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सेक्रेटरी पर 25 हजार का जुर्माना
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:33 PM IST
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मद्रास हाईकोर्ट
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हरिहरपुर (संतकबीरनगर)। पीड़ित को समय से सूचना उपलब्ध न कराए जाने का दोषी करार देते हुए राज्य सूचना आयोग ने नाथनगर ब्लॉक में पूर्व में तैनात एक सेक्रेटरी के पर जन सूचना अधिकार अधनियम के तहत 250 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से 25,000 रूपये का अर्थदंड लगाते हुए उक्त धनराशि की वसूली के लिए डीएम को निर्देशित किया है ।
सिक्टहा गांव निवासी राजकुमार ने पूर्व में तैनात नाथनगर ब्लॉक के तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी से वित्तीय वर्ष 2011 से 2015 तक ग्राम पंचायत सिक्टहा में इंदिरा आवास एवं लोहिया आवास के लाभार्थियों की सूची सहित मनरेगा से गांव में कराए गए कार्यों, ऩिर्मल भारत अभियान के तहत बने शौचालयों, जाबकार्ड धारकों का विवरण जन सूचना अधिकार के तहत मांगा था। लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी ने उनको सूचना नहीं मुहैया कराया । विवश होकर राजकुमार ने आयोग की शरण ली। आयोग उक्त विषय में संबंधित सेक्रेटरी को नियत तिथि पर आयोग के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया। आयोग के समक्ष सेक्रेटरी के प्रस्तुत न होने की स्थिति में राज्य सूचना आयुक्त ने ग्राम पंचायत अधिकारी को सूचना उपलब्ध न कराए जाने का दोषी करार देते हुए प्रतिवादी के वेतन से 250 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से 25,000 रूपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।
सिक्टहा गांव निवासी राजकुमार ने पूर्व में तैनात नाथनगर ब्लॉक के तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी से वित्तीय वर्ष 2011 से 2015 तक ग्राम पंचायत सिक्टहा में इंदिरा आवास एवं लोहिया आवास के लाभार्थियों की सूची सहित मनरेगा से गांव में कराए गए कार्यों, ऩिर्मल भारत अभियान के तहत बने शौचालयों, जाबकार्ड धारकों का विवरण जन सूचना अधिकार के तहत मांगा था। लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी ने उनको सूचना नहीं मुहैया कराया । विवश होकर राजकुमार ने आयोग की शरण ली। आयोग उक्त विषय में संबंधित सेक्रेटरी को नियत तिथि पर आयोग के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया। आयोग के समक्ष सेक्रेटरी के प्रस्तुत न होने की स्थिति में राज्य सूचना आयुक्त ने ग्राम पंचायत अधिकारी को सूचना उपलब्ध न कराए जाने का दोषी करार देते हुए प्रतिवादी के वेतन से 250 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से 25,000 रूपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।
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