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Sant Kabir Nagar News: प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक पर दर्ज होगा गबन का केस
Sun, 04 Aug 2024 02:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 04 Aug 2024 02:54 AM IST
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- डीएम ने 5 लाख 78 हजार रुपये की वसूली के दिए आदेश, उपायुक्त श्रम रोजगार की जांच में पाए गए दोषी
- सेमरियावां क्षेत्र तिलजा गांव पोखरी निर्माण का कार्य जेसीबी से कराना पाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सेमरियावां क्षेत्र के तिलजा गांव में उप श्रमायुक्त रोजगार की जांच में पोखरों के निर्माण में जेसीबी से काम होना पाया गया। परियोजना में किसी भी मजदूर के जरिए कार्य न होना पाया गया। उप श्रमायुक्त की रिपोर्ट पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने प्रधान, तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक को जिम्मेदार मानते हुए गबन के 5 लाख 78 हजार रुपये की वसूली और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त श्रम रोजगार प्रभात द्विवेदी ने डीएम को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि सेमरियावां क्षेत्र के तिलजा में निर्माणाधीन शिव मंदिर का पोखरा, अमृत सरोवर निर्माण कार्य की जांच की गई। जहां कोई कार्य नहीं चल रहा था। मौके पर जेसीबी मशीन, ट्रैक्टर से खोदाई का स्पष्ट साक्ष्य पाया गया। परियोजना पर 25 जून को श्रमिकों नियोजित नहीं किया गया है। लेकिन 11 जून को 75, 15 जून को 73, 17 को 57, 18 और 19 जून को 75-75 मजदूरों की उपस्थिति एप पर दर्ज कराई गई।
वहीं 20, 21, 22 व 23 जून को 76 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज हुई। कार्य की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति लागत 23 लाख 10 हजार 743 रुपये है। मामले की संयुक्त टीम ने भी जांच कर आख्या उपलब्ध कराया है। तकनीकी सहायक कृष्ण देव पांडेय ने बताया कि उनके जरिए कोई भी मापी नहीं की गई है। जांच आख्या से स्पष्ट है कि मनरेगा योजना के तहत पांच लाख 78 हजार का कार्य जेसीबी से कराया जाना पाया गया।
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इसके लिए तिलजा के ग्राम प्रधान, तकनीकी सहायक, सचिव रोजगार सेवक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया था। तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत अधिकारी, रोजगार सेवक ने स्पष्टीकरण दे दिया है। ग्राम प्रधान ने बीडीओ के माध्यम से स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया है। मामले में स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने इस मामले मे गबन की गई धनराशि की वसूली, दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
उपायुक्त श्रम रोजगार की जांच रिपोर्ट मिली है। मामले में संलिप्त दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जो कार्य हुए हैं उसे श्रमदान घोषित कर दिया गया है।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
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- सेमरियावां क्षेत्र तिलजा गांव पोखरी निर्माण का कार्य जेसीबी से कराना पाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सेमरियावां क्षेत्र के तिलजा गांव में उप श्रमायुक्त रोजगार की जांच में पोखरों के निर्माण में जेसीबी से काम होना पाया गया। परियोजना में किसी भी मजदूर के जरिए कार्य न होना पाया गया। उप श्रमायुक्त की रिपोर्ट पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने प्रधान, तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक को जिम्मेदार मानते हुए गबन के 5 लाख 78 हजार रुपये की वसूली और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त श्रम रोजगार प्रभात द्विवेदी ने डीएम को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि सेमरियावां क्षेत्र के तिलजा में निर्माणाधीन शिव मंदिर का पोखरा, अमृत सरोवर निर्माण कार्य की जांच की गई। जहां कोई कार्य नहीं चल रहा था। मौके पर जेसीबी मशीन, ट्रैक्टर से खोदाई का स्पष्ट साक्ष्य पाया गया। परियोजना पर 25 जून को श्रमिकों नियोजित नहीं किया गया है। लेकिन 11 जून को 75, 15 जून को 73, 17 को 57, 18 और 19 जून को 75-75 मजदूरों की उपस्थिति एप पर दर्ज कराई गई।
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वहीं 20, 21, 22 व 23 जून को 76 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज हुई। कार्य की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति लागत 23 लाख 10 हजार 743 रुपये है। मामले की संयुक्त टीम ने भी जांच कर आख्या उपलब्ध कराया है। तकनीकी सहायक कृष्ण देव पांडेय ने बताया कि उनके जरिए कोई भी मापी नहीं की गई है। जांच आख्या से स्पष्ट है कि मनरेगा योजना के तहत पांच लाख 78 हजार का कार्य जेसीबी से कराया जाना पाया गया।
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इसके लिए तिलजा के ग्राम प्रधान, तकनीकी सहायक, सचिव रोजगार सेवक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया था। तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत अधिकारी, रोजगार सेवक ने स्पष्टीकरण दे दिया है। ग्राम प्रधान ने बीडीओ के माध्यम से स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया है। मामले में स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने इस मामले मे गबन की गई धनराशि की वसूली, दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
उपायुक्त श्रम रोजगार की जांच रिपोर्ट मिली है। मामले में संलिप्त दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जो कार्य हुए हैं उसे श्रमदान घोषित कर दिया गया है।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम