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टीईटी शुरू होने के एक घंटे में ही निरस्त, परीक्षार्थियों ने किया हंगामा
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टीईटी शुरू होने के एक घंटे में ही निरस्त, परीक्षार्थियों ने किया हंगामा
- जिल के 16 केंद्रों पर आयोजित थी शिक्षक पात्रता परीक्षा
- पेपर लीक होने के चलते शासन ने निरस्त कर दी परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शिक्षक पात्रता परीक्षा रविवार को जिले के 16 केंद्रों पर शुरू हुई। पहली पाली की परीक्षा शुरू हुए एक घंटे भी नहीं हुआ था कि पेपर लीक होने की सूचना मिली और शासन के निर्देश पर परीक्षा निरस्त कर दी गई। जिससे परीक्षार्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने किसी तरह से परीक्षार्थियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
परीक्षा सुबह 10.30 बजे शुरू हुई। परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्न पत्र और ओआरएम सीट का वितरण किया गया था। उसी दौरान सूचना मिली कि टीईटी का प्रश्न पत्र मेरठ में लीक हो गया है। इसे देखते हुए शासन ने तत्काल पूरे प्रदेश में परीक्षा निरस्त कर दिया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी सक्रिय हो गए। परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। परीक्षार्थियों से ओआरएम सीट जमा करा लिया गया और परीक्षा निरस्त होने की सूचना देते हुए उन्हें वापस घर जाने को कहा गया। एचआर इंटर कॉलेज और कूड़ीलाल रूंगटा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज खलीलाबाद में परीक्षार्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। परीक्षार्थी वीरेंद्र चौहान, दिलीप और आशुतोष आदि का कहना था कि वे तीन माह से दिन रात परीक्षा की तैयारी किए थे और जब परीक्षा देने की बारी आई तो परीक्षा निरस्त कर दिया गया। अगर पेपर लीक हो रहा है तो यह व्यवस्था की लापरवाही है। इसमें जो भी दोषी हो उस पर कार्रवाई की जाए। डीआईओएस गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि टीईटी का प्रश्न पत्र लीक होने के चलते परीक्षा निरस्त कर दी गई है। परीक्षार्थियों से ओआरएम सीट जमा करा लिया गया है।
परीक्षार्थियों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
संतकबीरनगर। एचआर इंटर कॉलेज खलीलाबाद पर टीईटी देने आए विजय यादव, नूर आलम सिद्दीकी, विभव उपाध्याय और शैलेश मिश्र ने कहा कि वे तीन माह से कोचिंग में परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। जब परीक्षा देने की बारी आई तो परीक्षा निरस्त कर दिया गया। सरकार को पूरी तैयारी के साथ ही परीक्षा की तिथि घोषित करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि लगातार कई परीक्षाओं का यही हाल रहा है। आखिर इतनी गोपनीयता के बार पेपर कैसे लीक हो रहा है। कही न कही इसमें जिम्मेदारों की लापरवाही है।
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राजनीतिक दलों ने सरकार की लापरवाही बताया
संतकबीरनगर। टीईटी निरस्त होने पर सपा के जिला उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि आज एक बार फिर टेट परीक्षा शिक्षा माफियाओं के भ्रष्टाचार और सरकार की नाकामी का शिकार हुआ है, जो परीक्षार्थी वर्षों से तैयारी किए थे उनका क्या दोष है। शिक्षा माफिया सिर्फ धनार्जन के लिए देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। ऐसे देश एवं समाजद्रोहियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेेस नेता डॉ अमरेंद्र पांडेय ने कहा कि टीईटी लीक में सरकार की बड़ी नाकामी है। प्रदेश सरकार रोजगार विरोधी व युवाओं के सपने को कुचलने वाली सरकार है। शिक्षक महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष समय देव पांडेय ने परीक्षा नियामक आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग से मांग की कि परीक्षा ड्यूटी करने वाले प्रदेश के समस्त अध्यापकों को ड्यूटी का मानदेय अविलंब दिया जाए।
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- जिल के 16 केंद्रों पर आयोजित थी शिक्षक पात्रता परीक्षा
- पेपर लीक होने के चलते शासन ने निरस्त कर दी परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शिक्षक पात्रता परीक्षा रविवार को जिले के 16 केंद्रों पर शुरू हुई। पहली पाली की परीक्षा शुरू हुए एक घंटे भी नहीं हुआ था कि पेपर लीक होने की सूचना मिली और शासन के निर्देश पर परीक्षा निरस्त कर दी गई। जिससे परीक्षार्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने किसी तरह से परीक्षार्थियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
परीक्षा सुबह 10.30 बजे शुरू हुई। परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्न पत्र और ओआरएम सीट का वितरण किया गया था। उसी दौरान सूचना मिली कि टीईटी का प्रश्न पत्र मेरठ में लीक हो गया है। इसे देखते हुए शासन ने तत्काल पूरे प्रदेश में परीक्षा निरस्त कर दिया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी सक्रिय हो गए। परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। परीक्षार्थियों से ओआरएम सीट जमा करा लिया गया और परीक्षा निरस्त होने की सूचना देते हुए उन्हें वापस घर जाने को कहा गया। एचआर इंटर कॉलेज और कूड़ीलाल रूंगटा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज खलीलाबाद में परीक्षार्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। परीक्षार्थी वीरेंद्र चौहान, दिलीप और आशुतोष आदि का कहना था कि वे तीन माह से दिन रात परीक्षा की तैयारी किए थे और जब परीक्षा देने की बारी आई तो परीक्षा निरस्त कर दिया गया। अगर पेपर लीक हो रहा है तो यह व्यवस्था की लापरवाही है। इसमें जो भी दोषी हो उस पर कार्रवाई की जाए। डीआईओएस गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि टीईटी का प्रश्न पत्र लीक होने के चलते परीक्षा निरस्त कर दी गई है। परीक्षार्थियों से ओआरएम सीट जमा करा लिया गया है।
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परीक्षार्थियों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
संतकबीरनगर। एचआर इंटर कॉलेज खलीलाबाद पर टीईटी देने आए विजय यादव, नूर आलम सिद्दीकी, विभव उपाध्याय और शैलेश मिश्र ने कहा कि वे तीन माह से कोचिंग में परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। जब परीक्षा देने की बारी आई तो परीक्षा निरस्त कर दिया गया। सरकार को पूरी तैयारी के साथ ही परीक्षा की तिथि घोषित करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि लगातार कई परीक्षाओं का यही हाल रहा है। आखिर इतनी गोपनीयता के बार पेपर कैसे लीक हो रहा है। कही न कही इसमें जिम्मेदारों की लापरवाही है।
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राजनीतिक दलों ने सरकार की लापरवाही बताया
संतकबीरनगर। टीईटी निरस्त होने पर सपा के जिला उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि आज एक बार फिर टेट परीक्षा शिक्षा माफियाओं के भ्रष्टाचार और सरकार की नाकामी का शिकार हुआ है, जो परीक्षार्थी वर्षों से तैयारी किए थे उनका क्या दोष है। शिक्षा माफिया सिर्फ धनार्जन के लिए देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। ऐसे देश एवं समाजद्रोहियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेेस नेता डॉ अमरेंद्र पांडेय ने कहा कि टीईटी लीक में सरकार की बड़ी नाकामी है। प्रदेश सरकार रोजगार विरोधी व युवाओं के सपने को कुचलने वाली सरकार है। शिक्षक महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष समय देव पांडेय ने परीक्षा नियामक आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग से मांग की कि परीक्षा ड्यूटी करने वाले प्रदेश के समस्त अध्यापकों को ड्यूटी का मानदेय अविलंब दिया जाए।