{"_id":"6744b4eadb113b38c204320f","slug":"account-will-have-to-be-given-for-teaching-and-learning-in-smart-lab-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-124428-2024-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: स्मार्ट लैब में पढ़ाने और सिखाने का देना होगा हिसाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: स्मार्ट लैब में पढ़ाने और सिखाने का देना होगा हिसाब
Mon, 25 Nov 2024 11:03 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 25 Nov 2024 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- जिले के 152 विद्यालयों में संचालित है स्मार्ट क्लास
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को रोचक ढंग से पढ़ाने के लिए लैब एवं स्मार्ट क्लास की स्थापना हुई है। शिक्षको की तरफ से इसका प्रयोग किया जा रहा है या नहीं, इसका अब उन्हे हिसाब देना होगा। इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक की ओर से निर्देश दिया गया है।
जिले में 1247 परिषदीय स्कूल है। जिसमे 805 प्राथमिक विद्यालय, 250 कंपोजिट विद्यालय और 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चलाया जा रहा है। वहीं आईसीटी लैब भी तैयार की गई है। शासन की ओर से विभिन्न विकास खंडों में 152 स्मार्ट क्लास बनाई गई है। इसके साथ ही नगर क्षेत्र सहित नौ ब्लॉक क्षेत्रों में शिक्षकों को टैबलेट भी दिया गया है। जिन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास है वहां छात्रों को कितनी कक्षाएं हुई और टैबलेट का पढ़ाई में किस तरह उपयोग किया जा रहा है कि इसका हिसाब शिक्षकों को देना होगा। राज्य परियोजना निदेशक की ओर से निर्देश दिया गया है कि कि आईसीटी लैब के उपयोग के लिए रोस्टर तैयार किया जाए। बीआरसी के आस पास के विद्यालयो में छात्रो को रोस्टर के तहत इस लैब में शिक्षण प्राप्त करने के लिए भेजा जाए। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि स्मार्ट क्लास में जो भी पढ़ाया जाएगा उसकी जानकारी शिक्षक को देनी होगी। इसके लिए निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को रोचक ढंग से पढ़ाने के लिए लैब एवं स्मार्ट क्लास की स्थापना हुई है। शिक्षको की तरफ से इसका प्रयोग किया जा रहा है या नहीं, इसका अब उन्हे हिसाब देना होगा। इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक की ओर से निर्देश दिया गया है।
जिले में 1247 परिषदीय स्कूल है। जिसमे 805 प्राथमिक विद्यालय, 250 कंपोजिट विद्यालय और 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चलाया जा रहा है। वहीं आईसीटी लैब भी तैयार की गई है। शासन की ओर से विभिन्न विकास खंडों में 152 स्मार्ट क्लास बनाई गई है। इसके साथ ही नगर क्षेत्र सहित नौ ब्लॉक क्षेत्रों में शिक्षकों को टैबलेट भी दिया गया है। जिन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास है वहां छात्रों को कितनी कक्षाएं हुई और टैबलेट का पढ़ाई में किस तरह उपयोग किया जा रहा है कि इसका हिसाब शिक्षकों को देना होगा। राज्य परियोजना निदेशक की ओर से निर्देश दिया गया है कि कि आईसीटी लैब के उपयोग के लिए रोस्टर तैयार किया जाए। बीआरसी के आस पास के विद्यालयो में छात्रो को रोस्टर के तहत इस लैब में शिक्षण प्राप्त करने के लिए भेजा जाए। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि स्मार्ट क्लास में जो भी पढ़ाया जाएगा उसकी जानकारी शिक्षक को देनी होगी। इसके लिए निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन