{"_id":"6522f317b9aee5941600fe18","slug":"after-three-years-the-plight-of-16-villages-will-be-reduced-by-rs-20-crores-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-3937-2023-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: तीन साल के बाद 20 करोड़ से दूर होगी 16 गांवों की बदहाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: तीन साल के बाद 20 करोड़ से दूर होगी 16 गांवों की बदहाली
विज्ञापन
नगरपालिका क्षेत्र के सीमा बिस्तार बड़गो में टूटी पड़ी सड़क।संवाद
पालिका क्षेत्र में शामिल हुए गांवों में नहीं मिली सुविधाएं
नगर पालिका में शामिल गांवों की करीब 50 हजार लोगों की बदलेगी जीवन शैली, होंगे कई विकास के कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
संतमकबीरनगर। इसे सिस्टम की लापरवाही कहें या उपेक्षा। शहर में शामिल होने के बाद 50 हजार की आबादी को तीन साल तक विकास का इंतजार करना पड़ा है। शासन-प्रशासन ने अब सुधि ली है। 20 करोड़ की लागत से सीमा विस्तार में शामिल गांवों की बदहाली दूर होगी। इससे इन क्षेत्रों के लोगों की जीवन शैली में सुधार होने की उम्मीद है।
एक अक्तूबर 2020 को नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का सीमा विस्तार हुआ। इसमें 16 गांवों में शामिल किया गया है। जिसमें कसैला, डीघा, सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, पटखौली, सरौली, बड़गो, मोहद्दीनपुर, बेलवनिया, गौसपुर, बनियाबारी, सादिकगंज, उस्का, मैलानी और खटौली शामिल है। ग्राम पंचायत का दर्जा खत्म होने के बाद यहां ब्लॉक स्तर से तैनात सफाई कर्मियों को हटा दिया गया। पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए कोई इंतजाम नहीं हो सका है, जबकि अब भी इन क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति हो रही है। सड़कें बदहाल है तो बांस-बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति किसी तरह से हो रही है। कहीं पर भी डस्टविन की व्यवस्था नहीं हैं। स्वच्छ पेयजल के लिए अब भी हैंडपंपों का ही सहारा है। ऐसे में 50 हजार की आबादी समस्याओं से जूझती रही। क्षेत्र के निवासी संजय मिश्र, राधेश्याम, अशोक कुमार आदि ने कहा कि शहर में शामिल होने के बाद भी विकास से क्षेत्र अधूरा रह गया है। न सड़कें बनी और न ही पेयजल का इंतजाम हो सका। सफाई व्यवस्था भी बदहाल है।
जागा प्रशासन, ये होंगे कार्य
शहर में शामिल क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के लिए अब पहल हुई है। एक करोड़ 13 लाख की लागत से बिजली व्यवस्था में सुधार किए जाने के लिए मंजूरी मिली है। इससे इन क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की जगह शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति होगी। इसके लिए पोल लगाने का कार्य शुरू हुआ हैं। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल के लिए तीन करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इसके तहत चार स्थानों पर लाइप लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही नलकूप स्थापित होंगे। जब तक पानी की टंकी नहीं बनेगी, तब तक सीधे जलापूर्ति होगी। इसके साथ ही जल निकासी के लिए नाला व नाली का निर्माण होगा। साथ ही बदहाल हो चुकी सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इससे बड़गो, डीघा, बनियाबारी, गौसपुर, जनता मार्ग आदि क्षेत्रों की आबादी को लाभ मिलेगा। इस पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन
शहर की सीमा में शामिल क्षेत्रों में विकास के कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। इसके लिए पहल की गई है। विद्युत निगम ने पोल लगाने का कार्य शुरू किया है। अन्य कार्य भी जल्द ही शुरू हो जाएंगे।
जगत जायसवाल, चेयरमैन खलीलाबाद
विज्ञापन
नगर पालिका में शामिल गांवों की करीब 50 हजार लोगों की बदलेगी जीवन शैली, होंगे कई विकास के कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
संतमकबीरनगर। इसे सिस्टम की लापरवाही कहें या उपेक्षा। शहर में शामिल होने के बाद 50 हजार की आबादी को तीन साल तक विकास का इंतजार करना पड़ा है। शासन-प्रशासन ने अब सुधि ली है। 20 करोड़ की लागत से सीमा विस्तार में शामिल गांवों की बदहाली दूर होगी। इससे इन क्षेत्रों के लोगों की जीवन शैली में सुधार होने की उम्मीद है।
एक अक्तूबर 2020 को नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का सीमा विस्तार हुआ। इसमें 16 गांवों में शामिल किया गया है। जिसमें कसैला, डीघा, सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, पटखौली, सरौली, बड़गो, मोहद्दीनपुर, बेलवनिया, गौसपुर, बनियाबारी, सादिकगंज, उस्का, मैलानी और खटौली शामिल है। ग्राम पंचायत का दर्जा खत्म होने के बाद यहां ब्लॉक स्तर से तैनात सफाई कर्मियों को हटा दिया गया। पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए कोई इंतजाम नहीं हो सका है, जबकि अब भी इन क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति हो रही है। सड़कें बदहाल है तो बांस-बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति किसी तरह से हो रही है। कहीं पर भी डस्टविन की व्यवस्था नहीं हैं। स्वच्छ पेयजल के लिए अब भी हैंडपंपों का ही सहारा है। ऐसे में 50 हजार की आबादी समस्याओं से जूझती रही। क्षेत्र के निवासी संजय मिश्र, राधेश्याम, अशोक कुमार आदि ने कहा कि शहर में शामिल होने के बाद भी विकास से क्षेत्र अधूरा रह गया है। न सड़कें बनी और न ही पेयजल का इंतजाम हो सका। सफाई व्यवस्था भी बदहाल है।
विज्ञापन
जागा प्रशासन, ये होंगे कार्य
शहर में शामिल क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के लिए अब पहल हुई है। एक करोड़ 13 लाख की लागत से बिजली व्यवस्था में सुधार किए जाने के लिए मंजूरी मिली है। इससे इन क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की जगह शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति होगी। इसके लिए पोल लगाने का कार्य शुरू हुआ हैं। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल के लिए तीन करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इसके तहत चार स्थानों पर लाइप लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही नलकूप स्थापित होंगे। जब तक पानी की टंकी नहीं बनेगी, तब तक सीधे जलापूर्ति होगी। इसके साथ ही जल निकासी के लिए नाला व नाली का निर्माण होगा। साथ ही बदहाल हो चुकी सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इससे बड़गो, डीघा, बनियाबारी, गौसपुर, जनता मार्ग आदि क्षेत्रों की आबादी को लाभ मिलेगा। इस पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन
शहर की सीमा में शामिल क्षेत्रों में विकास के कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। इसके लिए पहल की गई है। विद्युत निगम ने पोल लगाने का कार्य शुरू किया है। अन्य कार्य भी जल्द ही शुरू हो जाएंगे।
जगत जायसवाल, चेयरमैन खलीलाबाद