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अभिलेखों के अभाव में नहीं हो पा रहा ऑडिट
Wed, 27 Mar 2019 11:19 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Wed, 27 Mar 2019 11:19 PM IST
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अभिलेखों के अभाव में नहीं हो पा रहा ऑडिट
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। ग्राम पंचायतों के वर्ष 2017-18 के ऑडिट का कार्य 31 मार्च तक होना था लेकिन अभी भी तीन ब्लाकों खलीलाबाद, बघौली और बेलहर की करीब 60 ग्राम पंचायतों ने अभी तक अपना रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया है। ऑडिट नहीं होने से ग्राम पंचायतों को परफारमेंस ग्रांट मिलने में भी दिक्कत आती है।
जिले में 794 ग्राम पंचायतें हैं जिनको प्रतिवर्ष विभिन्न मदों में मिलने वाली ग्रांट का वर्ष के अंत में ऑडिट होता है। जिला ऑडिट अधिकारी पंचायत एवं सहकारी समितियां के कार्यालय से ऑडिट का कार्य होता है। इस ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही ग्राम पंचायतों को परफारमेंस ग्रांट भी मिलता है। ग्राम पंचायत का दिया जा रहा धन सही तरीके से प्रयोग में लाया जा रहा है तथा ग्राम पंचायतें इससे अपनी स्थाई संपत्ति में कितनी वृद्घि करती हैं इसका भी रिकार्ड अपडेट होता रहता है। इस वर्ष होने वाली ऑडिट की गति ग्राम पंचायतों के असहयोग के चलते ही सुस्त है। जिले में जल्दी ही कार्यभार ग्रहण करने वाले जिला ऑडिट अधिकारी विजय शंकर ने बताया कि अभी भी 60 ग्राम पंचायतों का रिकार्ड उनके कार्यालय को नहीं मिल पाया है जिसके चलते ऑडिट कार्य में विलंब हो रहा है। इसमें खलीलाबाद की 25 ग्राम पंचायतें, बेलहर की 17 ग्राम पंचायतें तथा बघौली ब्लॉक की 18 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। बुधवार को इस प्रकरण पर डीपीआरओ और जिला ऑडिट अधिकारी के बीच मीटिंग हुई जिसमें शेष ग्राम पंचायतों का भी अभिलेख जल्दी मंगाने की बात तय हुई। डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों से 31 मार्च तक ऑडिट के लिए जरूरी अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उल्लंघन करने वाली पंचायतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऑडिट नहीं होने पर ग्राम पंचायतों का बजट भी रोका जा सकता है।
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जिले में 794 ग्राम पंचायतें हैं जिनको प्रतिवर्ष विभिन्न मदों में मिलने वाली ग्रांट का वर्ष के अंत में ऑडिट होता है। जिला ऑडिट अधिकारी पंचायत एवं सहकारी समितियां के कार्यालय से ऑडिट का कार्य होता है। इस ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही ग्राम पंचायतों को परफारमेंस ग्रांट भी मिलता है। ग्राम पंचायत का दिया जा रहा धन सही तरीके से प्रयोग में लाया जा रहा है तथा ग्राम पंचायतें इससे अपनी स्थाई संपत्ति में कितनी वृद्घि करती हैं इसका भी रिकार्ड अपडेट होता रहता है। इस वर्ष होने वाली ऑडिट की गति ग्राम पंचायतों के असहयोग के चलते ही सुस्त है। जिले में जल्दी ही कार्यभार ग्रहण करने वाले जिला ऑडिट अधिकारी विजय शंकर ने बताया कि अभी भी 60 ग्राम पंचायतों का रिकार्ड उनके कार्यालय को नहीं मिल पाया है जिसके चलते ऑडिट कार्य में विलंब हो रहा है। इसमें खलीलाबाद की 25 ग्राम पंचायतें, बेलहर की 17 ग्राम पंचायतें तथा बघौली ब्लॉक की 18 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। बुधवार को इस प्रकरण पर डीपीआरओ और जिला ऑडिट अधिकारी के बीच मीटिंग हुई जिसमें शेष ग्राम पंचायतों का भी अभिलेख जल्दी मंगाने की बात तय हुई। डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों से 31 मार्च तक ऑडिट के लिए जरूरी अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उल्लंघन करने वाली पंचायतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऑडिट नहीं होने पर ग्राम पंचायतों का बजट भी रोका जा सकता है।
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