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Sant Kabir Nagar News: चिकित्सक दंपती समेत चार पर केस
Sat, 28 Sep 2024 01:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 28 Sep 2024 01:20 AM IST
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- निजी हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। नगर के कांटी वार्ड के टेडुवा मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति की तहरीर पर पुलिस ने एक निजी अस्पताल के महिला चिकित्सक, उनके पति और अस्पताल के दो कर्मियों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। नवजात के पिता ने चिकित्सक पर लापरवाही और बच्चों की मौत का आरोप लगाया है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद देर रात पुलिस ने केस दर्ज किया।
मेंहदावल नगर के बीएम सिटी मार्ग स्थित सियर में दिव्या देव अस्पताल एंड मैटरनिटी केंद्र संचालित होता है। आशीष मिश्रा पुत्र मोहरत मिश्रा ने पुलिस को दिए तहरीर में कहा है कि पत्नी मंजुला गर्भवती थी जिनका दो माह से दिव्या देव अस्पताल में इलाज चल रहा था। 21 सितंबर को रात करीब 11 बजे पत्नी को हल्का दर्द व रक्तस्राव होने लगा। जिस पर अस्पताल पहुंच कर डॉक्टर अर्चना त्रिपाठी और उनके पति डॉ लोकेश त्रिपाठी को बताया।
दोनों अस्पताल कर्मी जावेद को इंजेक्शन लगाने के लिए घर भेजे। इंजेक्शन लगने के एक घंटे बाद दर्द और रक्तस्राव तेज होने लगा। वह पत्नी को लेकर उक्त अस्पताल पर पहुंचे और एडमिट कराया। दोनों डॉक्टर मरीज को देखने तक नहीं आए। जिस कारण करीब देर रात तीन बजे पत्नी के पेट से बच्चा मरा पैदा हुआ।
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आशीष का आरोप है कि पत्नी को डिस्चार्ज करने लगा तब 20,000 हजार रुपये की मांग होने लगी और मरा बच्चा भी अस्पताल कर्मी ले लिए। लोगों ने यह कहा कि जब तक धनराशि का भुगतान नहीं कर देते तब तक बच्चा नहीं मिलेगा। जब 20,000 जमा किए तब मृत बच्चे को सौंपा गया।
इस मामले को लेकर पीड़ित ने डीएम और सीएमओ को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। डीएम के निर्देश पर बुधवार को तहसीलदार मेंहदावल ने नवजात शिशु के गाड़े गए शव को निकलवा कर पुलिस के माध्यम से पंचनामा करते हुए पीएम के लिए भेजा था। पीएम रिपोर्ट स्पष्ट न आने पर बिसरा प्रिजर्व कर दिया गया।
एसओ रामकृपाल सिंह ने बताया कि देर रात आशीष मिश्रा की तहरीर पर अस्पताल के संचालक, डॉक्टर लोकेश त्रिपाठी उनकी पत्नी डॉक्टर अर्चना त्रिपाठी और अस्पताल के दो कर्मी जावेद व कार्तिक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। नगर के कांटी वार्ड के टेडुवा मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति की तहरीर पर पुलिस ने एक निजी अस्पताल के महिला चिकित्सक, उनके पति और अस्पताल के दो कर्मियों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। नवजात के पिता ने चिकित्सक पर लापरवाही और बच्चों की मौत का आरोप लगाया है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद देर रात पुलिस ने केस दर्ज किया।
मेंहदावल नगर के बीएम सिटी मार्ग स्थित सियर में दिव्या देव अस्पताल एंड मैटरनिटी केंद्र संचालित होता है। आशीष मिश्रा पुत्र मोहरत मिश्रा ने पुलिस को दिए तहरीर में कहा है कि पत्नी मंजुला गर्भवती थी जिनका दो माह से दिव्या देव अस्पताल में इलाज चल रहा था। 21 सितंबर को रात करीब 11 बजे पत्नी को हल्का दर्द व रक्तस्राव होने लगा। जिस पर अस्पताल पहुंच कर डॉक्टर अर्चना त्रिपाठी और उनके पति डॉ लोकेश त्रिपाठी को बताया।
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दोनों अस्पताल कर्मी जावेद को इंजेक्शन लगाने के लिए घर भेजे। इंजेक्शन लगने के एक घंटे बाद दर्द और रक्तस्राव तेज होने लगा। वह पत्नी को लेकर उक्त अस्पताल पर पहुंचे और एडमिट कराया। दोनों डॉक्टर मरीज को देखने तक नहीं आए। जिस कारण करीब देर रात तीन बजे पत्नी के पेट से बच्चा मरा पैदा हुआ।
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आशीष का आरोप है कि पत्नी को डिस्चार्ज करने लगा तब 20,000 हजार रुपये की मांग होने लगी और मरा बच्चा भी अस्पताल कर्मी ले लिए। लोगों ने यह कहा कि जब तक धनराशि का भुगतान नहीं कर देते तब तक बच्चा नहीं मिलेगा। जब 20,000 जमा किए तब मृत बच्चे को सौंपा गया।
इस मामले को लेकर पीड़ित ने डीएम और सीएमओ को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। डीएम के निर्देश पर बुधवार को तहसीलदार मेंहदावल ने नवजात शिशु के गाड़े गए शव को निकलवा कर पुलिस के माध्यम से पंचनामा करते हुए पीएम के लिए भेजा था। पीएम रिपोर्ट स्पष्ट न आने पर बिसरा प्रिजर्व कर दिया गया।
एसओ रामकृपाल सिंह ने बताया कि देर रात आशीष मिश्रा की तहरीर पर अस्पताल के संचालक, डॉक्टर लोकेश त्रिपाठी उनकी पत्नी डॉक्टर अर्चना त्रिपाठी और अस्पताल के दो कर्मी जावेद व कार्तिक के खिलाफ केस दर्ज किया है।