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दलित अत्याचार के पीड़ितों की मदद में रोड़ा बना बजट
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Mon, 05 Feb 2018 11:15 PM IST
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संतकबीरनगर। दलित अत्याचार के पीड़ितों को बजट के अभाव में सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही है। गोरखपुर परिक्षेत्र के तीनों मंडलों में 810 पीड़ित हैं, जिन्हें आर्थिक मदद का इंतजार हैं। उसमें संतकबीरनगर जिले के रहने वाले 77 पीड़ित शामिल हैं। सिर्फ संतकबीरनगर के पीड़ितों को आर्थिक मदद के लिए 8777 लाख रुपये की जरूरत है। जिला समाज कल्याण अधिकारी की ओर से बजट उपलब्ध कराने के लिए शासन को मांग पत्र भेजा गया है।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के ऐसे लोग जिनकी हत्या हो जाती है, उनके आश्रितों को 8 लाख 25 हजार, दुष्कर्म के मामले में पीड़िता को 3 लाख और मारपीट में सामान्य घायल होने वालों को 75 हजार रुपये मुकदमा दर्ज होने के बाद शासन की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है। इसके लिए पुलिस की ओर से जिला समाज कल्याण विभाग को रिपोर्ट प्रेषित की जाती है। उसके बाद समाज कल्याण विभाग पीड़ितों को आर्थिक मदद के लिए शासन से बजट की मांग करता है। आलम यह है कि गोरखपुर परिक्षेत्र में वर्ष 2017 के ऐसे 810 मामलों के पीड़ितों को अभी तक सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है।
जिसमें गोरखपुर जनपद के 274, कुशीनगर के 11, महराजगंज के 89, बस्ती के 94, सिद्धार्थनगर के 78, संतकबीरनगर के 77, गोंडा के 42, बहराइच के 64, श्रावस्ती के 53 और बलरामपुर के 28 मामलों में पीड़ित आर्थिक मदद पाने से वंचित हैं। आईजी गोरखपुर परिक्षेत्र की ओर से जिला समाज कल्याण विभाग को भेजे गए रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर मंडल में 374, बस्ती मंडल में 249 और देवीपाटन मंडल में 187 पीड़ितों को आर्थिक मदद अभी तक नहीं मिल सकी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी उमाकांत शुक्ल ने बताया कि दलित अत्याचार के 77 पीड़ितों को आर्थिक मदद देने के लिए 8774 लाख रुपये की मांग शासन से की गई हे। बजट मिलने में देरी होने से रिमांडर भी भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही बजट मिल जाएगा, उसके बाद पीड़ितों को आर्थिक मदद दे दी जाएगी।
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अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के ऐसे लोग जिनकी हत्या हो जाती है, उनके आश्रितों को 8 लाख 25 हजार, दुष्कर्म के मामले में पीड़िता को 3 लाख और मारपीट में सामान्य घायल होने वालों को 75 हजार रुपये मुकदमा दर्ज होने के बाद शासन की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है। इसके लिए पुलिस की ओर से जिला समाज कल्याण विभाग को रिपोर्ट प्रेषित की जाती है। उसके बाद समाज कल्याण विभाग पीड़ितों को आर्थिक मदद के लिए शासन से बजट की मांग करता है। आलम यह है कि गोरखपुर परिक्षेत्र में वर्ष 2017 के ऐसे 810 मामलों के पीड़ितों को अभी तक सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है।
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जिसमें गोरखपुर जनपद के 274, कुशीनगर के 11, महराजगंज के 89, बस्ती के 94, सिद्धार्थनगर के 78, संतकबीरनगर के 77, गोंडा के 42, बहराइच के 64, श्रावस्ती के 53 और बलरामपुर के 28 मामलों में पीड़ित आर्थिक मदद पाने से वंचित हैं। आईजी गोरखपुर परिक्षेत्र की ओर से जिला समाज कल्याण विभाग को भेजे गए रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर मंडल में 374, बस्ती मंडल में 249 और देवीपाटन मंडल में 187 पीड़ितों को आर्थिक मदद अभी तक नहीं मिल सकी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी उमाकांत शुक्ल ने बताया कि दलित अत्याचार के 77 पीड़ितों को आर्थिक मदद देने के लिए 8774 लाख रुपये की मांग शासन से की गई हे। बजट मिलने में देरी होने से रिमांडर भी भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही बजट मिल जाएगा, उसके बाद पीड़ितों को आर्थिक मदद दे दी जाएगी।
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