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Sant Kabir Nagar News: बाबा बैजूनाथ शिव मंदिर ढहा, मलबे से भरा गर्भ गृह
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बसवारी गांव में गिरा बाबा बैजूनाथ शिव मंदिर। संवाद
लोहरैया। धनघटा तहसील क्षेत्र के बसवारी गांव स्थित प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ धाम शिव मंदिर रविवार को अपराह्न करीब एक बजे अचानक भरभराकर ढह गया। मंदिर का शिखर सहित दीवार गिरने से गर्भगृह पूरी तरह मलबे से भर गया है। घटना के समय मंदिर के अंदर कोई श्रद्धालु मौजूद नहीं था। इसकी सूचना मिलते ही डीएम आलोक कुमार, एसपी संदीप मीना, विधायक गणेश चंद्र चौहान तथा एडिशनल एसपी सुशील कुमार सिंह ने मंदिर का दौरा किया।
बैजनाथ धाम मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि दोपहर करीब 12:00 बजे मंदिर की दीवारों में दरारें दिखाई दी थीं, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। करीब एक घंटे बाद अचानक मंदिर का शिखर धराशायी हो गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
मंदिर के पुजारी प्रहलाद गोस्वामी ने बताया कि रविवार सुबह प्रतिदिन की भांति बाबा बैजनाथ का पूजन-अर्चन किया गया। गर्भगृह को सजाया गया और दर्जनों श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर जलाभिषेक भी किया। इसके बाद वह अपने कमरे में बैठे थे, तभी अपराह्न करीब एक बजे अचानक तेज आवाज सुनाई दी।
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बाहर निकलकर देखा तो मंदिर शिखर सहित गिर चुका था और गर्भगृह मलबे से भर गया था। उन्होंने बताया कि मंदिर दशकों पुराना है। मरम्मत न होने के कारण यह जर्जर होता गया और रविवार को शिखर सहित मंदिर ढह गया।
बाबा बैजूनाथ शिव मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मलबा हटवाने, मंदिर का तकनीकी परीक्षण कराने तथा ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण की मांग की है।
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बैजनाथ धाम मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि दोपहर करीब 12:00 बजे मंदिर की दीवारों में दरारें दिखाई दी थीं, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। करीब एक घंटे बाद अचानक मंदिर का शिखर धराशायी हो गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
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मंदिर के पुजारी प्रहलाद गोस्वामी ने बताया कि रविवार सुबह प्रतिदिन की भांति बाबा बैजनाथ का पूजन-अर्चन किया गया। गर्भगृह को सजाया गया और दर्जनों श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर जलाभिषेक भी किया। इसके बाद वह अपने कमरे में बैठे थे, तभी अपराह्न करीब एक बजे अचानक तेज आवाज सुनाई दी।
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बाहर निकलकर देखा तो मंदिर शिखर सहित गिर चुका था और गर्भगृह मलबे से भर गया था। उन्होंने बताया कि मंदिर दशकों पुराना है। मरम्मत न होने के कारण यह जर्जर होता गया और रविवार को शिखर सहित मंदिर ढह गया।
बाबा बैजूनाथ शिव मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मलबा हटवाने, मंदिर का तकनीकी परीक्षण कराने तथा ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण की मांग की है।