फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   76 history sheeters were alive even after death in records

Sant Kabir Nagar News: मरकर भी पुलिस रिकॉर्ड में जिंदा थे 76 हिस्ट्रीशीटर

Wed, 26 Apr 2023 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Wed, 26 Apr 2023 12:58 AM IST
विज्ञापन
76 history sheeters were alive even after death in records
संतकबीरनगर। पुलिस की कारगुजारी भी गजब की है। अपराध में अभ्यस्त हो चुके बदमाशों की अपराधिक गतिविधियों की निगरानी के लिए हिस्ट्रीशीट तो खोलती है, लेकिन उनके बारे में पता लगाना भूल जाती है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के 76 ऐसे हिस्ट्रीशीटर थे, जिनकी मृत्यु काफी पहले हो चुकी है, लेकिन पुलिस के अभिलेख में उन्हें जिंदा रखा गया था। निकाय चुनाव के मद्देनजर हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कराया गया तो यह सच्चाई सामने आई।
विज्ञापन

अपराध करने में अभ्यस्त बदमाशों की निगरानी के लिए पुलिस हिस्ट्रीशीट खोलती है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले में कुल 421 हिस्ट्रीशीटर हैं। उनमें 408 हिस्ट्रीशीटर अब ए श्रेणी के हैं और 13 बी श्रेणी के। एसपी ने हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कराया। उनमें 317 हिस्ट्रीशीटर अपने घरों पर मौजूद मिले। 51 हिस्ट्रीशीटरों के दूसरे प्रदेशों में गए होने की जानकारी मिली। 24 हिस्ट्रीशीटर जेल में बंद हैं। इसके अलावा 24 हिस्ट्रीशीटर लापता पाए गए हैं। वहीं, 76 हिस्ट्रीशीटरों के बारे में जानकारी मिली कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। इसमें कोतवाली क्षेत्र के 20, दुधारा के 11, महुली के 26, मेंहदावल के 10, बखिरा के दो, बेलहरकला क्षेत्र के सात हिस्ट्रीशीटर शामिल थे।
विज्ञापन

सत्यापन करने वाली टीम में शामिल पुलिस कर्मियों के अनुसार, इनमें से कई ऐसे हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनकी मौत चार-पांच साल पहले हो गई थी। कुछ हिस्ट्रीशीटरों की मौत दो से लेकर सात महीने के भीतर हुई है। इसमें चौकाने वाली बात यह है कि बीट पुलिस अधिकारी के जरिए सूचनाएं जुटाने का कार्य पुलिस करती है। हल्का सिपाही और दरोगा भी क्षेत्र में जाते हैं। चौकीदार भी पुलिस की सूचना के प्रमुख स्रोत हैं, लेकिन पुलिस हिस्ट्रीशीटरों के बारे में समय से जानकारी नहीं जुटा पाई और मर कर भी इतनी बड़ी संख्या में हिस्ट्रीशीटर पुलिस के रिकॉर्ड में जीवित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


हिस्ट्रीशीटर की मृत्यु प्रमाणित होने पर थानों में नियुक्त बीट पुलिस अधिकारी व हल्का इंचार्ज के जरिए अपने क्षेत्र के हिस्ट्रीशीट की जांच की जाती है। जांच में यदि पाया जाता है कि हिस्ट्रीशीटर की मृत्यु हो चुकी है तो सबसे पहले परिजनों से इसकी पुष्टि की जाती है। इसके साथ ही ग्राम प्रधान व अन्य लोगों से भी जानकारी प्राप्त कर कार्रवाई पूर्ण की जाती है। हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी पुलिस समय- समय पर करती रहती है। हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन में 75 हिस्ट्रीशीटर मृतक पाए गए। उनका खाका नष्ट करा दिया गया है।
- सत्यजीत गुप्ता, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed