फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Attempt to persuade failed, rebels did not agree

Sant Kabir Nagar News: मनाने की कोशिश नाकाम, नहीं माने बागी

Fri, 28 Apr 2023 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Fri, 28 Apr 2023 12:11 AM IST
विज्ञापन
Attempt to persuade failed, rebels did not agree
धनघटा। चुनाव मैदान में उतरने के लिए पहले राजनीतिक दलों के पास टिकट के लिए दौड़ लगाई। जब टिकट नहीं मिला तो अब बागी बनकर निर्दल प्रत्याशी के रूप ताल ठोक दिया। इसके पहले उन्हें मनाने की हुई कोशिशें नाकाम हुईं। बागी कहीं अब प्रत्याशियों की रफ्तार में कांटे न बिछा दें। इन आशंकाओं के साथ राजनीतिक दलों के लोग अपने समर्थित प्रत्याशी के प्रचार में ताकत झोंकने लगे हैं।
विज्ञापन

नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा में भाजपा से टिकट के लिए छह लोगों ने दावेदारी की। पार्टी अंतिम समय में रिंकू मणि पत्नी नीलमणि को अपना प्रत्याशी घोषित करते हुए चुनाव मैदान में उतार दिया। उनके नामांकन के पहले टिकट न मिलने का आभास हुआ तो भाजपा से बागी बनकर चार लोगों ने नामांकनपत्र दाखिल कर दिए। उनमें से एक प्रत्याशी ने बृहस्पतिवार को अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। इसके बाद भी भाजपा से बागी बने तीन लोग चुनाव मैदान में हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बागी हुए लोगों को मनाने की कोशिश की गई, लेकिन वे माने नहीं। दूसरी ओर, बृहस्पतिवार को भाजपा सांसद प्रवीण निषाद ने हैंसर बाजार में पार्टी प्रत्याशी के साथ जनसंपर्क किया।
विज्ञापन

वहीं, सपा में नेताओं के बीच गुटबंदी ने ऐसे नाटकीय घटनाक्रम को जन्म दिया कि अब वह पार्टी के लिए नासूर बनता नजर आने लगा है। सपा ने पहले प्रत्याशी मनीषा पासवान को बनाया। उसके बाद उनकी जगह पर सुभावती चौहान को लाकर खड़ा कर दिया। सुभावती चौहान ने नामांकन पत्र दाखिल किया। उसके बाद पार्टी ने अपने फैसले में फिर फेरबदल करते हुए अंतिम निर्णय मनीषा पासवान के पक्ष में देते हुए उन्हें समर्थन दे दिया। हालांकि, मनीषा पासवान पार्टी के जरिए अंतिम समय में जारी किए गए अधिकृत पत्र की मूल प्रति निर्धारित समय सीमा के भीतर आरओ के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इससे आरओ ने सुभावती चौहान को सपा का प्रत्याशी घोषित कर दिया। हालांकि, पार्टी के जिलाध्यक्ष समेत कई कद्दावर नेता मनीषा पासवान के समर्थन में खड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर सुभावती चौहान के नामांकन पत्र की वापसी के लिए कोशिशें भी हुईं। सुभावती चौहान ने अपना नामांकन पत्र वापस नहीं लिया। अब इसमें से कौन सपा का है और कौन बागी बनकर चुनाव मैदान में है, इस सवाल का जवाब सपा का शीर्ष नेतृत्व ही दे सकता है। नामांकन पत्र वापसी के दिन के बाद से ही चुनावी हलचल तेज हो गई है। दलीय प्रत्याशी हो या निर्दल सभी नगर के गली- गली में पहुंचकर मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed