसे सोलर ऊर्जा के माध्यम से चलाते हैं।
ये अपने ब्रांड के नाम से मोटे अनाज का मिक्स आटा (मल्टी ग्रेन), कोल्ड प्रेस सरसों तेल, मूंगफली तेल, नारियल तेल, तिल का तेल तैयार कर उसकी पैकेजिंग कर बेच रहे हैं। पिछले वित्त वर्ष इनके फर्म को इससे करीब 20 लाख रुपये आय हुई थी।उद्यमी अरुण शरण पाण्डेय ने बताया कि वह स्वयं जैविक खाद से दो एकड़ में मोटे अनाज की प्राकृतिक खेती करते हैं। इसमें गेहूं, सरसों, तिल आदि शामिल है। उत्पादन कम होता है लेकिन यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है।अपनी इकाई में लगे आटा चक्की व ऑयल मिल में मोटे अनाज वाला मिक्स आटा (मल्टी ग्रेन), कोल्ड प्रेस सरसों तेल, मूंगफली तेल, नारियल तेल, तिल का तेल तैयार करते हैं। इसमें से मूंगफली धनघटा बाजार से जबकि नारियल गोरखपुर की मंडी से मंगाते हैं। उसकी पैकेजिंग कर बिक्री करते हैं। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में उन्हें करीब 20 लाख रुपये आय हुई थी। संवाद
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ये अपने ब्रांड के नाम से मोटे अनाज का मिक्स आटा (मल्टी ग्रेन), कोल्ड प्रेस सरसों तेल, मूंगफली तेल, नारियल तेल, तिल का तेल तैयार कर उसकी पैकेजिंग कर बेच रहे हैं। पिछले वित्त वर्ष इनके फर्म को इससे करीब 20 लाख रुपये आय हुई थी।उद्यमी अरुण शरण पाण्डेय ने बताया कि वह स्वयं जैविक खाद से दो एकड़ में मोटे अनाज की प्राकृतिक खेती करते हैं। इसमें गेहूं, सरसों, तिल आदि शामिल है। उत्पादन कम होता है लेकिन यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है।अपनी इकाई में लगे आटा चक्की व ऑयल मिल में मोटे अनाज वाला मिक्स आटा (मल्टी ग्रेन), कोल्ड प्रेस सरसों तेल, मूंगफली तेल, नारियल तेल, तिल का तेल तैयार करते हैं। इसमें से मूंगफली धनघटा बाजार से जबकि नारियल गोरखपुर की मंडी से मंगाते हैं। उसकी पैकेजिंग कर बिक्री करते हैं। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में उन्हें करीब 20 लाख रुपये आय हुई थी। संवाद
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