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Sant Kabir Nagar News: सूफी निजामुद्दीन के खानकाह पर की गई चादरपोशी
Fri, 24 Oct 2025 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 24 Oct 2025 12:08 AM IST
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अगया में आयोजित सूफी निजामुद्दीन के उर्स पर अकीदतमंदों ने चादरपोशी के लिए जाते हुए । स्रोत - आय
सेमरियावां। ब्लाॅक के अगया गांव में आयोजित प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान खतीबुल बराहीन अलहाज शाह हजरत मोहम्मद सूफी निजामुद्दीन साहब का दो दिवसीय तेरहवां उर्स-ए-निजामी बृहस्पतिवार को अकीदत व एहतराम के साथ शुरू हुआ।
उर्स पर खानकाह के सज्जादा नसीन हजरत मौलाना हबीबुर्रहमान की अगुवाई में नमाज-ए-जोहर की गई। इसके बाद मकान से मुरीदो, जायरीनों व क्षेत्र के विभिन्न गांव से निकाली गई चादरों को लेकर लोग जुलूस में उपस्थित होते हुए नारे तकबीर की सदाएं बुलंद करते अल्लाहो अकबर व नारे रेसालत की सदाएं लगाते हुए परंपरागत तरीके से जुलूस में शरीक होकर चादरपोशी कर उर्स का आगाज किया। चादरपोशी के बाद उनकी खानकाह पर मुल्क में अमन-चैन कायम रहने की दुआएं मांगी।
प्रख्यात इस्लामिक विद्वान हजरत सूफी निजामुद्दीन का उर्स ए निजामी नमाज फजर के बाद कुरान ख्वानी से शुरू हुआ। कुरान ख्वानी के बाद सूफी साहब की जिंदगी पर प्रकाश डाला गया। हजरत मोहम्मद सूफी निजामुद्दीन साहब की शान में शायरों द्वारा ने नात-ए-पाक पढ़ा गया वहां मौजूद सभी अकीदतमंद झूम उठे। इस दौरान भारी संख्या में देश के कोने कोने से आए जायरीन मौजूद रहे।
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नमाज-ए-जोहर के बाद खानकाह के सज्जादानशीन हजरत मौलाना हबीबुर्रहमान की अगुवाई में हजारों की संख्या में पहुंचे जायरीनों तथा अकीदतमंदों ने जूलूस निकालकर मजार पर चादरपोशी की और फातेहा पढ़ा। इसके बाद सालाना उर्स में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न प्रांतों मध्य प्रदेश,गुजरात, राजस्थान, अहमदाबाद, मुम्बई,गोवा, कोलकाता, बिहार, बंगाल, दिल्ली, नेपाल देश के बड़ी संख्या में पहुंचे मुरीद और अकीदतमंदों ने चादर और गुल पोशी की।
आयोजन कमेटी में मौलाना सनाउल मुस्तफा निजामी, हाफिज महबूब, हाजी फखरूल हसन खान, हाजी समीउल्लाह निजामी, समीउल्लाह, फरहान निजामी गोवा, हाजी रमजानी मंदसौर, हाजी जुबेर खान, हाजी नवाब, हाजी मुजफ्फर हुसैन, हाजी समीउल्लाह निजामी, सेठ यूनुस खान, सेराज खान, मो. अहमद, इरफान आदि मौजूद रहे।
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उर्स पर खानकाह के सज्जादा नसीन हजरत मौलाना हबीबुर्रहमान की अगुवाई में नमाज-ए-जोहर की गई। इसके बाद मकान से मुरीदो, जायरीनों व क्षेत्र के विभिन्न गांव से निकाली गई चादरों को लेकर लोग जुलूस में उपस्थित होते हुए नारे तकबीर की सदाएं बुलंद करते अल्लाहो अकबर व नारे रेसालत की सदाएं लगाते हुए परंपरागत तरीके से जुलूस में शरीक होकर चादरपोशी कर उर्स का आगाज किया। चादरपोशी के बाद उनकी खानकाह पर मुल्क में अमन-चैन कायम रहने की दुआएं मांगी।
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प्रख्यात इस्लामिक विद्वान हजरत सूफी निजामुद्दीन का उर्स ए निजामी नमाज फजर के बाद कुरान ख्वानी से शुरू हुआ। कुरान ख्वानी के बाद सूफी साहब की जिंदगी पर प्रकाश डाला गया। हजरत मोहम्मद सूफी निजामुद्दीन साहब की शान में शायरों द्वारा ने नात-ए-पाक पढ़ा गया वहां मौजूद सभी अकीदतमंद झूम उठे। इस दौरान भारी संख्या में देश के कोने कोने से आए जायरीन मौजूद रहे।
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नमाज-ए-जोहर के बाद खानकाह के सज्जादानशीन हजरत मौलाना हबीबुर्रहमान की अगुवाई में हजारों की संख्या में पहुंचे जायरीनों तथा अकीदतमंदों ने जूलूस निकालकर मजार पर चादरपोशी की और फातेहा पढ़ा। इसके बाद सालाना उर्स में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न प्रांतों मध्य प्रदेश,गुजरात, राजस्थान, अहमदाबाद, मुम्बई,गोवा, कोलकाता, बिहार, बंगाल, दिल्ली, नेपाल देश के बड़ी संख्या में पहुंचे मुरीद और अकीदतमंदों ने चादर और गुल पोशी की।
आयोजन कमेटी में मौलाना सनाउल मुस्तफा निजामी, हाफिज महबूब, हाजी फखरूल हसन खान, हाजी समीउल्लाह निजामी, समीउल्लाह, फरहान निजामी गोवा, हाजी रमजानी मंदसौर, हाजी जुबेर खान, हाजी नवाब, हाजी मुजफ्फर हुसैन, हाजी समीउल्लाह निजामी, सेठ यूनुस खान, सेराज खान, मो. अहमद, इरफान आदि मौजूद रहे।