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Sant Kabir Nagar News: महुली से खलीलाबाद की बस सेवा बंद... यात्रियों की बढ़ी परेशानी
Sat, 30 Nov 2024 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 30 Nov 2024 11:32 PM IST
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धनघटा। महुली से परिवहन निगम की एक बस चलती थी। यह बस खलीलाबाद होकर गोरखपुर तक जाती थी, लेकिन छह माह पूर्व बस का संचालन बंद कर दिया गया। जिसके कारण इस क्षेत्र के यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। मजबूरी में लोग निजी वाहनों से अधिक किराया देकर गंतव्य तक आने-जाने को मजबूर हैं।
महुली कस्बे में वैसे भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यहां न ही टेक्निकल काॅलेज है और न ही कोई कल कारखाना ही स्थापित हो सका है। यहां से जिला मुख्यालय और मंडल मुख्यालय तक जाने के परिवहन निगम की एक भी बस तक नहीं चल रही है।
लोगों को मंडल या जिला मुख्यालय तक जाने के लिए टेंपो का ही एक मात्र सहारा है। लोगों ने की बार परिवहन निगम और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है। इतना ही नहीं पहले महुली से गोरखपुर तक चलने वाली परिवहन निगम की बस भी बंद कर दिया गया है।
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करीब 15 हजार की आबादी वाले महुली कस्बा से जिला मुख्यालय की दूरी करीब 17 किलोमीटर है। बस न चलने से प्राइवेट वाहन चालक 60 रुपये किराया ले रहे हैं। वहीं बस्ती मंडल मुख्यालय की दूरी 33 किलोमीटर है, जिसका किराया 100 रुपये हैं। महुली क्षेत्र से प्रतिदिन करीब तीन से चार सौ लोगों को जिला मुख्यालय और इतनी ही संख्या में मंडल मुख्यालय के लिए आना- जाना होता है। इसमें व्यापारी, मरीज, छात्र- छात्रा व अन्य लोग शामिल हैं। परिवहन निगम की बस न चलने के कारण डग्गामार वाहन चालक यात्रियों का शोषण कर रहे हैं। इतना ही नहीं विरोध करने पर टेंपो चालक मारपीट भी करते हैं। क्षेत्र के हरिप्रसाद द्विवेदी, ग्रीस चंद्र मिश्र, दीपक लाल वर्मा, ओंमकार नाथ मद्धेशिया, महेश यादव, अब्दुल रब खां, मोहम्मद हुसेन सिद्दीकी, पंडित बिपुल मिश्र, अशोक मिश्र ने कहा कि बस सेवा संचालित न होने से आने- जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन लोगों को महुली कस्बे से बस चलवाने जाने की मांग किया है।
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महुली कस्बे में वैसे भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यहां न ही टेक्निकल काॅलेज है और न ही कोई कल कारखाना ही स्थापित हो सका है। यहां से जिला मुख्यालय और मंडल मुख्यालय तक जाने के परिवहन निगम की एक भी बस तक नहीं चल रही है।
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लोगों को मंडल या जिला मुख्यालय तक जाने के लिए टेंपो का ही एक मात्र सहारा है। लोगों ने की बार परिवहन निगम और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है। इतना ही नहीं पहले महुली से गोरखपुर तक चलने वाली परिवहन निगम की बस भी बंद कर दिया गया है।
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करीब 15 हजार की आबादी वाले महुली कस्बा से जिला मुख्यालय की दूरी करीब 17 किलोमीटर है। बस न चलने से प्राइवेट वाहन चालक 60 रुपये किराया ले रहे हैं। वहीं बस्ती मंडल मुख्यालय की दूरी 33 किलोमीटर है, जिसका किराया 100 रुपये हैं। महुली क्षेत्र से प्रतिदिन करीब तीन से चार सौ लोगों को जिला मुख्यालय और इतनी ही संख्या में मंडल मुख्यालय के लिए आना- जाना होता है। इसमें व्यापारी, मरीज, छात्र- छात्रा व अन्य लोग शामिल हैं। परिवहन निगम की बस न चलने के कारण डग्गामार वाहन चालक यात्रियों का शोषण कर रहे हैं। इतना ही नहीं विरोध करने पर टेंपो चालक मारपीट भी करते हैं। क्षेत्र के हरिप्रसाद द्विवेदी, ग्रीस चंद्र मिश्र, दीपक लाल वर्मा, ओंमकार नाथ मद्धेशिया, महेश यादव, अब्दुल रब खां, मोहम्मद हुसेन सिद्दीकी, पंडित बिपुल मिश्र, अशोक मिश्र ने कहा कि बस सेवा संचालित न होने से आने- जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन लोगों को महुली कस्बे से बस चलवाने जाने की मांग किया है।