{"_id":"5b4cd82e4f1c1b3b748b5299","slug":"71531762734-sant-kabir-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघरा के जल स्तर में बढ़ाव जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाघरा के जल स्तर में बढ़ाव जारी
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:26 PM IST
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पडंरिया बालू घाट पर जाने वाले रास्ते पर बनी पुलिया बह गई।
- फोटो : अमर उजाला
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रोसया। घाघरा नदी के किनारे बसे पड़रिया गांव से बालू घाट तक जाने वाली सड़क पर बनी पुलिया सोमवार की सुबह नदी की धारा में बह गई। इसके अलावा करीब 400 बीघा जमीन भी नदी में चली गई। नदी के जल स्तर में तेजी के साथ हो रही वृद्धि और रास्ता अवरुद्ध हो जाने से गांव वालों की परेशानी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पुलिया कटकर बह जाने की वजह से खेतों में जाना मुश्किल हो गया है। घाघरा नदी तीन दिनों से बढ़ती हुई रामपुर- मकदूमपुर व एमबीडी बांध के करीब आती जा रही है। पड़रिया गांव के करीब कुछ माह पहले बालू खनन का ठेका हुआ था। जहां बालू की निकासी के लिए ठेकेदार नया रास्ता बना कर रास्ते में पड़ने वाले नाले पर पुलिया का निर्माण कराया था। रामपलट, राजितराम, जोखन, सुक्खु, महेन्द्र , धर्मराज, कन्हैया, अर्जुन, हरीराम आदि का कहना है कि नदी कटान करने के साथ बढ़ती हुई रामपुर मकदूमपुर बांध के करीब आती जा रही है। लोगों ने कहा कि अब तक करीब चार सौ बीघा जमीन को नदी काट चुकी। अभी तेजी के साथ नदी कटान कर रही है। इसी तरह पूरब में भी नदी कटान करते हुए भौंवापार, गुनवतिया गांव के करीब आती जा रही है। एसडीएम बाबूराम ने बताया कि नदी के जल स्तर में वृद्धि जारी है, लेकिन नदी अभी अपनी सीमा में ही है। कही से कोई खतरा नही है। पड़रिया गांव के पास बने अस्थाई मार्ग पर बनी पुलिया क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन आर एन यादव ने बताया कि नदी कटान जरुर कर रही है,लेकिन बांध को काई खतरा नहीं है। बांध की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क दृष्टि रख रहा है।
घट-बढ़ रहा राप्ती का जलस्तर, जर्जर बांध से सहमे हैं लोग
मेंहदावल। राप्ती नदी का जल स्तर करमैनी-बेलौली तटबंध पर जहां दो दिन पूर्व 76.60 मीटर पर पहुंच गया था, वहीं सोमवार को घट कर 76.20 मीटर हो गया। लगातार नदी का जलस्तर घट और बढ़ रहा है। पिछले वर्ष अगस्त में नदी ऊफान पर पहुंची और जलस्तर खतरे के निशान को पार गई थी। ऐसे में नदी का जलस्तर घटने- बढ़ने के बाद भी बाढ़ की आशंका से लोग सहमे हुए है। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के राप्ती नदी के छोर पर बना 19 किलोमीटर लंबा करमैनी- बेलौली तटबंध की मरम्मत ठीक ढंग से नहीं हो पाई है। नदी लगातार घट व बढ़ रही है। जहां कुछ दिन पूर्व नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र दो मीटर नीचे था। 11 जुलाई को नदी का जलस्तर 75.20 मीटर मापा गया तो वही शनिवार को नदी का जलस्तर 76.60 पर पहुंच गया था। रविवार से जलस्तर घटना शुरु हो गया। सोमवार को राप्ती का जलस्तर 76.20 मीटर मापा गया। तटबंध व नदी के जलस्तर की जहां लगातार निगरानी कर्मचारियों के जरिए की जा रही है। वही तटबंध की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अब भी विभाग कर पाने में असमर्थ हैं। बाढ़ चौकी पर वायरलेस सेट स्थापित हैब। जिसकी देखभाल ड्रेनेज के कर्मचारी करते है। वायरलेस विभाग का कोई कर्मचारी यहां तैनात नही हैं। बाढ के मद्देनजर लोगो को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने,रहने की व्यवस्था यहां नही है न ही अब तक सुरक्षित स्थान का चयन प्रशासन कर पाया हैं। फिलहाल नदी का रुख शांत है लेकिन बाढ़ की आशंका से क्षेत्र के लोग सहमे हुए है।
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घट-बढ़ रहा राप्ती का जलस्तर, जर्जर बांध से सहमे हैं लोग
मेंहदावल। राप्ती नदी का जल स्तर करमैनी-बेलौली तटबंध पर जहां दो दिन पूर्व 76.60 मीटर पर पहुंच गया था, वहीं सोमवार को घट कर 76.20 मीटर हो गया। लगातार नदी का जलस्तर घट और बढ़ रहा है। पिछले वर्ष अगस्त में नदी ऊफान पर पहुंची और जलस्तर खतरे के निशान को पार गई थी। ऐसे में नदी का जलस्तर घटने- बढ़ने के बाद भी बाढ़ की आशंका से लोग सहमे हुए है। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के राप्ती नदी के छोर पर बना 19 किलोमीटर लंबा करमैनी- बेलौली तटबंध की मरम्मत ठीक ढंग से नहीं हो पाई है। नदी लगातार घट व बढ़ रही है। जहां कुछ दिन पूर्व नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र दो मीटर नीचे था। 11 जुलाई को नदी का जलस्तर 75.20 मीटर मापा गया तो वही शनिवार को नदी का जलस्तर 76.60 पर पहुंच गया था। रविवार से जलस्तर घटना शुरु हो गया। सोमवार को राप्ती का जलस्तर 76.20 मीटर मापा गया। तटबंध व नदी के जलस्तर की जहां लगातार निगरानी कर्मचारियों के जरिए की जा रही है। वही तटबंध की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अब भी विभाग कर पाने में असमर्थ हैं। बाढ़ चौकी पर वायरलेस सेट स्थापित हैब। जिसकी देखभाल ड्रेनेज के कर्मचारी करते है। वायरलेस विभाग का कोई कर्मचारी यहां तैनात नही हैं। बाढ के मद्देनजर लोगो को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने,रहने की व्यवस्था यहां नही है न ही अब तक सुरक्षित स्थान का चयन प्रशासन कर पाया हैं। फिलहाल नदी का रुख शांत है लेकिन बाढ़ की आशंका से क्षेत्र के लोग सहमे हुए है।
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