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Sant Kabir Nagar News: केयरवेल हॉस्पिटल के प्रबंधक, डॉक्टर व आशा पर दर्ज होगा केस
Mon, 18 Dec 2023 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 18 Dec 2023 12:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। केयरवेल हॉस्पिटल के संचालक, डॉक्टर, कर्मचारी और आशा के खिलाफ बखिरा थाने में केस दर्ज होगा। यह आदेश न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन व एसीजेएम श्वेता श्रीवास्तव की कोर्ट ने सुनाया। पीड़ित ने पुलिस से न्याय न मिलने की दशा में कोर्ट में अर्जी डाली थी। जिस पर सुनवाई के बाद यह फैसला दिया।
अधिवक्ता हर्षित कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सिद्धार्थनगर के बांसी के मरवटिया चैनपुर निवासी शकील अहमद ने कोर्ट में अर्जी डाली थी। कहा कि विवाह 2011 में बखिरा के लेदवा श्रीपाल निवासी फातिमा खातून से हुई थी। विवाह के लगभग 12 वर्ष बाद पत्नी फातिमा काफी इलाज कराने के बाद गर्भवती हुई। जब प्रसव का समय हुआ तो वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांथा ले गया। वहां दिखाने के बाद डाॅक्टरों ने कहा कि आपरेशन की जरूरत पड़ सकती है। हमारे आपरेशन करने की सुविधा नहीं है। आप कहीं और ले जा सकते हैं। इसे ससुराल ले गए। वहां की आशा बच्चा पैदा कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साथ लेकर आई थी, परंतु जब वहां से जवाब हो गया। इसके बाद आशा ने निजी अस्पताल के बारे में बताया। कहा कि ऑपरेशन बहुत अच्छे ढंग से होता है। वह केयरवेल हॉस्पिटल नंदौर पर फोन करके प्राइवेट एंबुलेंस बुला लिया और पत्नी फातिमा को 11 अक्तूबर रात 10 बजे लेकर पहुंची। वहां पर रात तीन बजे डॉक्टर चंदेश्वर गुप्ता ने ऑपरेशन कर दिया गया। वहां किसी डॉक्टर के पास सर्जन व कोई सक्षम योग्यता नहीं है। इस कारण पत्नी की हालत काफी गंभीर है। प्रसव के दस मिनट के बाद नवजात की मौत हो गई। वह रात भर एंबुलेंस में बच्चे को लेकर खलीलाबाद से बस्ती दौड़ते रहे। बाद में डॉक्टर ने कहा कि ले जाकर बच्चों को कहीं दफना दो इसकी मृत्यु हो गई है। डॉक्टर और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया तो उसकी पिटाई की गई। अस्पताल से भगा दिया गया। कहा कि तुम्हारी पत्नी अभी भर्ती है यदि उसका भला चाहते तो चुपचाप चल जाओ। उसने शिकायत सीएमओ और डीएम से की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएमओ ने भेजकर लापरवाही पर केयर हॉस्पिटल को 17 अक्तूबर को सील कर दिया गया। ऐसी दशा में डाॅ. चंदेश्वर गुप्ता प्रबंधक केयर वेल हॉस्पिटल व अन्य डाॅक्टर व कर्मचारी तथा आशा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाना आवश्यक है। घटना की सूचना थाना बखिरा को दिया। एसपी संत कबीर नगर को पत्र रजिस्ट्री कर कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने थानाध्यक्ष बखिरा को केस दर्ज करने का आदेश दिया।
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संतकबीरनगर। केयरवेल हॉस्पिटल के संचालक, डॉक्टर, कर्मचारी और आशा के खिलाफ बखिरा थाने में केस दर्ज होगा। यह आदेश न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन व एसीजेएम श्वेता श्रीवास्तव की कोर्ट ने सुनाया। पीड़ित ने पुलिस से न्याय न मिलने की दशा में कोर्ट में अर्जी डाली थी। जिस पर सुनवाई के बाद यह फैसला दिया।
अधिवक्ता हर्षित कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सिद्धार्थनगर के बांसी के मरवटिया चैनपुर निवासी शकील अहमद ने कोर्ट में अर्जी डाली थी। कहा कि विवाह 2011 में बखिरा के लेदवा श्रीपाल निवासी फातिमा खातून से हुई थी। विवाह के लगभग 12 वर्ष बाद पत्नी फातिमा काफी इलाज कराने के बाद गर्भवती हुई। जब प्रसव का समय हुआ तो वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांथा ले गया। वहां दिखाने के बाद डाॅक्टरों ने कहा कि आपरेशन की जरूरत पड़ सकती है। हमारे आपरेशन करने की सुविधा नहीं है। आप कहीं और ले जा सकते हैं। इसे ससुराल ले गए। वहां की आशा बच्चा पैदा कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साथ लेकर आई थी, परंतु जब वहां से जवाब हो गया। इसके बाद आशा ने निजी अस्पताल के बारे में बताया। कहा कि ऑपरेशन बहुत अच्छे ढंग से होता है। वह केयरवेल हॉस्पिटल नंदौर पर फोन करके प्राइवेट एंबुलेंस बुला लिया और पत्नी फातिमा को 11 अक्तूबर रात 10 बजे लेकर पहुंची। वहां पर रात तीन बजे डॉक्टर चंदेश्वर गुप्ता ने ऑपरेशन कर दिया गया। वहां किसी डॉक्टर के पास सर्जन व कोई सक्षम योग्यता नहीं है। इस कारण पत्नी की हालत काफी गंभीर है। प्रसव के दस मिनट के बाद नवजात की मौत हो गई। वह रात भर एंबुलेंस में बच्चे को लेकर खलीलाबाद से बस्ती दौड़ते रहे। बाद में डॉक्टर ने कहा कि ले जाकर बच्चों को कहीं दफना दो इसकी मृत्यु हो गई है। डॉक्टर और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया तो उसकी पिटाई की गई। अस्पताल से भगा दिया गया। कहा कि तुम्हारी पत्नी अभी भर्ती है यदि उसका भला चाहते तो चुपचाप चल जाओ। उसने शिकायत सीएमओ और डीएम से की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएमओ ने भेजकर लापरवाही पर केयर हॉस्पिटल को 17 अक्तूबर को सील कर दिया गया। ऐसी दशा में डाॅ. चंदेश्वर गुप्ता प्रबंधक केयर वेल हॉस्पिटल व अन्य डाॅक्टर व कर्मचारी तथा आशा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाना आवश्यक है। घटना की सूचना थाना बखिरा को दिया। एसपी संत कबीर नगर को पत्र रजिस्ट्री कर कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने थानाध्यक्ष बखिरा को केस दर्ज करने का आदेश दिया।
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