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124 आंगनबाड़ी केंद्रों में से केवल चार के पास अपना भवन

Wed, 06 Oct 2021 11:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 11:30 PM IST
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aaganbadi kendra
माझा खड़कपुर मे जर्जर हुआ आगनबाड़ी केंद्र।संवाद - फोटो : KHALILABAD
124 आंगनबाड़ी केंद्रों में से केवल चार के पास अपना भवन
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोसया बाजार। गांव वालों की मानें तो अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों में कभी कभार ही पोषाहार बंटता है और कभी कभार ही कार्यकर्ता आती हैं। केंद्रों के पास अपना भवन ही नहीं है तो अन्य जरूरी सुविधाएं होने का सवाल ही नहीं उठता है। यह हाल है पौली ब्लॉक के अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों का। ब्लॉक की 53 ग्राम पंचायतों में 124 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से सिर्फ चार केंद्रों के पास अपना भवन है। 120 केंद्र प्राथमिक विद्यालयों, पंचायत भवनों, एएनएम सेंटर या किराए के कमरों में चल रहे हैं। कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भी कमी है।
ब्लॉक में सीडीपीओ का पद एक माह से रिक्त है। कार्यालय की जिम्मेदारी एक बाबू संभाल रहे हैं। 124 केंद्रों में छह माह से तीन वर्ष के 6705 बच्चे और तीन वर्ष से छह वर्ष तक 3445 बच्चे पंजीकृत हैं। गर्भवती व धात्री महिलाओं की संख्या 2914 और 100 किशोरियां पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी केंद्र बछईपुर बनकर तैयार है। गांव वाले बताते हैं कि केंद्र कभी खुलता ही नहीं है। बच्चे प्राथमिक विद्यालय में बैठाए जाते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कभी आती ही नहीं हैं। सहायिका सीता बी देवी बच्चों की देखभाल करती हैं। पोषाहार कभी-कभार बंटता है।
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आंगनबाड़ी केंद्र भोतहा का निर्माण नहीं हुआ है। बच्चे प्राथमिक विद्यालय में बैठते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रेमवती से जब जानकारी हासिल करने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वे ब्लॉक पर प्रशिक्षण देने जा रही हैं। उनके पास इस समय रिकॉर्ड नहीं है। खड़कपुर में आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण तो हुआ है, लेकिन वह इतना जर्जर है कि बैठना खतरे से खाली नहीं है। गांव वालों के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव में नहीं आती हैं। वह बगल के गांव की रहने वाली हैं। पोषाहार यदा-कदा बंटता है। चकिया में आंगनबाड़ी का अपना भवन तो है, लेकिन बच्चे जूनियर हाई स्कूल में पढ़ते हैं। कार्यकर्ता आरती देवी ने बताया कि 81 बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें छह माह से तीन वर्ष के 41 और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के 40 बच्चे पंजीकृत हैं। गर्भवती 11 और पांच धात्री महिलाएं हैं। तीन किशोरी पंजीकृत हैं। नारायणपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिथिलेश ने बताया कि आंगनबाड़ी का अपना भवन अभी बनकर तैयार हुआ है, लेकिन वह विभाग को हस्तांतरित नहीं हुआ है। छह माह से तीन वर्ष के 79, तीन से छह वर्ष के 60 बच्चे हैं। गर्भवती-धात्री 15 और तीन किशोरियां पंजीकृत हैं।
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सीडीपीओ कार्यालय पौली के अकाउंटेंट आफताब ने बताया कि मिनी आंगनबाड़ी केंद्र नकहा, सुकरौली, बुजुर्ग वार द्वितीय, पूरेसुख लालपुर, पौली, खर्चा रामपुर, खलीलपुर, बघौड़ा मिनी केंद्र या तो पंचायत भवन में संचालित हो रहे हैं या अन्यत्र चल रहे हैं। दलिया, रिफाइंड का वितरण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र पर करती हैं। चावल स्वयं सहायता समूह द्वारा दिया जाता था। नए शासनादेश में अब कोटेदार द्वारा वितरित करने का आदेश हुआ है। सप्ताह में दो दिन सामान का वितरण किया जाएगा।

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आंगनबाड़ी केंद्र सप्ताह में दो दिन सोमवार व बृहस्पतिवार को खुलता है। केंद्र में जो भी कमियां हैं, उनमें सुधार कराया जाएगा। लापरवाही और गड़बड़ी करने वाले संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- विजय श्री, डीपीओ
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