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बखिरा झील आर्द्रभूमि में शामिल
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संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा(संतकबीरनगर)। आईकॉनिक सप्ताह के अंतर्गत सामाजिक वानिकी वन प्रभाग संतकबीरनगर के बखिरा रेंज की ओर से पक्षी विहार परिसर में बुधवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि बखिरा झील भी रामसर समझौते के तहत आर्र्दभूमियों में शामिल हो गई। इसका लोकार्पण भी हुआ। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों व अन्य लोगों को वन्य जीवो के संरक्षण व इनकी रक्षा के लिए शपथ भी दिलाई गई।
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जीवों की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। पक्षी विहार में आने वाले प्रवासी पक्षियों को संरक्षण दिया जाना चाहिए। बखिरा पक्षी विहार को रामसर साइट में शामिल होने से बखिरा झील अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्शाएगी। प्रभागीय वनाधिकारी रंगाराजू टी ने कहा कि आर्द्र भूमियां पानी में स्थित मौसमी या स्थायी पारिस्थितिक तंत्र हैं। इनमें मैंग्रोव, दलदल, नदिया, झीलें, डेल्टा, बाढ़ के मैदान और बाढ़ के जंगल, धान के खेत, प्रवाल भित्तिया, समुद्री क्षेत्र (6 मीटर से कम ऊंचे ज्वार वाले स्थान) के अलावा मानव निर्मित आर्द्रभूमि जैसे अपशिष्ट-जल उपचार तालाब और जलाशय आदि शामिल होते हैं।
प्रधानाचार्य राजकपूर तिवारी ने कहा कि आर्द्रभूमियां हमारे प्राकृतिक पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। देवेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो भारत में संगठित वन्यजीव अपराध पर अंकुश लगाने के लिए 2008 में स्थापित पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय है। इस दौरान बीएमजीएन इंटर कालेज की विद्यार्थियों व अन्य लोगों को वन्यजीवों के संरक्षण व इनकी रक्षा के लिए शपथ दिलाई गई।
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कार्यक्रम में वन विभाग द्वारा बखिरा पक्षी विहार के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्थानीय जागरूक नागरिकों को वेटलैंड मित्र बनाकर उन्हें टी-शर्ट ,कैप और पुरस्कार दिया गया। वेटलैंड मित्रों ने बखिरा पक्षी विहार में श्रमदान भी किया गया। इस दौरान रेंजर बखिरा रणविजय सिंह, सूर्यभान यादव, संतोष कुमार पांडेय, रामचंद्र, दिलीप तिवारी, जयराम, परमेश्वर समेत छात्राओ में खुशी पाठक, सुष्मिता, तेजल, शालिनी, अनामिका, शालू, नन्दिनी मौजूद रही।
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बखिरा(संतकबीरनगर)। आईकॉनिक सप्ताह के अंतर्गत सामाजिक वानिकी वन प्रभाग संतकबीरनगर के बखिरा रेंज की ओर से पक्षी विहार परिसर में बुधवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि बखिरा झील भी रामसर समझौते के तहत आर्र्दभूमियों में शामिल हो गई। इसका लोकार्पण भी हुआ। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों व अन्य लोगों को वन्य जीवो के संरक्षण व इनकी रक्षा के लिए शपथ भी दिलाई गई।
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जीवों की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। पक्षी विहार में आने वाले प्रवासी पक्षियों को संरक्षण दिया जाना चाहिए। बखिरा पक्षी विहार को रामसर साइट में शामिल होने से बखिरा झील अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्शाएगी। प्रभागीय वनाधिकारी रंगाराजू टी ने कहा कि आर्द्र भूमियां पानी में स्थित मौसमी या स्थायी पारिस्थितिक तंत्र हैं। इनमें मैंग्रोव, दलदल, नदिया, झीलें, डेल्टा, बाढ़ के मैदान और बाढ़ के जंगल, धान के खेत, प्रवाल भित्तिया, समुद्री क्षेत्र (6 मीटर से कम ऊंचे ज्वार वाले स्थान) के अलावा मानव निर्मित आर्द्रभूमि जैसे अपशिष्ट-जल उपचार तालाब और जलाशय आदि शामिल होते हैं।
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प्रधानाचार्य राजकपूर तिवारी ने कहा कि आर्द्रभूमियां हमारे प्राकृतिक पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। देवेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो भारत में संगठित वन्यजीव अपराध पर अंकुश लगाने के लिए 2008 में स्थापित पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय है। इस दौरान बीएमजीएन इंटर कालेज की विद्यार्थियों व अन्य लोगों को वन्यजीवों के संरक्षण व इनकी रक्षा के लिए शपथ दिलाई गई।
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कार्यक्रम में वन विभाग द्वारा बखिरा पक्षी विहार के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्थानीय जागरूक नागरिकों को वेटलैंड मित्र बनाकर उन्हें टी-शर्ट ,कैप और पुरस्कार दिया गया। वेटलैंड मित्रों ने बखिरा पक्षी विहार में श्रमदान भी किया गया। इस दौरान रेंजर बखिरा रणविजय सिंह, सूर्यभान यादव, संतोष कुमार पांडेय, रामचंद्र, दिलीप तिवारी, जयराम, परमेश्वर समेत छात्राओ में खुशी पाठक, सुष्मिता, तेजल, शालिनी, अनामिका, शालू, नन्दिनी मौजूद रही।