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Sant Kabir Nagar News: लंपी को लेकर सतर्कता, शुरू हुआ पशुओं का टीकाकरण
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सेमरियावां। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पशुओं में लंपी स्किन डिजीज का प्रकोप बढ़ने के बाद जिले में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पशुपालन विभाग ने सेमरियावां क्षेत्र में टीकाकरण और जागरूकता अभियान शुरू किया है। विभागीय टीमें गांव-गांव पहुंचकर गोवंशीय पशुओं का सर्वे करने के साथ उनका निशुल्क टीकाकरण कर रही हैं।
विकास खंड स्तर पर डॉ. अखिलेश यादव और डॉ. सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पशु चिकित्सा विभाग की टीमें गांवों में पहुंचकर गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण करा रही हैं। सेमरियावां ब्लॉक में 113 ग्राम पंचायतें हैं। क्षेत्र में करीब तीन हजार गोवंशीय पशु हैं।
पशु चिकित्सकों के अनुसार लंपी समेत अन्य बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण जरूरी है। पशुपालकों से पशुशालाओं को साफ और सूखा रखने, नियमित रूप से चूने या कीटाणुनाशक का छिड़काव करने और बीमार पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की अपील की गई है। विभाग के अनुसार अभियान के तहत टीमें लगातार गांवों में पहुंचकर पशुओं का सर्वे और टीकाकरण कर रही हैं।
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विभाग के अनुसार सेमरियावां क्षेत्र में लंपी से बचाव के लिए आठ सितंबर से टीकाकरण अभियान चल रहा है। इसके लिए दो टीमें गठित की गई हैं। इनके माध्यम से गोवंशीय पशुओं का निशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। सेमरियावां क्षेत्र में अभी लंपी स्किन डिजीज का कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीमारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए एहतियात के तौर पर टीकाकरण कराया जा रहा है।
बुखार और शरीर पर गांठें दिखें तो करें सूचना
पशु चिकित्सकों के मुताबिक लंपी स्किन डिजीज विषाणुजनित बीमारी है। इससे पशुओं में तेज बुखार, आंख और नाक से पानी आना, पैरों में सूजन तथा शरीर पर कठोर और चपटी गांठें बनने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। सिर, गर्दन, थूथन, थन, गुदा और जननांगों के आसपास भी गांठें हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में पूरे शरीर पर गांठें हो सकती हैं। दुधारू गायों में दूध का उत्पादन भी काफी कम हो जाता है। पशुओं में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशुपालक तत्काल पशु चिकित्सालय या पशु सेवा केंद्र को सूचना दें। साथ ही संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की सलाह दी गई है।
सेमरियावां क्षेत्र के सभी गांवों में गोवंशीय पशुओं को लंपी स्किन डिजीज से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया गया है। यह संक्रामक वायरल बीमारी है। इसकी रोकथाम में समय से टीकाकरण और उचित जैव-सुरक्षा उपाय बेहद महत्वपूर्ण हैं। पशुपालक विभागीय टीमों का सहयोग करते हुए अपने गोवंशीय पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं।
- डॉ. अखिलेश कुमार यादव, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, राजकीय पशु अस्पताल सेमरियावां
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विकास खंड स्तर पर डॉ. अखिलेश यादव और डॉ. सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पशु चिकित्सा विभाग की टीमें गांवों में पहुंचकर गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण करा रही हैं। सेमरियावां ब्लॉक में 113 ग्राम पंचायतें हैं। क्षेत्र में करीब तीन हजार गोवंशीय पशु हैं।
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पशु चिकित्सकों के अनुसार लंपी समेत अन्य बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण जरूरी है। पशुपालकों से पशुशालाओं को साफ और सूखा रखने, नियमित रूप से चूने या कीटाणुनाशक का छिड़काव करने और बीमार पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की अपील की गई है। विभाग के अनुसार अभियान के तहत टीमें लगातार गांवों में पहुंचकर पशुओं का सर्वे और टीकाकरण कर रही हैं।
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विभाग के अनुसार सेमरियावां क्षेत्र में लंपी से बचाव के लिए आठ सितंबर से टीकाकरण अभियान चल रहा है। इसके लिए दो टीमें गठित की गई हैं। इनके माध्यम से गोवंशीय पशुओं का निशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। सेमरियावां क्षेत्र में अभी लंपी स्किन डिजीज का कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीमारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए एहतियात के तौर पर टीकाकरण कराया जा रहा है।
बुखार और शरीर पर गांठें दिखें तो करें सूचना
पशु चिकित्सकों के मुताबिक लंपी स्किन डिजीज विषाणुजनित बीमारी है। इससे पशुओं में तेज बुखार, आंख और नाक से पानी आना, पैरों में सूजन तथा शरीर पर कठोर और चपटी गांठें बनने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। सिर, गर्दन, थूथन, थन, गुदा और जननांगों के आसपास भी गांठें हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में पूरे शरीर पर गांठें हो सकती हैं। दुधारू गायों में दूध का उत्पादन भी काफी कम हो जाता है। पशुओं में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशुपालक तत्काल पशु चिकित्सालय या पशु सेवा केंद्र को सूचना दें। साथ ही संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की सलाह दी गई है।
सेमरियावां क्षेत्र के सभी गांवों में गोवंशीय पशुओं को लंपी स्किन डिजीज से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया गया है। यह संक्रामक वायरल बीमारी है। इसकी रोकथाम में समय से टीकाकरण और उचित जैव-सुरक्षा उपाय बेहद महत्वपूर्ण हैं। पशुपालक विभागीय टीमों का सहयोग करते हुए अपने गोवंशीय पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं।
- डॉ. अखिलेश कुमार यादव, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, राजकीय पशु अस्पताल सेमरियावां