{"_id":"66-53361","slug":"Sant-kabir-nagar-53361-66","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों के स्वास्थ्य पर पोषण टीम रखेगी नजर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों के स्वास्थ्य पर पोषण टीम रखेगी नजर
Sant kabir nagar
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। कुपोषित बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए जनपद स्तर पर कार्य योजना तैयार कर ली गई है। सीएमओ ने बाल रोग विशेषज्ञ व न्यूट्रीशियन विशेषज्ञ की चार संयुक्त टीम का भी गठन कर दिया है। ताकि जल्द ही योजना को शुरू किया जा सके।
सीएमओ डॉ. बद्री विशाल ने बताया कि जिला स्तर पर बाल रोग विशेषज्ञ व न्यूट्रीशियन की चार संयुक्त टीम में दो पुरुष और दो महिला विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। यह टीम शासन के निर्देश पर बनाई गई है। नामित संयुक्त टीम के सदस्य जिले के अंडरवेट बच्चों की नियमित रूप से जांच, दवाआें की उपलब्धता और पुष्टाहार का वितरण कराएंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों के निगरानी की जिम्मेदारी भी होगी। उल्लेखनीय है कि बुंदेलखंड, पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। इनमें कई बच्चों को फौरन ही इलाज की जरूरत है। लिहाजा, केंद्र सरकार ने नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे कराया। इसमें यूपी के 42 फीसदी बच्चों को अंडरवेट पाया गया। बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषित पाए गए। ऐसे में इन बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक हाई पावर कमेटी गठित किया है। इसके अलावा कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्यपरक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई है। इसके अलावा बच्चों की नियमित जांच भी कराई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि यूनीसेफ ने भी योजना में सहयोग देने की सहमति जताई है।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. बद्री विशाल ने बताया कि जिला स्तर पर बाल रोग विशेषज्ञ व न्यूट्रीशियन की चार संयुक्त टीम में दो पुरुष और दो महिला विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। यह टीम शासन के निर्देश पर बनाई गई है। नामित संयुक्त टीम के सदस्य जिले के अंडरवेट बच्चों की नियमित रूप से जांच, दवाआें की उपलब्धता और पुष्टाहार का वितरण कराएंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों के निगरानी की जिम्मेदारी भी होगी। उल्लेखनीय है कि बुंदेलखंड, पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। इनमें कई बच्चों को फौरन ही इलाज की जरूरत है। लिहाजा, केंद्र सरकार ने नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे कराया। इसमें यूपी के 42 फीसदी बच्चों को अंडरवेट पाया गया। बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषित पाए गए। ऐसे में इन बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक हाई पावर कमेटी गठित किया है। इसके अलावा कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्यपरक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई है। इसके अलावा बच्चों की नियमित जांच भी कराई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि यूनीसेफ ने भी योजना में सहयोग देने की सहमति जताई है।
विज्ञापन