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Sant Kabir Nagar News: सड़क पर पशु, गो आश्रय केंद्र का निर्माण अधर में
Tue, 06 Jan 2026 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 06 Jan 2026 01:28 AM IST
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शहर में धूम रहे छुट्टा पशु-संवाद
संतकबीरनगर। शहर में छुट्टा पशुओं की भरमार है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है वहीं लोगों में भय बना रहता है। इस समस्या को दूर करने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने पहल की है और करीब एक करोड़ 65 लाख से मोहद्दीनपुर में पशु आश्रय केंद्र बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है, लेकिन अब तक इसकी मंजूरी नहीं मिल पाई है। जिसके कारण छुट्टा पशुओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
शहर के पुरानी सब्जी मंडी, गोलाबाजार, मेंहदावल रोड सहित कई क्षेत्रों में छुट्टा पशु विचरण करते रहते हैं। इन छुट्टा पशुओं के चलते शहर में यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। छुट्टा पशु झुंड बनाकर सड़क और चौराहों पर बैठ जाते हैं। इन्हें हटाने का प्रयास करने पर यह हमलावर हो जाते हैं। यही नहीं छुट्टा पशु पटरी दुकानों में मुंह लगा देते हैं, जिससे दुकानदारों में भय बना रहता है। करीब आठ महीने पहले नगर पालिका प्रशासन ने छुट्टा पशुओं से राहत दिलाने के लिए मोहद्दीनपुर में जमीन चिह्नित की है, जहां आधुनिक सुविधाओं से लैस पशु आश्रय केंद्र बनाया जाना है। इसके लिए पालिका प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल पाई है। ऐसे में छुट्टा पशुओं की समस्या बनी हुई है।
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मड़या में कान्हा गो आश्रय में सिर्फ 60 पशुओं की व्यवस्था
छुट्टा पशुओं को पकड़कर रखने के लिए शहर में मड़या में कान्हा पशु आश्रय केंद्र बना है, लेकिन यहां पर सिर्फ 60 पशुओं के रखने की ही व्यवस्था है। पिछले दिनों छुट्टा पशुओं को पकड़कर यहां पहुंचाया गया, अब वहां पर जगह नहीं है। ऐसे में नए पशु आश्रय केंद्र की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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मोहद्दीनपुर में पशु आश्रय केंद्र बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद निर्माण शुरू कराया जाएगा। इसके बनने से काफी राहत मिलेगी। -अवधेश कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद खलीलाबाद
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शहर के पुरानी सब्जी मंडी, गोलाबाजार, मेंहदावल रोड सहित कई क्षेत्रों में छुट्टा पशु विचरण करते रहते हैं। इन छुट्टा पशुओं के चलते शहर में यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। छुट्टा पशु झुंड बनाकर सड़क और चौराहों पर बैठ जाते हैं। इन्हें हटाने का प्रयास करने पर यह हमलावर हो जाते हैं। यही नहीं छुट्टा पशु पटरी दुकानों में मुंह लगा देते हैं, जिससे दुकानदारों में भय बना रहता है। करीब आठ महीने पहले नगर पालिका प्रशासन ने छुट्टा पशुओं से राहत दिलाने के लिए मोहद्दीनपुर में जमीन चिह्नित की है, जहां आधुनिक सुविधाओं से लैस पशु आश्रय केंद्र बनाया जाना है। इसके लिए पालिका प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल पाई है। ऐसे में छुट्टा पशुओं की समस्या बनी हुई है।
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मड़या में कान्हा गो आश्रय में सिर्फ 60 पशुओं की व्यवस्था
छुट्टा पशुओं को पकड़कर रखने के लिए शहर में मड़या में कान्हा पशु आश्रय केंद्र बना है, लेकिन यहां पर सिर्फ 60 पशुओं के रखने की ही व्यवस्था है। पिछले दिनों छुट्टा पशुओं को पकड़कर यहां पहुंचाया गया, अब वहां पर जगह नहीं है। ऐसे में नए पशु आश्रय केंद्र की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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मोहद्दीनपुर में पशु आश्रय केंद्र बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद निर्माण शुरू कराया जाएगा। इसके बनने से काफी राहत मिलेगी। -अवधेश कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद खलीलाबाद

शहर में धूम रहे छुट्टा पशु-संवाद