{"_id":"62b9e92aedf8c11f7156a220","slug":"chief-help-make-nutrition-day-better-khalilabad-news-gkp4418430174","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधान जी! पोषण दिवस को बेहतर बनाने में करें मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधान जी! पोषण दिवस को बेहतर बनाने में करें मदद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधान जी! पोषण दिवस को बेहतर बनाने में करें मदद
सीडीओ ने स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस को सफल बनाने में प्रधानों से मांगी मदद
संतकबीरनगर। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस की हालत बेहद खराब है। एएमएम सेंटर पर गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं हो पा रही है। जबकि हर सेंटर पर आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम की तैनाती है। ऐसे में सीडीओ ने जिले के प्रधानों को पत्र लिखकर एएनएम सेंटर के लिए वजन मापने वाली मशीन, ब्लड प्रेशर, यूरिन, हीमोग्लोबिन की जांच इत्यादि के लिए मशीन की खरीदारी करने की अपील की है, जिससे ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस को बेहतर बनाया जा सके।
सीडीओ सुरेंद्र नाथ मिश्र ने जिले के प्रधानों को पत्र लिखकर कहा है कि करीब 23 करोड़ की जनसंख्या के साथ उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है। भारत का प्रत्येक छठा व्यक्ति उत्तर प्रदेश में है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सतत प्रयास के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्युदर में निरंतर गिरावट देखी जा रही है। सर्वे बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में अब भी प्रति लाख जीवित जन्म पर 167 माताओं की मृत्यु हो जाती है। इसी प्रकार प्रति 1000 जीवित जन्म में 38 शिशुओं की मृत्यु एक वर्ष के पूर्व हो जाती है।
प्रदेश सरकार निरंतर नए चिकित्सकीय इकाइयों की स्थापना, निदान एवं उपचार की नई सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास कर रही है। समुदाय स्तर पर जरूरी स्वास्थ्य एवं पोषण सुविधाएं प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। समुदाय स्तर पर सेवाएं प्रदान करने के लिए ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस के दौरान प्रथम पंक्ति के कार्यकर्ताओं ( एएनएम, आंगनबाड़ी एवं आशा) के जरिए मां एवं बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। यह मामला संज्ञान में आया है कि अनेक स्थानों पर ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस के लिए आवश्यक सुविधाओं तथा उपकरणों का अभाव है। फलस्वरूप एएनएम सेंटर पर गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांचें नहीं हो पा रही हैं। इसके लिए ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस को सुदृढ़ करने तथा प्रसव पूर्व व बाद में महिलाओं और बच्चों की देखभाल के लिए वजन मापने वाली मशीन, ब्लड प्रेशर, यूरिन, हीमोग्लोबिन की जांच के लिए मशीन की मरम्मत और खरीदारी के लिए अनटाइड फंड का प्रयोग कर सकते हैं। संवाद
विज्ञापन
...
संयुक्त हस्ताक्षर से होता है खाते का संचालन
स्वास्थ्य उप केंद्रों एवं ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समितियों तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए अनटाइड फंड का प्रावधान है। उपकेंद्रों तथा ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समितियों के लिए यह धनराशि 10,000 रुपये प्रति वर्ष है। जबकि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए यह धनराशि 30,000 रुपये प्रतिवर्ष है। ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समितियों के बैंक खातों का संचालन ग्राम प्रधान एवं सदस्य सचिव (आशा) के संयुक्त हस्ताक्षर एवं उपकेंद्र स्तरीय अनटाइड फंड के बैंक खाते का संचालन ग्राम प्रधान एवं संबंधित एएनएम के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाता है।
विज्ञापन
सीडीओ ने स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस को सफल बनाने में प्रधानों से मांगी मदद
संतकबीरनगर। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस की हालत बेहद खराब है। एएमएम सेंटर पर गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं हो पा रही है। जबकि हर सेंटर पर आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम की तैनाती है। ऐसे में सीडीओ ने जिले के प्रधानों को पत्र लिखकर एएनएम सेंटर के लिए वजन मापने वाली मशीन, ब्लड प्रेशर, यूरिन, हीमोग्लोबिन की जांच इत्यादि के लिए मशीन की खरीदारी करने की अपील की है, जिससे ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस को बेहतर बनाया जा सके।
सीडीओ सुरेंद्र नाथ मिश्र ने जिले के प्रधानों को पत्र लिखकर कहा है कि करीब 23 करोड़ की जनसंख्या के साथ उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है। भारत का प्रत्येक छठा व्यक्ति उत्तर प्रदेश में है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सतत प्रयास के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्युदर में निरंतर गिरावट देखी जा रही है। सर्वे बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में अब भी प्रति लाख जीवित जन्म पर 167 माताओं की मृत्यु हो जाती है। इसी प्रकार प्रति 1000 जीवित जन्म में 38 शिशुओं की मृत्यु एक वर्ष के पूर्व हो जाती है।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार निरंतर नए चिकित्सकीय इकाइयों की स्थापना, निदान एवं उपचार की नई सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास कर रही है। समुदाय स्तर पर जरूरी स्वास्थ्य एवं पोषण सुविधाएं प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। समुदाय स्तर पर सेवाएं प्रदान करने के लिए ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस के दौरान प्रथम पंक्ति के कार्यकर्ताओं ( एएनएम, आंगनबाड़ी एवं आशा) के जरिए मां एवं बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। यह मामला संज्ञान में आया है कि अनेक स्थानों पर ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस के लिए आवश्यक सुविधाओं तथा उपकरणों का अभाव है। फलस्वरूप एएनएम सेंटर पर गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांचें नहीं हो पा रही हैं। इसके लिए ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस को सुदृढ़ करने तथा प्रसव पूर्व व बाद में महिलाओं और बच्चों की देखभाल के लिए वजन मापने वाली मशीन, ब्लड प्रेशर, यूरिन, हीमोग्लोबिन की जांच के लिए मशीन की मरम्मत और खरीदारी के लिए अनटाइड फंड का प्रयोग कर सकते हैं। संवाद
विज्ञापन
...
संयुक्त हस्ताक्षर से होता है खाते का संचालन
स्वास्थ्य उप केंद्रों एवं ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समितियों तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए अनटाइड फंड का प्रावधान है। उपकेंद्रों तथा ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समितियों के लिए यह धनराशि 10,000 रुपये प्रति वर्ष है। जबकि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए यह धनराशि 30,000 रुपये प्रतिवर्ष है। ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समितियों के बैंक खातों का संचालन ग्राम प्रधान एवं सदस्य सचिव (आशा) के संयुक्त हस्ताक्षर एवं उपकेंद्र स्तरीय अनटाइड फंड के बैंक खाते का संचालन ग्राम प्रधान एवं संबंधित एएनएम के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाता है।