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Sant Kabir Nagar News: मिठाई में मिलावट से रहे सावधान, कर सकती है बीमार
Tue, 05 Aug 2025 11:05 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 05 Aug 2025 11:05 PM IST
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बाजार में बिक रही मिठाई
संतकबीरनगर। रक्षा बंधन का पर्व नौ अगस्त को मनाया जाएगा। इस पर्व पर मिठाई की मांग को देखते हुए धंधेबाज सक्रिय हो गए हैं। डिमांड पूरा जिले में बाहर से डिब्बाबंद मिठाई और पनीर मंगा रहे हैं। बाजार से मिठाई की खरीदारी करते समय मिलावट से सावधान रहने की जरूरत हैं। जांच परख के बाद ही बाजार से मिठाई खरीदें, मिलावटी मिठाई और पनीर बीमार कर सकती है।
रक्षा बंधन पर्व पर मिठाई की डिमांड ज्यादा होती है। दुकानदार भी मिठाई की डिमांड को देखते हुए बाहर से डिब्बाबंद मिठाई मंगाते हैं। यह मिठाई गोरखपुर, गोंडा और आजगमगढ़ से आती है। ऐसे में उन्हें लेने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। इसमें केमिकल युक्त पाउडर, सस्ता बनस्पती घी और रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल होता है। यह शहर के तमाम जगहों पर बिक रहे हैं। जो सेहत के लिए खतरनाक है। ऐसे में अच्छी दुकान से ही मिठाई खरीदें।
इस समय बाजार में रक्षाबंधन को लेकर मिलावटी मिठाई को खपाए जाने की तैयारी है, जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। मिलावट खोर मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत की परवाह तक नहीं करते। दूध एवं उससे बनने वाले मावा, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। खाद्य सुरक्षा विभाग भी समय-समय पर इसके विरुद्ध अभियान चलाता है। तीन माह पहले आजाद चौक पर छापेमारी कर एक क्विंटल पनीर बरामद किया था। जो मिलावटी था उसे टीम ने नष्ट करा दिया था। यह पनीर गोरखपुर के खजनी से मंगाई गई थी।
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बाहर से आती है डिब्बाबंद मिठाई
जिले में बाहर से डिब्बाबंद मिठाई आती है। जिसकी खपत जिले में ज्यादा है। इसमें बर्फी, पेड़ा, पपड़ी, रसगुल्ला, लाल मोहन शामिल है। यह मिठाई 160 रुपये से 180 रुपये किलो तक मिलते है। यहां पर आने के बाद इसका भाव 260 से 320 रुपये हो जाता है। जिससे व्यापारियों का काफी फायदा होता है। इसमें उन्हें कारीगर नहीं रखने पड़ते हैं। उसका खर्च बचता है।
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खराब मिठाई को फिर से बना देते हैं बर्फी
जो मिठाई एक सप्ताह से अधिक हो जाता है और वह खराब हो जाता है तो कारीगर उसे फिर भूनकर चाकलेट बर्फी बनाते हैं। इसमें वह चीनी का प्रयोग करते हैं। इसके बाद यह फिर बिक्री के लिए तैयार हो जाता है। अगर इसका लगातार सेवन किया जाता है तो वह पेट के लिए हानिकारक होता है।
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नकली-असली पनीर की ऐसे करें पहचान
सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन सतीश कुमार ने बताया कि असली और नकली पनीर की पहचान हाथों से मसलकर लगा सकते हैं। अगर आपका पनीर मसलने के बाद टूटकर गिरने लगता है। इस स्थिति में समझ जाइए कि पनीर नकली है। नकली पनीर की पहचान पानी में उबालकर भी कर सकते हैं। इसके लिए पनीर को पानी में उबालने के लिए रखना है। इसके बाद पनीर को पानी से निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने के बाद पनीर पर सोयाबीन या अरहर का पाउडर डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ देना है। ऐसा करने के बाद अगर पनीर का रंग हल्का लाल हो जाता है तो खरीदा गया पनीर डिटर्जेंट या यूरिया से बनाया गया है।
कोट
मिठाई व पनीर में मिलावट सेहत के लिए नुकसानदेह है। इसमें अगर केमिकल युक्त कलर मिला हुआ है तो वह सीधे लीवर पर असर डालता है। पेट के लिए भी इस तरह के केमिकल नुकसानदायक होते हैं। मिलावटी मिठाई किडनी, लीवर, पेट के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं।
- डाॅ. रमाशंकर, वरिष्ठ फिजिशियन जिला अस्पताल
