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Sant Kabir Nagar News: वसीयतनामा दिखाकर 74 लाख की ठगी, तीन पर रिपोर्ट दर्ज
Mon, 15 Dec 2025 01:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 15 Dec 2025 01:33 AM IST
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संतकबीरनगर। कोतवाली पुलिस ने वसीयतनामा दिखाकर भूमि का बैनामा करके 74 लाख रुपये की ठगी के मामले में मां-बेटे समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
शहर के बरदहिया बाजार निवासी मोहम्मद नासिर पुत्र हाजी मोहम्मद अय्यूब ने कोतवाली में तहरीर दी कि वह जय लक्ष्मी साल्वेंट प्राइवेट लिमिटेड गोरखपुर के कर्ता धर्ता हैं और जय लक्ष्मी गो सेवा संस्थान के लिए मगहर खास में लगभग 80 एकड़ भूमि खरीदने की तैयारी में थे। नासिर ने बताया कि गाटा संख्या 53 की भूमि खरीदने के लिए मगहर के निवासी मेंहदी हसन से बातचीत की। सौदे के अनुसार नासिर ने मेंहदी हसन को 10 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में दिए और शेष 74 लाख रुपये बैंक के माध्यम से जमा कराए।
उन्होंने बताया कि गाटा संख्या 529, मौजा मगहर खास का बैनामा 12 सितंबर 2022 को रजिस्ट्री कराई गई। मेंहदी हसन ने दावा किया कि उनके चाचा और चाची की मृत्यु के बाद वह एकमात्र कानूनी वारिस हैं। इसके बाद मेंहदी हसन ने उनको संतुष्ट करने के लिए अपनी मां नूरजहां के पास ले जाकर तथा अपनी चाची के मृत्यु प्रमाण पत्र की छायाप्रति भी दी और अपने भाई अब्दुल हसन के घर ले जाकर मुलाकात कराई। मेंहदी हसन की मां व भाई ने कहा कि मेंहदी हसन घर का मुखिया है। वह जो कह रहा है वह सही है। इस आधार पर नासिर ने पूरी रकम चुकाई और जमीन का कब्जा ले लिया।
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लेकिन, बाद में पता चला कि 23 अगस्त 1984 के जिस वसीयतनामा के आधार पर सौदा हुआ था, वह बस्ती न्यायालय में विवाद के कारण 23 दिसंबर 2024 को निरस्त हो चुका था। नासिर ने आरोप लगाया कि मेंहदी हसन ने सत्यता छिपाकर फर्जी दस्तावेज रजिस्ट्री की। नासिर ने बताया कि कुल 74 लाख रुपये मेंहदी हसन के बैंक खाते में भेजे थे। अब वह वापस नहीं कर रहे हैं। उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। कोतवाली प्रभारी पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि मामले में तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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शहर के बरदहिया बाजार निवासी मोहम्मद नासिर पुत्र हाजी मोहम्मद अय्यूब ने कोतवाली में तहरीर दी कि वह जय लक्ष्मी साल्वेंट प्राइवेट लिमिटेड गोरखपुर के कर्ता धर्ता हैं और जय लक्ष्मी गो सेवा संस्थान के लिए मगहर खास में लगभग 80 एकड़ भूमि खरीदने की तैयारी में थे। नासिर ने बताया कि गाटा संख्या 53 की भूमि खरीदने के लिए मगहर के निवासी मेंहदी हसन से बातचीत की। सौदे के अनुसार नासिर ने मेंहदी हसन को 10 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में दिए और शेष 74 लाख रुपये बैंक के माध्यम से जमा कराए।
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उन्होंने बताया कि गाटा संख्या 529, मौजा मगहर खास का बैनामा 12 सितंबर 2022 को रजिस्ट्री कराई गई। मेंहदी हसन ने दावा किया कि उनके चाचा और चाची की मृत्यु के बाद वह एकमात्र कानूनी वारिस हैं। इसके बाद मेंहदी हसन ने उनको संतुष्ट करने के लिए अपनी मां नूरजहां के पास ले जाकर तथा अपनी चाची के मृत्यु प्रमाण पत्र की छायाप्रति भी दी और अपने भाई अब्दुल हसन के घर ले जाकर मुलाकात कराई। मेंहदी हसन की मां व भाई ने कहा कि मेंहदी हसन घर का मुखिया है। वह जो कह रहा है वह सही है। इस आधार पर नासिर ने पूरी रकम चुकाई और जमीन का कब्जा ले लिया।
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लेकिन, बाद में पता चला कि 23 अगस्त 1984 के जिस वसीयतनामा के आधार पर सौदा हुआ था, वह बस्ती न्यायालय में विवाद के कारण 23 दिसंबर 2024 को निरस्त हो चुका था। नासिर ने आरोप लगाया कि मेंहदी हसन ने सत्यता छिपाकर फर्जी दस्तावेज रजिस्ट्री की। नासिर ने बताया कि कुल 74 लाख रुपये मेंहदी हसन के बैंक खाते में भेजे थे। अब वह वापस नहीं कर रहे हैं। उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। कोतवाली प्रभारी पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि मामले में तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।