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Sant Kabir Nagar News: हरना नाले में पानी आने से पुल गिरा, 10 गांवों का आवागमन ठप

Thu, 15 Oct 2026 12:37 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2026 12:37 AM IST
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Bridge collapses due to water flow in Harna Nala; connectivity to 10 villages disrupted.
रक्सा गांव में जाने वाला पुल पानी में गिरा-संवाद
मेंहदावल। क्षेत्र के रक्सा गांव को जोड़ने के लिए हरना नाले पर बना अंग्रेजों के जमाने का पुल मंगलवार को ढह गया। पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद नाले में पानी का बहाव तेज हो गया था। इसके चलते पुल का करीब 10 फीट हिस्सा जमींदोज हो गया। पुल टूटने से करीब 10 गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को पानी में उतरकर आना-जाना पड़ रहा है। वहीं, चारपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, किसानों और कारोबारियों को हो रही है।
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मेंहदावल ब्लॉक मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित रक्सा गांव ऐतिहासिक महत्व रखता है। इस गांव के पंडित लालसा प्रसाद मिश्र और उनके दो भाइयों ने अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था। देश की आजादी के बाद लालसा प्रसाद मिश्र मेंहदावल के पहले विधायक बने थे। इसके बावजूद स्वतंत्रता सेनानियों के इस गांव में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
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बनकटा और हरना गांव के बीच बूढ़ी राप्ती की धारा पर बना यह पुल रक्सा समेत आसपास के करीब 10 गांवों के लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन था। वर्तमान में इसे कचरा नाला भी कहा जाता है। करीब 12 मीटर लंबे इस पुल का वर्ष 2004 में मरम्मत कराया गया था। इसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई। रेलिंग नहीं होने के कारण यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। लगातार बारिश के बाद पानी का बहाव तेज हुआ तो पुल का एक हिस्सा ढह गया। पानी कम होने पर लोग जोखिम उठाकर नाले से होकर गुजर रहे हैं।
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तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर पहुंच रहे मेंहदावल
पुल टूटने से ग्रामीणों को मेंहदावल आने-जाने के लिए कौवाठोर के रास्ते करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। चारपहिया वाहनों को भी दूसरे रास्ते से जाना पड़ रहा है। वहीं, पैदल आने-जाने वाले लोग पानी में उतरकर नाला पार कर रहे हैं। ऐसे में पैर फिसलने से हादसे का खतरा बना हुआ है। पुल टूटने से खेती-किसानी, मछली कारोबार और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।

हरना गांव के परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। बनकटा स्थित परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पानी में उतरकर आना-जाना पड़ रहा है। इसके अलावा बनकटा गांव के सैकड़ों किसानों की खेती नाले के दूसरी ओर है। पुल टूटने से उन्हें खेतों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है।



स्वतंत्रता सेनानियों के गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव

रक्सा गांव में आज भी सड़क, स्वास्थ्य सेवा और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। बारिश के दिनों में गांव में जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ जाती है। सार्वजनिक शौचालय बना है, लेकिन उस पर ताला लगा रहता है। पेयजल परियोजना के तहत पानी की आपूर्ति के लिए काम शुरू हुआ था, लेकिन यह वर्षों से अधूरा पड़ा है। गांव तक जाने वाली सड़क भी जर्जर है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक मुख्यालय से महज सात किलोमीटर दूर होने के बावजूद गांव के विकास के लिए ठोस पहल नहीं हुई। स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले परिवारों के गांव की यह स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
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