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कैलिफोर्निया से आए दल ने कबीर के इतिहास को जाना
Mon, 15 Apr 2019 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
Santkabirnagar
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2019 11:45 PM IST
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कबीर चौरा मठ के महंत ने विदेशी सैलानियों का स्वागत किया
- फोटो : अमर उजाला
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मगहर। कबीर की परिनिर्वाण स्थली पर जो सुख व शांति की अनुभूति हुई है वह कहीं और नहीं प्राप्त हो सकी है। कबीर ने अपनी वाणी के माध्यम से संपूर्ण मानव जाति को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। ये बातें कैलिफोर्निया अमेरिका से आए भारतीय मूल के सजिलाराम ने सोमवार को कबीर चौरा परिसर स्थित कबीर की समाधि व मजार का दर्शन करने के बाद पत्रकारों से कही।
उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में कबीर के विचार व उनकी वाणी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का सफल प्रयास होना चाहिए। जिससे भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लोग कबीर के जीवन व उनकी कही हुई वाणी के यथार्थ को जान सकें। राजमति दास ने अपने बारे में बताया कि उनके पूर्वज मूल रूप से भारतीय थे। जो वर्षों पूर्व विदेश चले गए और वहीं के होकर रह गए। इसके बावजूद हम सभी लोग अपने देश की माटी को नहीं भूल सके हैं। यही कारण है कि आज हम लोग कबीर की जन्म स्थली वाराणसी से उनकी कर्मभूमि मगहर तक की यात्रा कर कबीर के बारे में और जानकारी प्राप्त करने के लिए आए हैं।
कैलिफोर्निया के सरस्वती प्रसाद ने कहा कि कबीर एक ऐसे संत हैं जिनकों सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में न केवल भारत में बल्कि विश्व में भी माना जाता हैं। इससे पूर्व कबीर चौरा मठ के महंत विचार दास ने निर्वाण स्थली पर विदेशी सैलानियों का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर रवि कुमार, शशि परावा, संत केशव दास, अरविन्द दास शास्त्री, शांति दास, रामसरन दास, विनोद दास आदि लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में कबीर के विचार व उनकी वाणी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का सफल प्रयास होना चाहिए। जिससे भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लोग कबीर के जीवन व उनकी कही हुई वाणी के यथार्थ को जान सकें। राजमति दास ने अपने बारे में बताया कि उनके पूर्वज मूल रूप से भारतीय थे। जो वर्षों पूर्व विदेश चले गए और वहीं के होकर रह गए। इसके बावजूद हम सभी लोग अपने देश की माटी को नहीं भूल सके हैं। यही कारण है कि आज हम लोग कबीर की जन्म स्थली वाराणसी से उनकी कर्मभूमि मगहर तक की यात्रा कर कबीर के बारे में और जानकारी प्राप्त करने के लिए आए हैं।
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कैलिफोर्निया के सरस्वती प्रसाद ने कहा कि कबीर एक ऐसे संत हैं जिनकों सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में न केवल भारत में बल्कि विश्व में भी माना जाता हैं। इससे पूर्व कबीर चौरा मठ के महंत विचार दास ने निर्वाण स्थली पर विदेशी सैलानियों का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर रवि कुमार, शशि परावा, संत केशव दास, अरविन्द दास शास्त्री, शांति दास, रामसरन दास, विनोद दास आदि लोग मौजूद रहे।
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