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कोहरे और गलन से ठिठुरे लोग, फसलों पर खतरा

Tue, 09 Jan 2018 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 09 Jan 2018 11:38 PM IST
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chilling cold
cold wave
संतकबीरनगर। ठंड के साथ कोहरा और ऊपर से बढ़ी गलन ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। मंगलवार को दिन में भी धूप नहीं निकली। जिसकी वजह से लोग ठिठुरे नजर और अलाव का सहारा लिए। कोहरे की वजह से दिन भी लोग वाहनों की लाइट जला कर सफर किए। ठंड के बढ़े प्रभाव से आलू और दलहनी , तिलहनी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका से किसान चिंतित नजर अा रहे हैं। 
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 कोहरे के साथ गलन के प्रभाव की वजह से लोग यहीं कहते सुने जा रहे है कि हाड़ कंपाने वाली ठंड हैं। इसमें छोटे बच्चे और बुजुर्गो के लिए किसी आफत से कम नहीं हैं। कामकाजी महिलाएं और नौकरी पेशे वाले लोगों की दिनचर्या भी लड़खड़ा गई हैं। ट्रेन और बसों की रफ्तार भी थम सी गई हैं।
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कोहरे की वजह से दिन भी लाइट जला कर वाहन सवार यात्रा करने को विवश हैं। किसान घनश्याम पांडेय, लालपत, मिंटू, हरिश्चंद्र चौधरी , नारद पांडेय और ओम प्रकाश आदि ने बताया कि बढ़े कोहरे और गलन के प्रभाव की वजह से खास कर आलू और अरहर की फसल को नुकसान काफी पहुंच रहा हैं।
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नकदी फसल के रुप में आलू की खेती किसान करते हैं। कभी भंडारण की समस्या तो कभी दर कम होने की समस्या तो कभी पाला आलू की फसल को बर्बाद कर दे रहा हैं। जंगली जानवरों से भी आलू की फसल का बचाव करना मुश्किल हैं।

 जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि गिरते तापमान के साथ-साथ आर्र्दता बढ़ने के कारण रबी की फसलों में रोग की आशंका बढ़ गई है। ऐसी दशा में आलू में पिछैती झुलसा, तिलहनी फसलों में माहू एवं पाला से फसल प्रभावित हो सकते हैं। आलू में पिछैती झुलसा से बचाव के लिए जिनेब 75 प्रतिशत डब्लूपी दो किलोग्राम तथा कॉपर आक्सीक्लोराईड 50 प्रतिशत ,ढाई किलोग्राम मात्रा प्रति हेक्टेयर से 750 से 1000 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें।

तिलहनी फसल को माहू से बचाव के लिए किसान एजाडीरैक्टीन अर्थात नीम आयल 0 .15 प्रतिशत ईसी 2 5 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 500 लीटर में घोल कर छिड़काव करें। रासायनिक नियंत्रण के लिए डायोमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी एक लीटर अथवा इमीडाक्लोरोपिड 17. 8 प्रतिशत एसएल 250 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 500- 1000 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करके फसलो को नुकसान से बचाया जा सकता हैं।

अलाव का इंतजाम हुअा, राहत
बखिरा। क्षेत्र के लेडुआ-महुआ, अमरडोभा चौराहा, पश्चिम टोला, दक्षिण मुहल्ला, झुंगिया तोला, बखिरा नाला, पीएचसी आदि स्थानों पर अलाव का इंतजाम होने से ग्रामीणों व राहगीरों को राहत मिली। ग्रामीण रामलखन, हरिराम, ईदू, समीउल्लाह, शकील, बसन्त, नुरुल, राजेश, शायरा, समीना ने कहा कि इन दिनों हाड़तोड़ ठंडक पड़ रही है।


इस रास्ते गुजर रहे राहगीर भी आग से राहत पा रहे हैं। ग्राम प्रधान शमीम अंसारी ने कहा कि ठंड में अलाव जनता की मांग हैं। मानव सेवा प्रत्येक परिस्थितियों में होनी चाहिए। इसी प्रकार से बखिरा कस्बे के मुख्य मार्ग टैक्सी स्टैंड के निकट कुछ जगहों पर सड़क निर्माण करा रहे मेट हरिप्रसाद ने लकड़ी का इंतजाम करके अलाव जलवाया हैं। मेट के इस प्रयास की लोगों ने सराहना की।
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