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विवादित मकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में तनाव
Sant kabir nagar
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:30 AM IST
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धनघटा। महुली थाना क्षेत्र के अम्मादेई गांव में एक विवादित मकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव हो गया है। मंगलवार को सूचना पर पुलिस पहुंची। एक पक्ष ने मकान पर अपना हक जताते हुए अवैध कब्जे को हटवाने की मांग की है।
अम्मादेई गांव निवासी रामबेलास गुप्ता का बेटा पारसनाथ गुप्ता गल्ला और किराने की दुकान चलाता था। उस पर क्षेत्र के कई लोगों का कर्जा था। जिस कारण वह तीन चार वर्ष से परिवार सहित कहीं चला गया। कुछ दिन पूर्व उसने पिता के नाम पर मुखलिसपुर स्थित एक मकान पर बैंक से कर्ज लिया था। गांव के राम बिचारे यादव पुत्र हरिमंगल का आरोप था कि पारस को वह मकान खरीदने के लिए 4.70 लाख रूपये दिए थे। पहले 100 रुपये के स्टांप पेपर पर लिखा-पढ़ी हुई, बाद में 14 नवंबर 2013 को मकान का बैनामा करवाया। आरोप था कि मकान पर उनका कब्जा है। महुली पुलिस मकान को जबरिया खाली करवाना चाह रही है। जबकि राम बेलास गुप्ता का आरोप था कि उनका पैतृक मकान है। गांव के राम बिचारे यादव ने मकान पर कब्जा कर लिया है। उसने पुलिस को मामले की सूचना देकर अवैध कब्जा हटवाने की मांग की। एसओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
एसओ सुधीर सिंह का कहना था कि अम्मादेई में राम बेलास गुप्ता के बेटे पारस गुप्ता ने अपना पैतृक मकान गांव के राम बिचारे यादव को बेच दिया। मकान बेचने के बाद पारस गांव से कहीं चला गया। राम बिचारे यादव पक्ष के लोग मकान पर कब्जा करने का दबाब बनाने लगे। जबकि उस मकान में रामबेलास गुप्ता और उनकी पत्नी रह रही हैं। सोमवार को राम बिचारे यादव के परिवार की दो महिलाए मकान में घुस गई और निकलने को तैयार नहीं थी। दोनो पक्ष उसी मकान में जमे हुए हैं। एसडीएम को विवादित मकान के संबंध में 145 सीआरपीसी की रिपोर्ट दे दी गई है।
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अम्मादेई गांव निवासी रामबेलास गुप्ता का बेटा पारसनाथ गुप्ता गल्ला और किराने की दुकान चलाता था। उस पर क्षेत्र के कई लोगों का कर्जा था। जिस कारण वह तीन चार वर्ष से परिवार सहित कहीं चला गया। कुछ दिन पूर्व उसने पिता के नाम पर मुखलिसपुर स्थित एक मकान पर बैंक से कर्ज लिया था। गांव के राम बिचारे यादव पुत्र हरिमंगल का आरोप था कि पारस को वह मकान खरीदने के लिए 4.70 लाख रूपये दिए थे। पहले 100 रुपये के स्टांप पेपर पर लिखा-पढ़ी हुई, बाद में 14 नवंबर 2013 को मकान का बैनामा करवाया। आरोप था कि मकान पर उनका कब्जा है। महुली पुलिस मकान को जबरिया खाली करवाना चाह रही है। जबकि राम बेलास गुप्ता का आरोप था कि उनका पैतृक मकान है। गांव के राम बिचारे यादव ने मकान पर कब्जा कर लिया है। उसने पुलिस को मामले की सूचना देकर अवैध कब्जा हटवाने की मांग की। एसओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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एसओ सुधीर सिंह का कहना था कि अम्मादेई में राम बेलास गुप्ता के बेटे पारस गुप्ता ने अपना पैतृक मकान गांव के राम बिचारे यादव को बेच दिया। मकान बेचने के बाद पारस गांव से कहीं चला गया। राम बिचारे यादव पक्ष के लोग मकान पर कब्जा करने का दबाब बनाने लगे। जबकि उस मकान में रामबेलास गुप्ता और उनकी पत्नी रह रही हैं। सोमवार को राम बिचारे यादव के परिवार की दो महिलाए मकान में घुस गई और निकलने को तैयार नहीं थी। दोनो पक्ष उसी मकान में जमे हुए हैं। एसडीएम को विवादित मकान के संबंध में 145 सीआरपीसी की रिपोर्ट दे दी गई है।
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