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टहनियाें और बोरी से रोका जा रहा कटान
sant kabir nagar
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:05 AM IST
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करमैनी-बेलौली बंधे तक पहुंचा राप्ती का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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मेंहदावल तहसील क्षेत्र में स्थित राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे कछार क्षेत्र के लोग दहशत में हैं और रतजगा कर रहे हैं। लोगों को डर है कि करमैनी से बेलौली बांध पानी का दबाव नहीं झेल पाएगा। वहीं ड्रेनेज खंड के अफसर बंधे के सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं। जबकि हाल यह हे बानडूमर और बेलौली में हो रहे कटान को रोकने के लिए पेड़ों की टहनियां और ईंट पत्थर की बोरिंयां डालकर पीचिंग की जा रही है।
मेंहदावल विकास खंड के पूर्वी-उत्तरी क्षेत्र में स्थित राप्ती के छोर पर करमैनी से बेलौली तक 19.200 किमी तटबंध बना हुआ है। वर्षों से इस तटबंध की उपेक्षा विभाग व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही है। वर्तमान में तटबंध कई स्थानों पर जर्जर है। वही कई जगह अति संवेदनशील कटान स्थल चिह्नित है। डेनेज खंड द्वितीय द्वारा चिह्नित कटान स्थलों के बचाव के लिए प्रोजेक्ट बनाकर जिलास्तर से शासन में काफी पहले भेजा भी गया पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता व विभागीय लापरवाही ने अब तक न तो उस प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया न ही धन ही अवमुक्त हुआ। बरसात का मौसम शुरू हो गया है।
ऐेसे में नदी उफान पर है। तटबंध पर तैनात जूनियर इंजीनियर मनोज त्रिपाठी बंधे को पूरी तरह सुरक्षित बता रहे हैं। उनके अनुसार नदी का डेंजर प्वाइंट 79.50 मीटर है, जबकि वर्तमान में नदी जलस्तर 78.60 मीटर पर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर पांच सेमी प्रति घंटे की रफ्तार जलस्तर बढ़ रहा है। उधर, विभागीय कर्मचारी बानडूमर व बेलौली में हो रहे कटान को रोकने के लिए पेड़ों की टहनियां व ईंट पत्थर बोरियांे में डालकर पीचिंग में लगे हुए हैं। साथ ही नदी के बढ़ते जलस्तर व बंधे की जर्जरता उनके माथे पर चिन्ताओं की लकीरें खींच रही है।
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वहीं ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता दिनेश मोहन ने बताया कि करमैनी-बेलौली तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। तटबंध पर पानी का दबाव नहीं है। बानडूमर गांव के समीप थोड़ा बहुत कटान था, जहां झांगा डालकर कटान को रोका गया है। बेलौली स्टोर के समीप हो रहे कटान पर बोरी डालकर सुरक्षित किया गया है। किसी भी दशा में करमैनी-बेलौली तटबंध को सुरक्षित किया जाएगा।
घाघरा खतरे के निशान के पार ः घाघरा की डेंजर लाइन 92.730 मीटर है। मंगलवार सुबह आठ बजे नदी का बहाव 92.850 मीटर और शाम चार बजे 92.810 मीटर था। वहीं राप्ती की डेंजर लाइन 79.50 मीटर है। यहां सुबह आठ बजे बहाव 78.55 और शाम चार बजे 78.60 मीटर था। जबकि कुआनो की डेंजर लाइन 78.65 मीटर है। यहां सुबह नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 75.820 और शाम चार बजे 75.890 मीटर था।
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मेंहदावल विकास खंड के पूर्वी-उत्तरी क्षेत्र में स्थित राप्ती के छोर पर करमैनी से बेलौली तक 19.200 किमी तटबंध बना हुआ है। वर्षों से इस तटबंध की उपेक्षा विभाग व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही है। वर्तमान में तटबंध कई स्थानों पर जर्जर है। वही कई जगह अति संवेदनशील कटान स्थल चिह्नित है। डेनेज खंड द्वितीय द्वारा चिह्नित कटान स्थलों के बचाव के लिए प्रोजेक्ट बनाकर जिलास्तर से शासन में काफी पहले भेजा भी गया पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता व विभागीय लापरवाही ने अब तक न तो उस प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया न ही धन ही अवमुक्त हुआ। बरसात का मौसम शुरू हो गया है।
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ऐेसे में नदी उफान पर है। तटबंध पर तैनात जूनियर इंजीनियर मनोज त्रिपाठी बंधे को पूरी तरह सुरक्षित बता रहे हैं। उनके अनुसार नदी का डेंजर प्वाइंट 79.50 मीटर है, जबकि वर्तमान में नदी जलस्तर 78.60 मीटर पर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर पांच सेमी प्रति घंटे की रफ्तार जलस्तर बढ़ रहा है। उधर, विभागीय कर्मचारी बानडूमर व बेलौली में हो रहे कटान को रोकने के लिए पेड़ों की टहनियां व ईंट पत्थर बोरियांे में डालकर पीचिंग में लगे हुए हैं। साथ ही नदी के बढ़ते जलस्तर व बंधे की जर्जरता उनके माथे पर चिन्ताओं की लकीरें खींच रही है।
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वहीं ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता दिनेश मोहन ने बताया कि करमैनी-बेलौली तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। तटबंध पर पानी का दबाव नहीं है। बानडूमर गांव के समीप थोड़ा बहुत कटान था, जहां झांगा डालकर कटान को रोका गया है। बेलौली स्टोर के समीप हो रहे कटान पर बोरी डालकर सुरक्षित किया गया है। किसी भी दशा में करमैनी-बेलौली तटबंध को सुरक्षित किया जाएगा।
घाघरा खतरे के निशान के पार ः घाघरा की डेंजर लाइन 92.730 मीटर है। मंगलवार सुबह आठ बजे नदी का बहाव 92.850 मीटर और शाम चार बजे 92.810 मीटर था। वहीं राप्ती की डेंजर लाइन 79.50 मीटर है। यहां सुबह आठ बजे बहाव 78.55 और शाम चार बजे 78.60 मीटर था। जबकि कुआनो की डेंजर लाइन 78.65 मीटर है। यहां सुबह नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 75.820 और शाम चार बजे 75.890 मीटर था।