कोट
लगातार छापेमारी की जा रही है। संदेह के आधार पर नमूना लिया जाता है। नमूना फेल होता है तो कार्रवाई भी की जाती है जुर्माना लगाया जाता है। रक्षाबंधन को देखते हुए छापेमारी अभियान चल रहा है। लोगों को सजगता के साथ खाद्य पदार्थों को खरीदना चाहिए।
- सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन
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रक्षा बंधन पर्व पर मिठाई की डिमांड ज्यादा होती है। दुकानदार भी मिठाई की डिमांड को देखते हुए बाहर से डिब्बाबंद मिठाई मंगाते हैं। यह मिठाई गोरखपुर, गोंडा और आजगमगढ़ से आती है। ऐसे में उन्हें लेने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। इसमें केमिकल युक्त पाउडर, सस्ता बनस्पती घी और रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल होता है। यह शहर के तमाम जगहों पर बिक रहे हैं। जो सेहत के लिए खतरनाक है। ऐसे में अच्छी दुकान से ही मिठाई खरीदें।
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इस समय बाजार में रक्षाबंधन को लेकर मिलावटी मिठाई को खपाए जाने की तैयारी है, जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। मिलावट खोर मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत की परवाह तक नहीं करते। दूध एवं उससे बनने वाले मावा, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। खाद्य सुरक्षा विभाग भी समय-समय पर इसके विरुद्ध अभियान चलाता है। तीन माह पहले आजाद चौक पर छापेमारी कर एक क्विंटल पनीर बरामद किया था। जो मिलावटी था उसे टीम ने नष्ट करा दिया था। यह पनीर गोरखपुर के खजनी से मंगाई गई थी।
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बाहर से आती है डिब्बाबंद मिठाई
जिले में बाहर से डिब्बाबंद मिठाई आती है। जिसकी खपत जिले में ज्यादा है। इसमें बर्फी, पेड़ा, पपड़ी, रसगुल्ला, लाल मोहन शामिल है। यह मिठाई 160 रुपये से 180 रुपये किलो तक मिलते है। यहां पर आने के बाद इसका भाव 260 से 320 रुपये हो जाता है। जिससे व्यापारियों का काफी फायदा होता है। इसमें उन्हें कारीगर नहीं रखने पड़ते हैं। उसका खर्च बचता है।
खराब मिठाई को फिर से बना देते हैं बर्फी
जो मिठाई एक सप्ताह से अधिक हो जाता है और वह खराब हो जाता है तो कारीगर उसे फिर भूनकर चाकलेट बर्फी बनाते हैं। इसमें वह चीनी का प्रयोग करते हैं। इसके बाद यह फिर बिक्री के लिए तैयार हो जाता है। अगर इसका लगातार सेवन किया जाता है तो वह पेट के लिए हानिकारक होता है।
नकली-असली पनीर की ऐसे करें पहचान
सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन सतीश कुमार ने बताया कि असली और नकली पनीर की पहचान हाथों से मसलकर लगा सकते हैं। अगर आपका पनीर मसलने के बाद टूटकर गिरने लगता है। इस स्थिति में समझ जाइए कि पनीर नकली है। नकली पनीर की पहचान पानी में उबालकर भी कर सकते हैं। इसके लिए पनीर को पानी में उबालने के लिए रखना है। इसके बाद पनीर को पानी से निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने के बाद पनीर पर सोयाबीन या अरहर का पाउडर डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ देना है। ऐसा करने के बाद अगर पनीर का रंग हल्का लाल हो जाता है तो खरीदा गया पनीर डिटर्जेंट या यूरिया से बनाया गया है।
कोट
मिठाई व पनीर में मिलावट सेहत के लिए नुकसानदेह है। इसमें अगर केमिकल युक्त कलर मिला हुआ है तो वह सीधे लीवर पर असर डालता है। पेट के लिए भी इस तरह के केमिकल नुकसानदायक होते हैं। मिलावटी मिठाई किडनी, लीवर, पेट के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं।
- डाॅ. रमाशंकर, वरिष्ठ फिजिशियन जिला अस्पताल
कोट
लगातार छापेमारी की जा रही है। संदेह के आधार पर नमूना लिया जाता है। नमूना फेल होता है तो कार्रवाई भी की जाती है जुर्माना लगाया जाता है। रक्षाबंधन को देखते हुए छापेमारी अभियान चल रहा है। लोगों को सजगता के साथ खाद्य पदार्थों को खरीदना चाहिए।
- सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन