सीएम सिटी मॉडल की झलक अब कबीर की धरती पर दिखाई देगी। क्योंकि संतकबीरनगर जिले को पीपुल ओरिएंट मास्टर प्लान के जरिए सेटेलाइट टाउन बनाने की कवायद शुरू हो गई है। यहां औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन विकास को बढ़ावा देने का खाका तैयार किया जा रहा है।
संतकबीरनगर: कबीर की धरती पर दिखेगी CM सिटी मॉडल की झलक, बनेगा सैटेलाइट टाउन
गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जनपद स्थित है, मगर अफसोस है कि जनपद का मास्टर प्लान नहीं बन पाया। जिला मुख्यालय अनियोजित तरीके से बसा है। यही वजह है कि औद्योगिक घराने की नजर यहां नहीं पड़ती। डीएम प्रेम रंजन सिंह की पहल पर प्रदेश सरकार के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के टाउन प्लानर हृतेश कुमार को संतकबीरनगनर जिले से संबंद्ध किया गया है। टाउन प्लानर हृतेश कुमार दस दिनों में दो बार जिले का दौरा कर चुके हैं।
गीडा को जिले में लाने का प्रयास
गीडा का विस्तार गोरखपुर के भीटी रावत और कसरवल तक हो चुका है। जिला प्रशासन की गीडा के जिम्मेदारों से बातचीत चल रही है। गोरखपुर के कसरवल के बाद जिले की सीमा मगहर पुल से शुरू हो जाती है। ऐसे में उम्मीद है गीडा का प्रवेश भी जिले में होगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जिला प्रशासन यूपीएसआईडीसी के जरिए मास्टर प्लान में लैंड यूज देकर औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है।
रामगढ़ ताल की तर्ज पर विकसित होगी बखिरा झील
पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए डीएम का बखिरा झील व कबीर स्थली पर अधिक फोकस है। डीएम की रणनीति है कि इसकी ब्रांडिंग कर यहां पर्यटकों को लुभाने की सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। पर्यटकों के लिए होटल, रेस्टोरेंट आदि की सुविधाएं हों, लाइटिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाए। आमी नदी में लोगों को लुत्फ उठाने के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी भी चल रही है। सहजनवां से घघसरा होकर जो मार्ग बखिरा जाता है, उसी मार्ग से सीधे झील तक जाने के लिए सड़क भी बनाई जाएगी। झील के चारों तरफ पाथवे बनाए जाएंगे। बीच-बीच में दर्शक दीर्घा, नेचर टेल, मैग्रोव प्लाटेशन लगाने की योजना है। बोटिंग की सुविधा के साथ फोटोग्राफी के लिए लोकेशन चिह्नित किए जाएंगे।
डीएम प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि गोरखपुर मॉडल की तर्ज पर जिले को विकसित कराने का प्लान तैयार किया जा रहा है। संतकबीरनगर में औद्योगिक विकास के साथ बखिरा झील को विकसित किया जाएगा।