{"_id":"60e338ad8ebc3ec20a7061d4","slug":"anti-rabeez-injection-related-news-khalilabad-news-gkp4007684120","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में नहीं लग रहा एंटी रैबीज का इंजेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में नहीं लग रहा एंटी रैबीज का इंजेक्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में नहीं लग रहा एंटी रैबीज का इंजेक्शन
- पीड़ित मरीजों को भेजा जा रहा है बघौली और सीएचसी खलीलाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज का इंजेक्शन उपलब्ध है, मगर मरीजों को इंजेक्शन नहीं लगाया जा रहा है। यहां आने वाले मरीजों को पीएचसी बघौली और सीएचसी खलीलाबाद भेजा जा रहा है। जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
कोरोना काल के चलते जिला अस्पताल में ओपीडी सेवाएं मार्च माह से बंद हो गई। सिर्फ इमरजेंसी सेवा ही चालू रही। इधर कोरोना के मरीज कम होने के कारण जिला अस्पताल में सर्जिकल ओपीडी चालू कर दी गई, जबकि सामान्य ओपीडी अभी भी बंद है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 मरीज कुत्ता और बंदर काटने के पहुंच रहे हैं। अस्पताल में उन्हें टीटनेस की सूई लगाकर पीएचसी बघौली और सीएचसी मेंहदावल पर एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाने के लिए भेज दिया जा रहा है। जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। जिला अस्पताल से बघौली पीएचसी करीब तीन किलोमीटर है। जबकि सीएचसी खलीलाबाद डेढ़ किलोमीटर पर स्थित है। जिससे मरीजों को पहुंचने में दिक्कत हो रही है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी ने बताया कि जिला अस्पताल में सामान्य ओपीडी शुरू नहीं हुई है। जिसकी वजह से एंटीरैबिज इंजेक्शन नहीं लगाया जा रहा है। एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाने का काम पीएचसी बघौली में कर दिया गया है। जिस दिन सामान्य ओपीडी शुरू हो जाएगी उस दिन से एंटी रैबिज इंजेक्शन भी लगना शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
- पीड़ित मरीजों को भेजा जा रहा है बघौली और सीएचसी खलीलाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज का इंजेक्शन उपलब्ध है, मगर मरीजों को इंजेक्शन नहीं लगाया जा रहा है। यहां आने वाले मरीजों को पीएचसी बघौली और सीएचसी खलीलाबाद भेजा जा रहा है। जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
कोरोना काल के चलते जिला अस्पताल में ओपीडी सेवाएं मार्च माह से बंद हो गई। सिर्फ इमरजेंसी सेवा ही चालू रही। इधर कोरोना के मरीज कम होने के कारण जिला अस्पताल में सर्जिकल ओपीडी चालू कर दी गई, जबकि सामान्य ओपीडी अभी भी बंद है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 मरीज कुत्ता और बंदर काटने के पहुंच रहे हैं। अस्पताल में उन्हें टीटनेस की सूई लगाकर पीएचसी बघौली और सीएचसी मेंहदावल पर एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाने के लिए भेज दिया जा रहा है। जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। जिला अस्पताल से बघौली पीएचसी करीब तीन किलोमीटर है। जबकि सीएचसी खलीलाबाद डेढ़ किलोमीटर पर स्थित है। जिससे मरीजों को पहुंचने में दिक्कत हो रही है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी ने बताया कि जिला अस्पताल में सामान्य ओपीडी शुरू नहीं हुई है। जिसकी वजह से एंटीरैबिज इंजेक्शन नहीं लगाया जा रहा है। एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाने का काम पीएचसी बघौली में कर दिया गया है। जिस दिन सामान्य ओपीडी शुरू हो जाएगी उस दिन से एंटी रैबिज इंजेक्शन भी लगना शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन