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एडीएम ने बंधे को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया
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फुलुई गांव के पास कुआनो नदी द्वारा की जा रही कटान का निरीक्षण करते एडीएम।
- फोटो : KHALILABAD
एडीएम ने बंधे को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया
- फुलुई गांव के पास कटान स्थल का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। फुलुई गांव के पास कुआनो नदी दबाव बनाए हुए है। तीन दिन से बंधे पर रिसाव हो रहा है। शनिवार को मौके पर पहुंच कर एडीएम ने बंधे को हर हाल में सुरक्षित रखने का निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिया।
कुआनो नदी के बाढ़ को रोकने के लिए प्रजापतिपुर, बसवारी गांव के पास बना बांध जर्जर हो चुका है। गर्मी में ग्राम प्रधान समेत गांव के लोग सिंचाई विभाग से बंधे की मरम्मत कराने की मांग भी किए। लेकिन विभाग ने धन की कमी बताकर मरम्मत कराने से इन्कार कर दिया। प्रधान हरीशचंद्र यादव का कहना है कि बंधे की मरम्मत मनरेगा से कराने की अनुमति सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मांगी गई तो वह अनुमति भी नहीं दिए। जिसका नतीजा हुआ की पानी का दबाव बढ़ते ही बंधे पर बना रेगुलेटर धंस गया और उसके बगल से पानी रिसाव होने लगा। तीन दिन से रिसाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा, लेकिन पानी रुक नहीं रहा है। शनिवार को एडीएम संजय पांडेय और तहसीलदार वंदना पांडेय ने बंधे का निरीक्षण किया। एडीएम ने कहा कि किसी भी कीमत पर बंधा कटना नहीं चाहिए। बंधे को बचाने का हर संभव उपाय सिंचाई विभाग के लोग करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ हटने के बाद इस स्थान पर नए रेगुलेटर का निर्माण होना चाहिए।
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- फुलुई गांव के पास कटान स्थल का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। फुलुई गांव के पास कुआनो नदी दबाव बनाए हुए है। तीन दिन से बंधे पर रिसाव हो रहा है। शनिवार को मौके पर पहुंच कर एडीएम ने बंधे को हर हाल में सुरक्षित रखने का निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिया।
कुआनो नदी के बाढ़ को रोकने के लिए प्रजापतिपुर, बसवारी गांव के पास बना बांध जर्जर हो चुका है। गर्मी में ग्राम प्रधान समेत गांव के लोग सिंचाई विभाग से बंधे की मरम्मत कराने की मांग भी किए। लेकिन विभाग ने धन की कमी बताकर मरम्मत कराने से इन्कार कर दिया। प्रधान हरीशचंद्र यादव का कहना है कि बंधे की मरम्मत मनरेगा से कराने की अनुमति सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मांगी गई तो वह अनुमति भी नहीं दिए। जिसका नतीजा हुआ की पानी का दबाव बढ़ते ही बंधे पर बना रेगुलेटर धंस गया और उसके बगल से पानी रिसाव होने लगा। तीन दिन से रिसाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा, लेकिन पानी रुक नहीं रहा है। शनिवार को एडीएम संजय पांडेय और तहसीलदार वंदना पांडेय ने बंधे का निरीक्षण किया। एडीएम ने कहा कि किसी भी कीमत पर बंधा कटना नहीं चाहिए। बंधे को बचाने का हर संभव उपाय सिंचाई विभाग के लोग करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ हटने के बाद इस स्थान पर नए रेगुलेटर का निर्माण होना चाहिए।
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