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Sant Kabir Nagar News: बस अड्डा बंद, सरकारी जमीन धंधेबाजों के कब्जे में
Fri, 11 Jul 2025 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 11 Jul 2025 11:36 PM IST
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खलीलाबाद रेलवे स्टेशन की जमीन पर अवैध कब्जा।
संतकबीरनगर। परिवहन निगम अपनी प्रापर्टी बचाने में पूरी तरह से नाकाम है। खलीलाबाद शहर के रेलवे स्टेशन केे विधियानी मार्ग पर परिवहन निगम की अपनी प्रॉपर्टी है। जमीन पर कब्जेदारों का धीरे-धीरे कब्जा बढ़ता जा रहा है। लिखित शिकायत के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क पविहन निगम की लगभग एक एकड़ जमीन खलीलाबाद रेलवे स्टेशन मोड़ के पास है। जानकारों की मानें तो वहां पर पहले बस अड्डा संचालित होता रहा है। बस अड्डा बंद होने के बाद इसी जमीन पर पुलिस लाइंस भी कुछ समय के लिए चला रहा था। पुलिस लाइंस कलेक्ट्रेट के पास शिफ्ट होने के बाद जमीन पूरी तरह से खाली हो गई। इस जमीन पर अब कब्जेदारों की नजर पड़ गई है। जमीन का कुछ हिस्सा कब्जा कर लिया गया है।
खाली हिस्से पर भी कब्जेदारों की नजर गड़ी हुई है। इसी खाली जमीन को व्यवसायिक प्रयोग करके कुछ लोग लाखों रुपये कमा रहे हैं। इसके बाद भी किसी अधिकारी की नजर इस पर नहीं पड़ रहा है। निगम के तमाम कर्मी आए और बहुत से सेवानिवृत्त होकर विभाग से चले गए। इसके बाद भी जिम्मेदारी जमीन को खाली नहीं करा सके। विभागीय उच्चाधिकारी भी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के प्रति उदासीन बने हुए हैं।
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क पविहन निगम की लगभग एक एकड़ जमीन खलीलाबाद रेलवे स्टेशन मोड़ के पास है। जानकारों की मानें तो वहां पर पहले बस अड्डा संचालित होता रहा है। बस अड्डा बंद होने के बाद इसी जमीन पर पुलिस लाइंस भी कुछ समय के लिए चला रहा था। पुलिस लाइंस कलेक्ट्रेट के पास शिफ्ट होने के बाद जमीन पूरी तरह से खाली हो गई। इस जमीन पर अब कब्जेदारों की नजर पड़ गई है। जमीन का कुछ हिस्सा कब्जा कर लिया गया है।
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खाली हिस्से पर भी कब्जेदारों की नजर गड़ी हुई है। इसी खाली जमीन को व्यवसायिक प्रयोग करके कुछ लोग लाखों रुपये कमा रहे हैं। इसके बाद भी किसी अधिकारी की नजर इस पर नहीं पड़ रहा है। निगम के तमाम कर्मी आए और बहुत से सेवानिवृत्त होकर विभाग से चले गए। इसके बाद भी जिम्मेदारी जमीन को खाली नहीं करा सके। विभागीय उच्चाधिकारी भी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के प्रति उदासीन बने हुए हैं।
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