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Sant Kabir Nagar News: अधिवक्ता करते रहे आंदोलन रजिस्ट्री भवन का हो गया निर्माण
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धनघटा। तहसील परिसर में उप निबंधक कार्यालय की मांग को लेकर अधिवक्ताओं के महीनों से जारी प्रदर्शन के बावजूद दान में मिली जमीन पर कार्यालय का निर्माण हो गया। दूसरी तरफ दान में मिली जमीन को मानक विहीन बताकर अधिकता पिछले पांच महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को भी अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील परिसर में उप निबंधक कार्यालय के निर्माण के लिए पर्याप्त जगह है। ऐसे में तहसील से दूर दान में मिली मानक विहीन जमीन पर कार्यालय का निर्माण नहीं होना चाहिए। आंदोलन के बावजूद कार्यदायी संस्था ने छत तक का निर्माण कार्य पूरा करा लिया है। धनघटा तहसील का सृजन 5 सितंबर 1997 में हुआ। तहसील का कार्यालय बाढ़ शरणालय भवन में संचालित होना शुरू हुआ तो उप निबंधन कार्यालय हैसर बाजार मार्ग पर किराए के मकान में खोला गया। करीब 10 वर्ष बाद तहसील को स्थाई भवन मिल गया। उप निबंधक कार्यालय बाढ़ शरणालय भवन में आ गया। तभी से उप निबंधक कार्यालय वहीं से संचालित हो रहा है। इधर अधिवक्ताओं ने उप निबंधक कार्यालय तहसील परिसर में लाए जाने की मांग ही नहीं कर रहे बल्कि अधिवक्ताओं ने तत्कालीन मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्रीराम चौहान से तहसील परिसर के एक भवन में उप निबंधक कार्यालय का उद्घाटन भी करा दिया।
स्टांप विक्रेता सुभाष चंद्र गुप्ता ने उप निबंधक कार्यालय के लिए धनघटा के मुखलिसपुर मार्ग पर गागरगाड में राज्यपाल के नाम जमीन दान दे दी। इससे आक्रोशित अधिक्ताओं ने न्यायायिक कार्य का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। इस बीच कार्यदायी संस्था लगातार निर्माण कार्य करवाती रही। वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह ने कहा कि कार्यदायी संस्था और जिला प्रशासन न्यायालय के आदेश की अवहेलना की है।
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प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील परिसर में उप निबंधक कार्यालय के निर्माण के लिए पर्याप्त जगह है। ऐसे में तहसील से दूर दान में मिली मानक विहीन जमीन पर कार्यालय का निर्माण नहीं होना चाहिए। आंदोलन के बावजूद कार्यदायी संस्था ने छत तक का निर्माण कार्य पूरा करा लिया है। धनघटा तहसील का सृजन 5 सितंबर 1997 में हुआ। तहसील का कार्यालय बाढ़ शरणालय भवन में संचालित होना शुरू हुआ तो उप निबंधन कार्यालय हैसर बाजार मार्ग पर किराए के मकान में खोला गया। करीब 10 वर्ष बाद तहसील को स्थाई भवन मिल गया। उप निबंधक कार्यालय बाढ़ शरणालय भवन में आ गया। तभी से उप निबंधक कार्यालय वहीं से संचालित हो रहा है। इधर अधिवक्ताओं ने उप निबंधक कार्यालय तहसील परिसर में लाए जाने की मांग ही नहीं कर रहे बल्कि अधिवक्ताओं ने तत्कालीन मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्रीराम चौहान से तहसील परिसर के एक भवन में उप निबंधक कार्यालय का उद्घाटन भी करा दिया।
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स्टांप विक्रेता सुभाष चंद्र गुप्ता ने उप निबंधक कार्यालय के लिए धनघटा के मुखलिसपुर मार्ग पर गागरगाड में राज्यपाल के नाम जमीन दान दे दी। इससे आक्रोशित अधिक्ताओं ने न्यायायिक कार्य का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। इस बीच कार्यदायी संस्था लगातार निर्माण कार्य करवाती रही। वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह ने कहा कि कार्यदायी संस्था और जिला प्रशासन न्यायालय के आदेश की अवहेलना की है।
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