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पीने के पानी और शौचालय को नहीं तरसेंगे छात्र
Sant kabir nagar
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों में हैंडपंप और शौचालयों की खराब दशा को देखते हुए शासन ने बीएसए से प्रत्येक स्कूल की रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में शासन ने पूछा है कि कितने स्कूलों में हैंडपंप नहीं है और कितने में शौचालय नहीं हैं। इसकी पूरी सूची बनाकर 30 नवंबर तक भेजने का आदेश दिया गया है।
सरकारी स्कूलोें में हैंडपंप का न होना और शौचालय की खराब स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट से मिली फटकार के बाद शासन ने प्रदेश के समस्त बीएसए से स्कूलों की स्थिति का आकलन करने को कहा है। जनपद में इस समय 1,077 प्राथमिक और 444 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। 89 विद्यालयों में हैंडपंप नहीं है और 50 विद्यालयों में हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। यही हाल शौचालय का भी है। एक दर्जन विद्यालयों में शौचालय नहीं है। जहां है भी तो वह खस्ताहाल है।
राज्य परियोजना निदेशक अतुल कुमार ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का आकलन कर लें। इसके साथ ही उन्होंने एक प्रारूप भी भेजा है। जिसमें स्कूल का नाम, पता, छात्र और अध्यापक संख्या, देरी का कारण, हैंडपंप न लगने का कारण आदि भरना है। उन्होंने बीएसए से 30 नवंबर तक पूरी रिपोर्ट मांगी है।
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सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से हैंडपंप विहीन और शौचालय विहीन स्कूलों की सूची मांगी गई है। सूची प्राप्त होते ही उसे परियोजना कार्यालय को भेज दिया जाएगा।
बीएसए, राम सिंह
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सरकारी स्कूलोें में हैंडपंप का न होना और शौचालय की खराब स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट से मिली फटकार के बाद शासन ने प्रदेश के समस्त बीएसए से स्कूलों की स्थिति का आकलन करने को कहा है। जनपद में इस समय 1,077 प्राथमिक और 444 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। 89 विद्यालयों में हैंडपंप नहीं है और 50 विद्यालयों में हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। यही हाल शौचालय का भी है। एक दर्जन विद्यालयों में शौचालय नहीं है। जहां है भी तो वह खस्ताहाल है।
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राज्य परियोजना निदेशक अतुल कुमार ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का आकलन कर लें। इसके साथ ही उन्होंने एक प्रारूप भी भेजा है। जिसमें स्कूल का नाम, पता, छात्र और अध्यापक संख्या, देरी का कारण, हैंडपंप न लगने का कारण आदि भरना है। उन्होंने बीएसए से 30 नवंबर तक पूरी रिपोर्ट मांगी है।
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सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से हैंडपंप विहीन और शौचालय विहीन स्कूलों की सूची मांगी गई है। सूची प्राप्त होते ही उसे परियोजना कार्यालय को भेज दिया जाएगा।
बीएसए, राम सिंह