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खतरे के निशान से 53 सेंटीमीटर नीचे घाघरा
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sat, 16 Jul 2016 11:39 PM IST
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नाव से जाते लोग।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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घाघरा नदी के जल स्तर में शनिवार को भी इजाफा हुआ। जिससे नदी अब खतरे के निशान मात्र 53 सेंटी मीटर नीचे रह गई है। अगर नदी का पानी इसी तरह बढ़ा तो रविवार को नदी खतरे के निशान को पार कर देगी। नदी के पानी में बढ़ाव होने के कारण मांझा क्षेत्र के किसानो के सामने पशुओं के लिए चारा का संकट उत्पन्न हो गया है। किसान नाव द्वारा नदी को पार करके मांझा से चारा काट कर ला रहे है।
बता दे कि गुरुवार से नदी का जल स्तर बढना शुरु हुआ तो पानी एमबीडी बांध तक पहुंच गया। जिससे दियारा में बोई गई फसल जल मग्र हो गई। नदी का जल स्तर बढने से सबसे बडी समस्या मांझा क्षेत्र के किसानो को हो गई। पशुओ के लिए चारा काटने के लिए लोग जान जोखिम में डाल कर नाव से आ जा रहे है। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिशांषी अभियंता इंजीनियर दिनेश तिवारी ने नदी का जल स्तर स्थिर होने की बात कही है। उनका कहना कि नदी अयोध्या में 53 सेंटी मीटर खतरे के निशान से नीचे बह रही है। बांध को कोई खतरा नही है। वही ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह से नदी बढ़ी तो जल्द ही उनके गांवों में पानी भर जाएगा। नदी के बढ़ने से उसका पानी फसलों तक पहुंच गया है जिससे काफी संख्या में फसल डूब चुके है।
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बता दे कि गुरुवार से नदी का जल स्तर बढना शुरु हुआ तो पानी एमबीडी बांध तक पहुंच गया। जिससे दियारा में बोई गई फसल जल मग्र हो गई। नदी का जल स्तर बढने से सबसे बडी समस्या मांझा क्षेत्र के किसानो को हो गई। पशुओ के लिए चारा काटने के लिए लोग जान जोखिम में डाल कर नाव से आ जा रहे है। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिशांषी अभियंता इंजीनियर दिनेश तिवारी ने नदी का जल स्तर स्थिर होने की बात कही है। उनका कहना कि नदी अयोध्या में 53 सेंटी मीटर खतरे के निशान से नीचे बह रही है। बांध को कोई खतरा नही है। वही ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह से नदी बढ़ी तो जल्द ही उनके गांवों में पानी भर जाएगा। नदी के बढ़ने से उसका पानी फसलों तक पहुंच गया है जिससे काफी संख्या में फसल डूब चुके है।
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